देशव्यापी लॉक डाउन के चलते प्रयागराज आने वाले 500 से ज्यादा ट्रक देश के विभिन्न इलाकों पर बीच रास्ते खड़े हो गए है। जिले की बात करें तो यहां विभिन्न मार्गोपर 200 से ज्यादा ट्रक फंसे हुए हैं। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि ड्राइवर खलासी के पास अब चाय, पानी ,खाने तक के भी पैसे नहीं बचे हैं। इन ट्रकों पर कपड़े, फुटवियर सीमेंट एवं अन्य उत्पाद लदे हुए हैं।
बीच रास्ते कई दिनों से खड़े हैं प्रयागराज के 500 से ज्यादा ट्रक
संबंधित ड्राइवरों के पास खाने पीने के लिए अब पैसे नहीं बचे हैं ,वह परेशान हो रहे हैं । इलाहाबाद गुड्स ट्रांसपोर्ट एंड मोटर्स ऑपरेटर एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल कुशवाहा के मुताबिक केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन को लिखित आदेश दिया है जिन ट्रकों को अपने गंतव्य तक जाना है वह जा सकते हैं ।
जिन्हें माल खाली करना है वह अपनी गाड़ियों को खाली कर अपने गंतव्य की ओर जा सकते हैं । फिर भी सरकार के आला अफसर पुलिस प्रशासन के लोग गाड़ियों को नहीं निकलने दे रहे । अनिल कुशवाहा का दावा है कि जिले में ही विभिन्न स्थानों पर 200 से ज्यादा ट्रक फंसे हुए हैं । इनमें से बहुत से ट्रक ट्रांसपोर्ट नगर में खाली किए जाने हैं।
उन गाड़ियों में हार्डवेयर, कपड़े ,इलेक्ट्रिक गुड्स ,स्टेशनरी , पंखे मोटर पंप ,ड्रेस मटेरियल ,ड गुड्स पाइप फिटिंग्स, ग्रीस आदि आइटम लोड है । इसमें से तमाम आइटम खड़ी गाड़ियों में कड़ी धूप की वजह से खराब भी हो सकते हैं। इससे ट्रांसपोर्ट कंपनियों का भी नुकसान हो रहा है । उन्होंने बताया कि एक अनुमान के मुताबिक से प्रयागराज के ही ट्रांसपोर्ट व्यवसाय में कारोबारियों को औसतन एक करोड़ रुपए का प्रति दिन का नुकसान हो रहा है।
ट्रांसपोर्ट नगर के दिहाड़ी मजदूरों की ओर भी सरकार दें ध्यान : लॉक डाउन की वजह से ट्रांसपोर्ट नगर के दिहाड़ी मजदूरों का भी बुरा हाल है। ट्रकों की आवाजाही बंद हो जाने की वजह से ट्रांसपोर्ट नगर के तकरीबन 300 दिहाड़ी मजदूर बेरोजगार हो गए हैं। ट्रांसपोर्ट व्यवसाई अजय कुमार ने बताया कि अधिकांश दिहाड़ी मजदूर अपने अपने गांव चले गए जो बचे हैं उनके पास अपनी जीविका चलाने का अब कोई साधन नहीं बचा। कुछ संस्था के लोग यहां दिन में तो मजदूरों को खाना खिलाने के लिए आ रहे हैं लेकिन रात के समय मजदूरों का हालचाल लेने वाला कोई नहीं।