{"_id":"5e1639cd8ebc3e87dc406fa1","slug":"the-then-co-summoned-in-the-23-year-old-case-allahabad-news-ald265185342","type":"story","status":"publish","title_hn":"नोएडा एसपी सिटी कोर्ट में तलब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नोएडा एसपी सिटी कोर्ट में तलब
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रयागराज। 23 साल पुराने एससीएसटी मुकदमे में गवाही में उपस्थित न होने पर कोर्ट ने तत्कालीन सीओ सुधा सिंह और बनवारी लाल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। प्रकरण की अगली सुनवाई एक फरवरी को होगी। मामले की सुनवाई एडीजे इंद्रजीत सिंह कर रहे हैं।
शासकीय अधिवक्ता मारुत्यानंद मिश्र और एडीजीसी श्रीप्रकाश शुक्ल ने बताया कि प्रकरण 23 साल पुराना है। मुकदमा साक्ष्य में लंबित है। प्रकरण में विवेचक रहे तत्कालीन सीओ बनवारी लाल और सीओ सुधा सिंह अभियोजन गवाह हैं। कोर्ट द्वारा कई बार गवाही के लिए नोटिस, जमानती वारंट भेजा गया था लेकिन, दोनों विवेचक गवाही देने उपस्थित नहीं हुए। कोर्ट ने दोनों गवाहों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। पैरोकार कोर्ट में हर बार गवाहों के उपस्थित न होने की अर्जी देकर मुकदमे को स्थगित किए जाने की याचना कोर्ट से करता है।
घटना नौ मार्च 1997 की फूलपुर थाने के कनौजा कला गांव की है। वादी भुल्लन ने राजेंद्र प्रताप सहित छह अभियुक्तों के खिलाफ बलवा, घर में घुस कर मारपीट करने, जान से मारने की धमकी और एससीएसटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें तीन अभियुक्तों की दौरान मुकदमा मौत हो चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शासकीय अधिवक्ता मारुत्यानंद मिश्र और एडीजीसी श्रीप्रकाश शुक्ल ने बताया कि प्रकरण 23 साल पुराना है। मुकदमा साक्ष्य में लंबित है। प्रकरण में विवेचक रहे तत्कालीन सीओ बनवारी लाल और सीओ सुधा सिंह अभियोजन गवाह हैं। कोर्ट द्वारा कई बार गवाही के लिए नोटिस, जमानती वारंट भेजा गया था लेकिन, दोनों विवेचक गवाही देने उपस्थित नहीं हुए। कोर्ट ने दोनों गवाहों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। पैरोकार कोर्ट में हर बार गवाहों के उपस्थित न होने की अर्जी देकर मुकदमे को स्थगित किए जाने की याचना कोर्ट से करता है।
विज्ञापन
घटना नौ मार्च 1997 की फूलपुर थाने के कनौजा कला गांव की है। वादी भुल्लन ने राजेंद्र प्रताप सहित छह अभियुक्तों के खिलाफ बलवा, घर में घुस कर मारपीट करने, जान से मारने की धमकी और एससीएसटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें तीन अभियुक्तों की दौरान मुकदमा मौत हो चुकी है।
विज्ञापन