उमेश पाल हत्याकांड : घर के पास बनवाया गया था उमेश की मौत का सामान, बमबाजों के सुराग में जुटी पुलिस
उमेश पाल हत्याकांड में एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। हत्याकांड में जिन बमों का इस्तेमाल किया गया, उन्हें उमेश के घर के पास ही स्थित धूमनगंज के ताड़बाग में बनवाया गया था। शूटरों ने एक पुराने बमबाज से संपर्क किया था और फिर उसने ही बम तैयार कर उन्हें दिए थे।
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उमेश पाल हत्याकांड में एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। हत्याकांड में जिन बमों का इस्तेमाल किया गया, उन्हें उमेश के घर के पास ही स्थित धूमनगंज के ताड़बाग में बनवाया गया था। शूटरों ने एक पुराने बमबाज से संपर्क किया था और फिर उसने ही बम तैयार कर उन्हें दिए थे। ऐसे में अब जल्द ही शहर के पुराने बमबाजों पर भी शिकंजा कसा जा सकता है।
धूमनगंज का ताड़बाग आपराधिक गतिविधियों का अड्डा रहा है। नशीले पदार्थों की तस्करी से लेकर बमबाजी के लिए भी यह इलाका कुख्यात रहा है। अब इसका संबंध में उमेश पाल हत्याकांड से भी जुड़ रहा है। यह बात भी सामने आई है कि उमेश की हत्या के लिए बम इसी ताड़बाग में बनवाए गए थे। इसके लिए फरार शूटरों में शामिल अतीक के करीबी ने एक पुराने बमबाज से संपर्क किया था। हालांकि उसे यह नहीं बताया गया था कि इन बमों का इस्तेमाल कहां किया जाना है। इसके बाद ही बमबाज ने बम तैयार कर शूटर को दिए थे। फिलहाल यह जानकारी सामने आने के बाद गोपनीय तरीके से शहर के पुराने बमबाजों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
बम के हमले में गई थी गनर राघवेंद्र की जान
बता दें कि उमेश के गनर राघवेंद्र सिंह की जान बम से किए गए हमले में हुई थी। घटना का सीसीटीवी फुटेज देखने से पता चला था कि कार के पास से उठकर राघवेंद्र जान बचाने के लिए गली में भागता है। इसी दौरान पीछे से आए गुड्डू मुस्लिम ने उस पर बम से हमला किया था। बम पहले दीवार और फिर राघवेंद्र के कंधे पर दाहिनी ओर लगा था जिसमें वह गंभीर रूप जख्मी हुआ था। इलाज के दौरान उसकी अस्पताल में सांसें थम गई थीं।