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Umesh Pal Murder Case: उमेश हत्याकांड एक महीने में पुलिस वहीं की वहीं, शूटर न जाने कहां, पढ़ें कब क्या हुआ?
Sat, 25 Mar 2023 10:36 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 25 Mar 2023 10:36 AM IST
सार
उमेश पाल हत्याकांड को एक माह बीत गया है। लेकिन पुलिस आरोपियों को नहीं पकड़ पाई है। अब तक पुलिस ने एक शूटर समेत दो को मुठभेड़ में मार गिराया है जबकि षड्यंत्र, रेकी और असलहा- पैसा छिपाने में छह को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी अभी पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
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उमेश पाल हत्याकांड। फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
माह-फरवरी। तारीख 24 फरवरी। शाम शुरू ही हो रही थी कि धूमनगंज का जयंतीपुर इलाका गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा। गोलियां की आवाज जब शांत हुई तो उमेश पाल और उनके एक गनर संदीप निषाद का शरीर निर्जीव हो चुका था। बाद में उनके गनर राघवेंद्र सिंह की भी मौत हो गई।
पुलिस को कुछ ही घंटों में पता चल गया था कि अतीक के बेटे और उसके गुर्गों ने घटना को अंजाम दिया। मतलब 24 फरवरी को ही पुलिस शूटरों के बारे में जान गई थी लेकिन एक महीना बीतने के बाद भी पुलिस वहीं की वहीं खड़ी है। शूटर न जाने कहां हैं।
उमेश पाल और अतीक अहमद की दुश्मनी 18 साल पुरानी थी। उमेश अपने रिश्तेदार और दोस्त राजू पाल की हत्या पर मुख्य गवाह बने थे। इसी कारण 2006 में उनका अपहरण कर लिया गया था। उन्हें मारा पीटा धमकाया गया। अतीक का ही खौफ था कि उमेश को अपना बयान बदलना पड़ा था। हालांकि उन्होंने खुद के अपहरण का जो मुकदमा दर्ज कराया था, उसकी वे लगातार पैरवी कर रहे थे।
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उन्हें हर तरह से धमकाया गया। उन पर हत्या का फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया। भरी कचहरी में उन पर हमला किया गया लेकिन, उमेश डिगे नहीं। जब अतीक को लगा कि इस केस में सजा हो जाएगी तो उसने जेल से ही उमेश के लिए मौत की सजा मुकर्रर कर दी। 24 फरवरी को अतीक के बेटे असद, गुड्डू मुस्लिम, गुलाम, साबिर, अरमान और विजय चौधरी उर्फ उस्मान ने उमेश को गोलियों से छलनी कर दिया।
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पुलिस को कुछ ही घंटों में पता चल गया था कि अतीक के बेटे और उसके गुर्गों ने घटना को अंजाम दिया। मतलब 24 फरवरी को ही पुलिस शूटरों के बारे में जान गई थी लेकिन एक महीना बीतने के बाद भी पुलिस वहीं की वहीं खड़ी है। शूटर न जाने कहां हैं।
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उमेश पाल और अतीक अहमद की दुश्मनी 18 साल पुरानी थी। उमेश अपने रिश्तेदार और दोस्त राजू पाल की हत्या पर मुख्य गवाह बने थे। इसी कारण 2006 में उनका अपहरण कर लिया गया था। उन्हें मारा पीटा धमकाया गया। अतीक का ही खौफ था कि उमेश को अपना बयान बदलना पड़ा था। हालांकि उन्होंने खुद के अपहरण का जो मुकदमा दर्ज कराया था, उसकी वे लगातार पैरवी कर रहे थे।
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उन्हें हर तरह से धमकाया गया। उन पर हत्या का फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया। भरी कचहरी में उन पर हमला किया गया लेकिन, उमेश डिगे नहीं। जब अतीक को लगा कि इस केस में सजा हो जाएगी तो उसने जेल से ही उमेश के लिए मौत की सजा मुकर्रर कर दी। 24 फरवरी को अतीक के बेटे असद, गुड्डू मुस्लिम, गुलाम, साबिर, अरमान और विजय चौधरी उर्फ उस्मान ने उमेश को गोलियों से छलनी कर दिया।
चार दिन बाद एनकाउंटर में अरबाज को मार गिराया
अगले दिन उमेश की पत्नी ने अतीक, अशरफ, शाइस्ता, अतीक के बेटे, गुड्डू मुस्लिम, उस्मान समेत अतीक के कई अज्ञात गुर्गों और सहयोगियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने घटना के चार दिन बाद एनकाउंटर में अरबाज को मार गिराया। अरबाज पर आरोप था कि घटना में प्रयुक्त क्रेटा कार वही चला रहा था।
गोरखपुर से सदाकत गिरफ्तार
इसके बाद गोरखपुर से सदाकत को गिरफ्तार किया गया। हफ्ते भर बाद पुलिस ने कौंधियारा में एनकाउंटर में विजय चौधरी उर्फ उस्मान को ढेर कर दिया। फिर 21 मार्च को पुलिस ने अतीक के कार्यालय से साढ़े 74 लाख रुपये, दस असलहे और 112 कारतूस बरामद करते हुए पांच को गिरफ्तार किया।
शाइस्ता को भी नहीं पकड़ पाई पुलिस
इन सारी बातों के बीच सबसे बड़ा यही सवाल है कि जो पांच लोग उमेश को गोली मारते दिख रहे हैं, वे कहां हैं? पुलिस उन्हें सात राज्यों से लेकर नेपाल तक ढूंढ रही है लेकिन, उनका कुछ पता नहीं चला है। एसटीएफ लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर की टीमें लगी हुई हैं। प्रयागराज में रहे तमाम तेज तर्रार दरोगाओं और इंस्पेक्टरों को स्पेशल ड्यूटी में बुलाया गया लेकिन किसी के पास शूटरों से संबंधित कोई जवाब नहीं है। शूटर छोड़िए, जिस शाइस्ता की भी उमेश पाल हत्याकांड में बड़ी भूमिका की बात बताई जा रही है, पुलिस उन्हें भी नहीं पकड़ पाई है।
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कब क्या हुआ
24 फरवरी : उमेश पाल और उनके गनर संदीप निषाद की हत्या, बाद में दूसरे गनर राघवेंद्र सिंह की भी मौत।
24 फरवरी : सीसीटीवी फुटेज से पुलिस ने अतीक के बेटे असद को पहचाना, उसके साथ ही गुड्डू मुस्लिम, गुलाम और अरमान को भी पहचाना गया। साबिर की पहचान कुछ दिनों बाद हुई।
25 फरवरी : उमेश की पत्नी ने अतीक, अशरफ, शाइस्ता परवीन, अतीक के बेटे, गुलाम, गुड्डू मुस्लिम समेत अन्य गुर्गों और सहयोगियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
24 फरवरी : सीसीटीवी फुटेज से पुलिस ने अतीक के बेटे असद को पहचाना, उसके साथ ही गुड्डू मुस्लिम, गुलाम और अरमान को भी पहचाना गया। साबिर की पहचान कुछ दिनों बाद हुई।
25 फरवरी : उमेश की पत्नी ने अतीक, अशरफ, शाइस्ता परवीन, अतीक के बेटे, गुलाम, गुड्डू मुस्लिम समेत अन्य गुर्गों और सहयोगियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
26 फरवरी : गोरखपुर से षड्यंत्रकारी सदाकत खान पकड़ा गया।
27 फरवरी : हत्याकांड में प्रयुक्त क्रेटा कार का चालक अरबाज मुठभेड़ में मारा गया।
छह मार्च : उमेश पाल को पहली गोली मारने वाला विजय चौधरी उर्फ उस्मान कौंधियारा क्षेत्र में मुठभेड़ में मारा गया।
11 मार्च : अतीक की पत्नी शाइस्ता पर 25 हजार का इनाम घोषित। शूटर साबिर के साथ सीसीटीवी फुटेज वायरल।
14 मार्च : असद समेत पांचों शूटरों पर उत्तर प्रदेश शासन ने पांच लाख का इनाम घोषित किया।
21 मार्च : अतीक अहमद के कार्यालय में छापा। पांच गुर्गों और कार्यालय से मिले साढ़े 74 लाख। पांच पिस्टल और पांच तमंचों के साथ 112 कारतूस मिले।
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27 फरवरी : हत्याकांड में प्रयुक्त क्रेटा कार का चालक अरबाज मुठभेड़ में मारा गया।
छह मार्च : उमेश पाल को पहली गोली मारने वाला विजय चौधरी उर्फ उस्मान कौंधियारा क्षेत्र में मुठभेड़ में मारा गया।
11 मार्च : अतीक की पत्नी शाइस्ता पर 25 हजार का इनाम घोषित। शूटर साबिर के साथ सीसीटीवी फुटेज वायरल।
14 मार्च : असद समेत पांचों शूटरों पर उत्तर प्रदेश शासन ने पांच लाख का इनाम घोषित किया।
21 मार्च : अतीक अहमद के कार्यालय में छापा। पांच गुर्गों और कार्यालय से मिले साढ़े 74 लाख। पांच पिस्टल और पांच तमंचों के साथ 112 कारतूस मिले।
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