Prayagraj : कान पकड़कर मुर्गा बने छात्रों ने कहा, गलती हुई जो डीएलएड कर लिया
प्राथमिक शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग पर आठ दिनों से धरने पर बैठे अभ्यर्थी सांकेतिक रूप से अपना विरोध दर्ज कराने के लिए कान पकड़कर मुर्गा बने।
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प्राथमिक शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग पर आठ दिनों से धरने पर बैठे अभ्यर्थी सांकेतिक रूप से अपना विरोध दर्ज कराने के लिए कान पकड़कर मुर्गा बने। वहीं, राज्यसभा सदस्य संजय सिंह व युवा सांसद पुष्पेंद्र सरोज बुधवार को छात्रों के समर्थन में उतर आए।
छात्रों ने मुर्गा बनकर सरकार से गुहार लगाई कि हमसे गलती हो गई, जो हमने मास्टर बनने के लिए डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (डीएलएड) का कोर्स कर लिया। अगर हमने डीएलएड न किया होता तो आज नौकरी के लिए दर-दर की ठोकरें न खानी पड़तीं। अभ्यर्थियों ने प्राथमिक शिक्षक भर्ती के लिए छह जून को आयोग पर महाआंदोलन की घोषणा की है, जिसमें प्रदेश भर से छात्र शामिल होंगे।
वहीं, आम आदमी पार्टी (आप) से राज्यसभा सदस्य संजय सिंह और देश के सबसे युवा सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने भी शिक्षक भर्ती को लेकर मुद्दा उठाया। उन्होंने एक रिपोर्ट के आधार पर दावा किया कि प्राथमिक शिक्षकों के 181276 पद खाली हैं। अभ्यर्थी नौकरी के लिए भटक रहे हैं। कहा कि सदन में इस मुद्दे को रखेंगे।
धरने का नेतृत्व डीएलएड प्रशिक्षित मोर्च के प्रदेश अध्यक्ष रजत सिंह ने कहा कि आयोग की ओर से दिए गए आश्वासन की मियाद छह जून को पूरी हो रही है। अगर आश्वासन के आधार पर कुछ नहीं होता है तो छात्र छह को फिर से महाधरने का आयोजन करेंगे। इस मौके पर छात्र विनय सिंह, रोहित तिवारी, विपुल यादव, मुकेश कुमार, सुनील यादव, राज मौर्य, नीरज सिंह, धर्मवीर मौर्या, शिवम धीमान, संदीप, दीपेश, सुनील यादव रहे।
सात साल से लाखों अभ्यर्थियों को नौकरी का इंतजार
प्राथमिक शिक्षक भर्ती का पिछला विज्ञापन वर्ष 2018 में जारी किया गया था। इसके बाद कोई भर्ती नहीं हुई और इन सात वर्षों में तकरीबन 16 लाख छात्रों ने डीएलएड का कोर्स पूरा कर लिया, जिन्हें अब नौकरी के लिए नई प्राथमिक शिक्षक भर्ती का इंतजार है।
आयोग और शिक्षा विभाग की खींचतान में पिस रहे अभ्यर्थी
शिक्षक भर्ती के मामले में रिक्त पदों के अधियाचन के प्रारूप को लेकर शिक्षा सेवा चयन आयोग और शिक्षा विभाग के बीच खींचतान में अभ्यर्थी पिस रहे हैं। बेसिक, माध्यमिक व उच्च शिक्षा के अफसरों की आयोग के प्रतिनिधियों के साथ 10 बार बैठकें हो चुकी हैं। लेकिन, अब तक अधियाचन के प्रारूप को लेकर आपसी सहमति नहीं बन सकी है। यही वजह है कि विभाग आयोग को रिक्त पदों का अधियाचन नहीं भेज रहे हैं। अधियाचन न मिलने के कारण आयोग बेसिक, माध्यमिक व उच्च शिक्षा में शिक्षकों के पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी नहीं कर रहा है।
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