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Prayagraj News: हल्दी गांठ रोग की चपेट में फसल, किसान परेशान
Wed, 24 Sep 2025 02:03 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Wed, 24 Sep 2025 02:03 AM IST
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शाही/मीरगंज। कटाई से पहले धान पर कंडुआ (हल्दी गांठ रोग) का असर दिखने लगा है। क्षेत्र में बड़े पैमाने पर धान की फसल इस रोग की चपेट में है। ऐसे में किसानों को धान के उत्पादन पर असर पड़ने का डर सता रहा है। उपचार पर खर्च भी बढ़ गया है।
किसानों के मुताबिक, प्रभावित खेतों में धान की बालियां पीली पड़ने लगी हैं। बालियों पर गोल-गोल पीले अंडे जैसे दाग नजर आ रहे हैं और तना इतना कमजोर हो गया है कि धान की फसल खेतों में गिरने लगी है।
क्षेत्र के किसान भूकनलाल, छेदालाल, त्रिवेणी पाल आदि ने बताया कि उन्होंने महंगी दवाओं का छिड़काव भी कराया, लेकिन बीमारी पर कोई असर नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि इस बार धान की फसल अच्छी थी। समय पर पानी बरसने से सिंचाई का खर्च भी कम हुआ। अच्छे उत्पादन की उम्मीद है।
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अब फसल के रोग की चपेट में आने से प्रभावित खेतों में उत्पादन घट जाएगा। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल सर्वे कराया जाए और उन्हें मुआवजा प्रदान किया जाए।
ऐसे करें पहचान :
इस बीमारी का प्रभाव बालियों में किसी-किसी दाने पर होता है। प्रभावित दाने आकार में काफी बड़े व घुंघरूओं जैसे होते हैं। रोगग्रस्त दानों के फटने पर उनमें नारंगी रंग का पदार्थ दिखाई देता है जो वास्तव में फफूंद हाता है। शुरू में इनका रंग सफेद फिर पीला और इसके बाद काला हो जाता है।
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किसानों के मुताबिक, प्रभावित खेतों में धान की बालियां पीली पड़ने लगी हैं। बालियों पर गोल-गोल पीले अंडे जैसे दाग नजर आ रहे हैं और तना इतना कमजोर हो गया है कि धान की फसल खेतों में गिरने लगी है।
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क्षेत्र के किसान भूकनलाल, छेदालाल, त्रिवेणी पाल आदि ने बताया कि उन्होंने महंगी दवाओं का छिड़काव भी कराया, लेकिन बीमारी पर कोई असर नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि इस बार धान की फसल अच्छी थी। समय पर पानी बरसने से सिंचाई का खर्च भी कम हुआ। अच्छे उत्पादन की उम्मीद है।
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अब फसल के रोग की चपेट में आने से प्रभावित खेतों में उत्पादन घट जाएगा। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल सर्वे कराया जाए और उन्हें मुआवजा प्रदान किया जाए।
ऐसे करें पहचान :
इस बीमारी का प्रभाव बालियों में किसी-किसी दाने पर होता है। प्रभावित दाने आकार में काफी बड़े व घुंघरूओं जैसे होते हैं। रोगग्रस्त दानों के फटने पर उनमें नारंगी रंग का पदार्थ दिखाई देता है जो वास्तव में फफूंद हाता है। शुरू में इनका रंग सफेद फिर पीला और इसके बाद काला हो जाता है।