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Mahakumbh : सुमेरु पीठाधीश्वर बोले- काशी की संस्कृति पर संकट को श्रीराम जन्मभूमि की तरह करेंगे दूर

Sun, 16 Feb 2025 07:50 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 16 Feb 2025 07:50 PM IST
सार

श्रीराम जन्मभूमि की तर्ज पर ही ज्ञानवापी सहित सभी मंदिरों को मुक्त कराया जाएगा। काशी की संस्कृति पर जो संकट मंडरा रहा है, उसका समाधान श्रीराम जन्मभूमि की तरह ही निकाला जाएगा।

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Sumeru Peethadhishwar said- Will remove the crisis on the culture of Kashi like Shri Ram Janmabhoomi
काशी सुमेरुपीठाधीश्वर स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

श्रीराम जन्मभूमि की तर्ज पर ही ज्ञानवापी सहित सभी मंदिरों को मुक्त कराया जाएगा। काशी की संस्कृति पर जो संकट मंडरा रहा है, उसका समाधान श्रीराम जन्मभूमि की तरह ही निकाला जाएगा। श्री आदि महादेव काशी धर्मालय मुक्ति न्यास की ओर से रविवार को महाकुंभ की धरती से काशी में सनातन संस्कृति बचाओ जनजागरण अभियान आरंभ हुआ। श्री सुमेर पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज ने कहा, काशी अक्षुण्ण धरोहर है। वर्तमान में काशी की पुरातन संस्कृति और धर्म पर जो भी संकट आएगा, उसे श्री राम जन्मभूमि की तरह ही दूर करेंगे।

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सेक्टर-19 के शिविर में बैठक के दौरान संतों ने काशी में सनातन संस्कृति बचाओ जन जागरण अभियान को आशीर्वाद और समर्थन दिया। संतों की उपस्थिति में पांच प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक में काशी को धार्मिक नगरों की तर्ज पर सनातन धर्म नगर घाेषित करने और पंचक्रोशी परिक्रमा मार्ग के साथ-साथ चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग को व्यवस्थित करने की मांग की गई। इसके अलावा ज्ञानवापी सहित मुगल आक्रांताओं द्वारा क्षतिग्रस्त किए गए बिंदु माधव मंदिर, कृतिवासेश्वर मंदिर, लाट भैरव, अविमुक्तेश्वर मंदिर, वक्रार्क कुंड मंदिर, शुष्केश्वर महादेव मंदिरों को शीघ्र मुक्त कराने के लिए कदम उठाने की सरकार से मांग की गई।

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पंचक्रोशी क्षेत्र में मांस, मंदिरा और मछली पर प्रतिबंध, शत्रु संपत्ति की जांच कराने और साईं की मूर्तियों को बाहर करने का मुद्दा उठाया गया। वक्फ बोर्ड द्वारा हिंदू समाज एवं सनातन मंदिरों की हड़पी गई जमीनों की समस्याओं के समाधान के लिए बोर्ड को पूर्णता तत्काल समाप्त करने की मांग की गई। इस अवसर पर न्यास द्वारा प्रस्तावित सभी पांच मांगों पर संत जनों ने आंदोलन के लिए सहयोग का आश्वासन दिया। न्यास के कार्यकारी अध्यक्ष संजीव चंद्र त्रिपाठी, धर्माचार्य प्रमुख अजय महाराज और न्यासी पवन पाठक ने विचार व्यक्त किए।

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पांच मांगें

  • काशी को धार्मिक नगरों की तर्ज पर सनातन धर्म नगर घाेषित किया जाए। पंचक्रोशी परिक्रमा मार्ग के साथ-साथ चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग को व्यवस्थित किया जाए।
  • ज्ञानवापी सहित मुगल आक्रांताओं द्वारा क्षतिग्रस्त किए गए बिंदु माधव मंदिर, कृतिवासेश्वर मंदिर, लाट भैरव, अविमुक्तेश्वर मंदिर, वक्रार्क कुंड मंदिर, शुष्केश्वर महादेव मंदिरों को शीघ्र मुक्त कराने के लिए कदम उठाएं।
  • आनंद कानन वन अर्थात पंचक्रोशी परिक्रमा मार्ग की विधर्मियों द्वारा अपवित्र की जा रही भूमि से कब्र, मजार, मस्जिद, बूचड़खाना और विधर्मी स्थलों को मुक्त कराने के लिए संवैधानिक तरीके से कदम उठाए जाएं। संपूर्ण क्षेत्र से मांस, मछली, अंडा के उपयोग, उपभोग और क्रय विक्रय पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
  • काशी की सभी शत्रु संपत्तियों की जांच कराकर तत्काल सरकार अपने कब्जे में ले। उस जमीन पर स्कूल, अस्पताल तथा पार्क का निर्माण कराया जाए। काशी के सभी मंदिरों से साईं की मूर्ति को बाहर कराया जाए।
  • नगर निगम की सीमा के अंदर एवं पंचक्रोशी सीमा के अंदर ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर प्रतिबंध लगाया जाए।
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