प्रदेश के अशासकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 3900 पद खाली पड़े हैं। केवल अभ्यर्थियों को ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग (यूपीएचईएससी) को भी रिक्त पदों पर भर्ती का इंतजार है। मई में प्राचार्य पद की भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद आयोग के पास भी कोई काम नहीं रह जाएगा। फिलहाल 3900 पदों का अधियाचन शासन में फंसा हुआ है। ऐसे में पद खाली होने के बाद भी आयोग भर्ती के लिए विज्ञापन जारी नहीं कर सकता है।
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- फोटो : अमर उजाला
यूपीएचईएससी की ओर से अशासकीय महाविद्यालयों में विज्ञापन संख्या 47 के तहत 35 विषयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 1150 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा कराई जा चुकी है। 33 विषयों का अंतिम चयन परिणाम भी जारी किया जा चुका है जबकि दो विषयों में इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब अंतिम चयन परिणाम का इंतजार है।
इसके बाद आयोग के पास केवल एक परीक्षा बचती है, जिसके तहत प्राचार्य के 290 पदों पर भर्ती होनी है। परीक्षा से लेकर तक का प्रस्तावित कार्यक्रम आयोग पहले ही जारी कर चुका है। कार्यक्रम के अनुसार परीक्षा का अंतिम चयन परिणाम 30 मई को प्रस्तावित है और इस परीक्षा के बाद आयोग के पास कोई काम नहीं रह जाएगा।
आयोग को भी असिस्टेंट प्रोफेसर के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए पदों का अधियाचन मिलने का इंतजार है। अशासकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के रिक्त पड़े 3900 पदों की सूची उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से शासन को भेजी जा चुकी है। वहां से सूची को हरी झंडी मिलने के बाद ही निदेशालय पदों का अधियाचन आयोग को भेजेगा और इसके बाद ही आयोग भर्ती के लिए विज्ञापन जारी कर सकेगा लेकिन शासन की ओर से इस बारे में अब तक कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं।
दरअसल, बेसिक से लेकर उच्च शिक्षा तक कर्मचारियों और शिक्षकों की भर्ती के लिए शिक्षा सेवा आयोग का गठन होना है और इस नए आयोग में उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग का भी विलय किया जाना है। नए आयोग के गठन की प्रक्रिया पूरी होने में वक्त लग सकता है। नए आयोग के लिए सदस्यों और अध्यक्ष की नियुक्ति के साथ कई औपचारिकताएं पूरी की जानी है।