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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Swine flu OPD to start at SRN today; hospital administration takes the step in view of the infection.

Prayagraj : एसआरएन में आज से चलेगी स्वाइन फ्लू की ओपीडी, संक्रमण को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने उठाया कदम

Sun, 30 Aug 2026 07:46 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 30 Aug 2026 07:46 PM IST
सार

संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए स्वरूप रानी नेहरू (एसआरएन) चिकित्सालय में सोमवार से स्वाइन फ्लू की ओपीडी अलग से चलेगी। ओपीडी कॉम्पलेक्स में दूसरी मंजिल पर स्थित टीबी-चेस्ट विभाग के बगल कमरे में मरीजाें को देखा जाएगा।

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Swine flu OPD to start at SRN today; hospital administration takes the step in view of the infection.
symptoms of swine flu - फोटो : AI

विस्तार

संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए स्वरूप रानी नेहरू (एसआरएन) चिकित्सालय में सोमवार से स्वाइन फ्लू की ओपीडी अलग से चलेगी। ओपीडी कॉम्पलेक्स में दूसरी मंजिल पर स्थित टीबी-चेस्ट विभाग के बगल कमरे में मरीजाें को देखा जाएगा। इसके लिए अलग से रजिस्ट्रेशन पर्चा नहीं बनाया जाएगा।

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स्वाइन फ्लू के लक्षण सामने आने पर मेडिसिन विभाग मरीज को पल्मोनरी विभाग रेफर करेगा। पॉजिटिव आने पर मरीज को आइसोलेशन वार्ड में चिकित्सकों की गहन निगरानी में रखा जाएगा। अस्पताल प्रशासन ने आइसोलेशन वार्ड में ऑक्सीजन, वेंटिलेटर व औषधि के इंतजाम किए हैं।

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मौसमी स्वाइन फ्लू

स्वाइन फ्लू इन्फ्लूएंजा-ए के एच-1 एन-1 वायरस के कारण होने वाली संक्रामक श्वसन बीमारी है। इसे मौसमी या मौसमी बदलाव वाला फ्लू भी कहा जाता है क्योंकि बारिश या ठंड के मौसम में इसके फैलने की रफ्तार बढ़ जाती है।

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स्वाइन फ्लू से ऐसे करें बचाव

1. अपने हाथों को दिन में कई बार साबुन और पानी से कम से कम 20 सेकंड तक धोएं। अल्कोहल-युक्त हैंड सैनिटाइजर का भी उपयोग कर सकते हैं।

2. भीड़भाड़ वाले इलाकों और बंद स्थानों पर जाते समय ट्रिपल-लेयर सर्जिकल मास्क व फेस मास्क पहनें।

3. खांसते और छींकते समय नाक और मुंह को टिश्यू पेपर व रुमाल से ढकें। टिश्यू न होने पर अपनी हथेली की बजाय कोहनी का इस्तेमाल करें। इस्तेमाल किए गए टिश्यू को तुरंत कूड़ेदान में फेंकें।

4. बिना धुले हाथों से अपनी आंख, नाक और मुंह को छूने से बचें, क्योंकि वायरस इस प्रकार शरीर में प्रवेश कर सकता है।

5. फ्लू जैसे लक्षणों (बुखार, खांसी, जुकाम) से पीड़ित व्यक्तियों से उचित दूरी बनाए रखें।

6. जोखिम वाले समूहों के लिए डॉक्टर की सलाह पर वार्षिक फ्लू का टीका लगवाएं।
7. अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत रखने के लिए पौष्टिक आहार लें। पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं और शरीर को पूरा आराम दें।

स्वाइन फ्लू के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए अस्पताल में अलग से ओपीडी चलाई जाएगी। इसकी निगरानी पल्मोनरी विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सक करेंगे। संदिग्ध मरीजों को मेडिसिन विभाग से पल्मोनरी के लिए रेफर किया जाएगा। - डॉ. एके वर्मा, प्राचार्य, एमएलएन मेडिकल कॉलेज

यह मौसमी स्वाइन फ्लू है। इससे घबराने की जरूरत नहीं है। अगर अचानक से तेज बुखार आता है और सांस लेने में परेशानी होती है तो बिना देर किए चिकित्सक को दिखाएं। जिससे समय पर उपचार शुरू हो सके। - डॉ. एडी शुक्ला, प्रोफेसर, पल्मोनरी विभाग, एमएलएन मेडिकल कॉलेज

बेली और कॉल्विन अस्पताल में भी अलग से फीवर ओपीडी

मोती लाल नेहरू मंडलीय चिकित्सालय (कॉल्विन) और तेज बहादुर सप्रू अस्पताल (बेली) में भी स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए सोमवार से अलग कमरा नंबर-26 में फीवर ओपीडी चलेगी। बुखार की स्थिति में मरीज की स्क्रीनिंग इसी ओपीडी में होगी। इसके अलावा कॉल्विन में 25 और बेली में पांच बेड को स्वाइन फ्लू के लिए आरक्षित किया गया है। जहां ऑक्सीजन वेंटिलेटर की व्यवस्था रहेगी। दोनों अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियाें को बुखार से बचाव के लिए इन्फ्लूएंजा वैक्सीन का टीका लगाया जाएगा। चिकित्सकों को टीका लग चुका है।

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