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संगीनों के साए में रहा शहर, चप्पे-चप्पे पर रही नजर
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The city remained under the shadow of the bayonets, keeping an eye on the rumble
- फोटो : ALDCOMPACT
संगीनों के साए में शहर, चप्पे-चप्पे पर रही नजर
सड़कों पर उतार दी गई जिले भर की फोर्स, सहमे राहगीर
आरएएफ के साथ पीएसी के जवानों की भी की गई तैनात
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। नागरिकता संशोधन कानून(सीएए) के विरोध में प्रदर्शन को देखते हुए शुक्रवार को दिन भर शहर संगीनों के साए में रहा। इस दौरान जिले भर की फोर्स शहर की सड़कों पर उतार दी गई। जिसे देखकर लोग अनहोनी की आशंका में सहमे रहे। हालात यह रहे कि संवेदनशील स्थानों पर ही नहीं, हर 50-100 मीटर पर फोर्स तैनात रही। दंगा नियंत्रण उपकरणों से लैस पुलिसकर्मियों की चप्पे-चप्पे पर नजर रही और देर रात तक शहर छावनी में तब्दील रहा।
सीएए के विरोध को लेकर शहर में एक दिन पहले जिस तरह का प्रदर्शन हुआ उसे देखकर पुलिस व प्रशासनिक अफसरों के माथे पर बल पड़ गए थे। ऐसे में शुक्रवार को इससे भी बड़े पैमाने पर विरोध की आशंका जताई जा रही थी। यही वजह रही कि अफसर देर रात तक बैठकों में मशगूल रहकर सुरक्षा व्यवस्था की रणनीति को अंतिम रूप देते रहे। जिसके तहत जब तक लोगों की नींद टूटती, पूरा शहर छावनी में तब्दील कर दिया गया। सुबह नौ बजते-बजते जिले भर की फोर्स शहर में उतार दी गई। इसमें ग्रामीण इलाकों के थानों की भी फोर्स शामिल थी। खुल्दाबाद में अटाला, शाहगंज में दायरा चौराहा, करेली में बैरियर तिराहा, अतरसुइया में रानीमंडी के साथ ही जार्जटाउन में सपा कार्यालय के बाहर व बालसन चौराहे, कर्नलगंज में कलेक्ट्रेट, मुस्लिम बोर्डिंग समेत तमाम हॉस्टलों, सिविल लाइंस में हनुमान मंदिर चौराहा, पीडी टंडन पार्क के बाहर समेत अन्य इलाकों में जगह-जगह चौतरफा पुलिसकर्मियों को देख राहगीर भी सहम गए। सुभाष चौराहे व कोतवाली के आसपास क्षेत्र में पीएसी के साथ ही रैपिड एक्शन फोर्स(आरएएफ) की टुकड़ियां भी तैनात कर दी गईं। ड्यूटी पर लगाए गए सभी जवानोें को दंगा नियंत्रण उपकरणेां से लैस किया गया था। दोपहर 12 बजे तक स्थिति सामान्य रहने पर सभी थानों की फोर्स को अपने-अपने क्षेत्रों में स्थित मस्जिदों के बाहर के हालात पर नजर रखने के लिए भेज दिया गया। जहां जुमे की नमाज होनी थी। जिसमें पुराने शहर के इलाकों को छोड़कर अन्य जगहों पर स्थिति सामान्य रहने पर पुलिस ने राहत की सांस ली। हालांकि देर शाम तक अलग-अलग इलाकों में पुलिस टीमें लगातार भ्रमण करती रहीं। एसपी सिटी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कहीं भी किसी तरह की अप्रिय स्थिति की सूचना नहीं रही। पुलिस फोर्स लगातार भ्रमण पर है। हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
दंगा नियंत्रण उपकरणों से लैस थी फोर्स
प्रदेश के अन्य शहरों में हुए बवाल को देखते हुए यहां भी उग्र प्रदर्शन की आशंका जताई जा रही थी। ऐसे में पुलिस ने ऐसे प्रदर्शन की हालत में उपद्रवियों से निपटने की भी पूरी तैयारी की थी। जवानों को जहां बैटन, बॉडी प्रोटेक्टर व हेलमेट से लैस किया गया था वहीं वाटर कैनन व टियर गैस वैन की भी व्यवस्था की गई थी। सिविल लाइंस में सुभाष चौराहा व कोतवाली के पास वाटर कैनन वैन के साथ ही फायर ब्रिगेड की गाड़ी बुलाई गई थी। उधर इन दोनों स्थानों पर टियर गैस गन लेकर भी जवान मुस्तैद रहे।
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डेढ़ हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी रहे तैनात
पुलिस अफसरों ने बताया कि शुक्रवार को शहर भर में कुल मिलाकर डेढ़ हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी सुरक्षा ड्यूटी में तैनात किए गए थे। इनमें 1000 से ज्यादा सिपाही, 150 से ज्यादा सब इंस्पेक्टर, 25 इंस्पेक्टर के साथ जनपद में तैनात सभी सीओ व एडिशनल एसपी शामिल थे। इसके अलावा आरएएफ व पीएसी की एक-एक कपंनी भी कोतवाली व सिविल लाइंस में तैनात रहीं। माघ मेले के लिए आई फोर्स व अफसरों की भी ड्यूटी सुरक्षा व्यवस्था में लगाई गई।
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सड़कों पर उतार दी गई जिले भर की फोर्स, सहमे राहगीर
आरएएफ के साथ पीएसी के जवानों की भी की गई तैनात
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। नागरिकता संशोधन कानून(सीएए) के विरोध में प्रदर्शन को देखते हुए शुक्रवार को दिन भर शहर संगीनों के साए में रहा। इस दौरान जिले भर की फोर्स शहर की सड़कों पर उतार दी गई। जिसे देखकर लोग अनहोनी की आशंका में सहमे रहे। हालात यह रहे कि संवेदनशील स्थानों पर ही नहीं, हर 50-100 मीटर पर फोर्स तैनात रही। दंगा नियंत्रण उपकरणों से लैस पुलिसकर्मियों की चप्पे-चप्पे पर नजर रही और देर रात तक शहर छावनी में तब्दील रहा।
सीएए के विरोध को लेकर शहर में एक दिन पहले जिस तरह का प्रदर्शन हुआ उसे देखकर पुलिस व प्रशासनिक अफसरों के माथे पर बल पड़ गए थे। ऐसे में शुक्रवार को इससे भी बड़े पैमाने पर विरोध की आशंका जताई जा रही थी। यही वजह रही कि अफसर देर रात तक बैठकों में मशगूल रहकर सुरक्षा व्यवस्था की रणनीति को अंतिम रूप देते रहे। जिसके तहत जब तक लोगों की नींद टूटती, पूरा शहर छावनी में तब्दील कर दिया गया। सुबह नौ बजते-बजते जिले भर की फोर्स शहर में उतार दी गई। इसमें ग्रामीण इलाकों के थानों की भी फोर्स शामिल थी। खुल्दाबाद में अटाला, शाहगंज में दायरा चौराहा, करेली में बैरियर तिराहा, अतरसुइया में रानीमंडी के साथ ही जार्जटाउन में सपा कार्यालय के बाहर व बालसन चौराहे, कर्नलगंज में कलेक्ट्रेट, मुस्लिम बोर्डिंग समेत तमाम हॉस्टलों, सिविल लाइंस में हनुमान मंदिर चौराहा, पीडी टंडन पार्क के बाहर समेत अन्य इलाकों में जगह-जगह चौतरफा पुलिसकर्मियों को देख राहगीर भी सहम गए। सुभाष चौराहे व कोतवाली के आसपास क्षेत्र में पीएसी के साथ ही रैपिड एक्शन फोर्स(आरएएफ) की टुकड़ियां भी तैनात कर दी गईं। ड्यूटी पर लगाए गए सभी जवानोें को दंगा नियंत्रण उपकरणेां से लैस किया गया था। दोपहर 12 बजे तक स्थिति सामान्य रहने पर सभी थानों की फोर्स को अपने-अपने क्षेत्रों में स्थित मस्जिदों के बाहर के हालात पर नजर रखने के लिए भेज दिया गया। जहां जुमे की नमाज होनी थी। जिसमें पुराने शहर के इलाकों को छोड़कर अन्य जगहों पर स्थिति सामान्य रहने पर पुलिस ने राहत की सांस ली। हालांकि देर शाम तक अलग-अलग इलाकों में पुलिस टीमें लगातार भ्रमण करती रहीं। एसपी सिटी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कहीं भी किसी तरह की अप्रिय स्थिति की सूचना नहीं रही। पुलिस फोर्स लगातार भ्रमण पर है। हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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दंगा नियंत्रण उपकरणों से लैस थी फोर्स
प्रदेश के अन्य शहरों में हुए बवाल को देखते हुए यहां भी उग्र प्रदर्शन की आशंका जताई जा रही थी। ऐसे में पुलिस ने ऐसे प्रदर्शन की हालत में उपद्रवियों से निपटने की भी पूरी तैयारी की थी। जवानों को जहां बैटन, बॉडी प्रोटेक्टर व हेलमेट से लैस किया गया था वहीं वाटर कैनन व टियर गैस वैन की भी व्यवस्था की गई थी। सिविल लाइंस में सुभाष चौराहा व कोतवाली के पास वाटर कैनन वैन के साथ ही फायर ब्रिगेड की गाड़ी बुलाई गई थी। उधर इन दोनों स्थानों पर टियर गैस गन लेकर भी जवान मुस्तैद रहे।
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डेढ़ हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी रहे तैनात
पुलिस अफसरों ने बताया कि शुक्रवार को शहर भर में कुल मिलाकर डेढ़ हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी सुरक्षा ड्यूटी में तैनात किए गए थे। इनमें 1000 से ज्यादा सिपाही, 150 से ज्यादा सब इंस्पेक्टर, 25 इंस्पेक्टर के साथ जनपद में तैनात सभी सीओ व एडिशनल एसपी शामिल थे। इसके अलावा आरएएफ व पीएसी की एक-एक कपंनी भी कोतवाली व सिविल लाइंस में तैनात रहीं। माघ मेले के लिए आई फोर्स व अफसरों की भी ड्यूटी सुरक्षा व्यवस्था में लगाई गई।