Prayagraj : नगर निगम व प्राधिकरण के कार्यों की मजिस्ट्रेट से कराई जाएगी जांच, कमिश्नर ने बुलाई बैठक
महाकुंभ के मद्देनजर नगर निगम और प्रयागराज विकास प्राधिकरण की ओर से कराए निर्माण कार्यों की मजिस्ट्रेट से जांच कराई जाएगी। मंडलायुक्त की ओर से गठित टीमों ने रिपोर्ट सौंप दी है, लेकिन उनमें स्पष्टता नहीं है।
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महाकुंभ के मद्देनजर नगर निगम और प्रयागराज विकास प्राधिकरण की ओर से कराए निर्माण कार्यों की मजिस्ट्रेट से जांच कराई जाएगी। मंडलायुक्त की ओर से गठित टीमों ने रिपोर्ट सौंप दी है, लेकिन उनमें स्पष्टता नहीं है। इनमें कई तथ्य अधूरे हैं और आशंका जताई जा रही है कि जांच में एक-दूसरे को बचाने की कोशिश की गई है। इस पर मजिस्ट्रेट से जांच कराने का निर्णय लिया गया है। इसी क्रम में मंडलायुक्त ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में बैठक बुलाई है।
प्राधिकरण की ओर से बनाई गईं सड़कों व नालियों में कई स्तर पर गड़बड़ी मिली है। नगर निगम की ओर से ऐसी 44 नालियों की सूची भी सौंपी गई है। कई जगहों पर सड़कें उखड़ने लगी हैं तो वर्टिकल गार्डेन भी सूख गए हैं। इसी तरह की शिकायतें नगर निगम की ओर से कराए गए कार्यों को लेकर भी हैं। इतना ही नहीं तीन मार्गों पर तो पीडीए के बाद नगर निगम की ओर से भी स्ट्रीट लाइटें लगाने की शिकायतें हुई हैं। अमर उजाला के विभिन्न अंकों में इन गड़बड़ियों को उजागर करते हुई प्रमुखता से खबरें प्रकाशित की थीं।
इसी क्रम में मंडलायुक्त ने इन दोनों संस्थाओं की ओर से महाकुंभ के मद्देनजर कराए गए कुल 103 निर्माण कार्यों की जांच कराने का आदेश दिया था। इसके लिए मंडलायुक्त ने अभियंताओं की 21 टीमें गठित कीं। उन्हें 10 मई तक रिपोर्ट देनी थी, लेकिन उन्होंने कुछ और समय मांगा। हालांकि, मंगलवार तक 70 फीसदी जांच रिपोर्ट ही प्रस्तुत हो पाईं। यह रिपोर्ट भी अस्पष्ट हैं। सड़कों व नालियों की जांच रिपोर्ट में निर्माण कार्यों के बारे में बताया गया है, लेकिन मानक की जानकारी नहीं दी गई है।
इसी तरह से कई रिपोर्ट में मानक के बारे में बताया गया है, लेकिन कार्य की गुणवत्ता पर स्पष्ट तौर पर नहीं कहा गया है। इन रिपोर्टों से आशंका जताई जा रही है कि जांच कमेटी में शामिल अफसरों ने एक-दूसरे को बचाने की कोशिश की है। इसके चलते इनकी मजिस्ट्रेट से दोबारा जांच कराने का निर्णय लिया गया है। मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत का कहना है कि ज्यादातर टीमों ने जांच रिपोर्ट सौंप दी है। उनका अध्ययन किया जा रहा है। कई रिपोर्टों में स्पष्टता नहीं है। इनकी मजिस्ट्रेट से जांच कराई जाएगी। इसके लिए शुक्रवार को डीएम की मौजूदगी में कलेक्ट्रेट में बैठक बुलाई गई है। उसमें मजिस्ट्रेट भी मौजूद रहेंगे।
नालियों की कनेक्टिविटी पर बैठक कल
प्राधिकरण की ओर से सड़क चौड़ीकरण के संग बनाई गईं नालियों में जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई है। इन्हें कहीं कनेक्ट ही नहीं किया गया है। इसके अलावा नालियों की ढाल ठीक न होने समेत अन्य खामियां भी हैं। नगर निगम की ओर से ऐसी 44 नालियों की सूची सौंपी गई है। इस पर भी मंडलायुक्त की ओर से नगर आयुक्त और प्राधिकरण के उपाध्यक्ष की मौजूदगी में दोनों संस्थाओं के जिम्मेदार अफसरों की 22 मई को बैठक बुलाई गई है।