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Prayagraj News: खनन प्रभावित क्षेत्र के स्कूलों की बदलेगी सूरत, फर्नीचर खरीद को मंजूरी
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खनन प्रभावित क्षेत्र के जूनियर व प्राथमिक विद्यालयों की सूरत बदलने जा रही है। सभी विद्यालयों में बच्चों के बैठने के लिए फर्नीचर की व्यवस्था की जाएगी। जिला खनिज फाउंडेशन न्यास, प्रयागराज के शासी परिषद एवं प्रबंध समिति ने फर्नीचर खरीद को मंजूरी दे दी है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में खनन क्षेत्र के विकास के लिए 15 करोड़ रुपये का खर्च प्रस्तावित है। कलक्ट्रेट के संगम सभागार में फूलपुर सांसद प्रवीण पटेल की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई समिति की बैठक में कहा गया कि जिला खनिज फाउंडेशन न्यास की धनराशि का उपयोग खनन प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, स्वच्छता के विकास पर किया जाएगा।
सभी जनप्रतिनिधियों को इन क्षेत्रों के विकास के लिए प्रस्ताव तीन दिनों में उपलब्ध कराने के लिए कहा गया ताकि उन्हें भी कार्ययोजना में शामिल किया जा सके।
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यह भी तय हुआ कि विद्यालयों में फर्नीचर की व्यवस्था होने के बाद शौचालय, पंखा, वाटर कूलर, स्मार्ट क्लास, दिव्यांग बच्चों के लिए ब्रेललिपि व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक व्यवस्थाएं एवं खनन वाहनों से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत कराई जाएगी। सांसद व सदस्यों ने अवैध खनन पर रोक लगाने के निर्देश दिए।
बैठक में विधायक कोरांव राजमणि कोल, विधायक फूलपुर दीपक पटेल, विधायक करछना पीयूष रंजन निषाद, सांसद इलाहाबाद के प्रतिनिधि विनय कुशवाहा, विधायक शहर पश्चिम के प्रतिनिधि प्रमोद कुमार, मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, एडीएम प्रशासन उपमा पांडेय, वरिष्ठ खनन अधिकारी केके राय, बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार मौजूद रहे।
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10 किमी की परिधि में आने वाले गांव खनन प्रभावित क्षेत्र
- वरिष्ठ खनन अधिकारी केके राय ने बताया कि पांच किमी की परिधि में आने वाले राजस्व ग्रामों को प्रत्यक्ष और पांच से 10 किमी की परिधि में आने वाले राजस्व ग्रामों को अप्रत्यक्ष रूप से खनन प्रभावित क्षेत्र में शामिल किए जाने का प्रावधान है।
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70:30 के अनुपात में खर्च होगी धनराशि
- जिला खनिज फाउंडेशन न्यास की धनराशि 2026-27 से 2030-31 तक प्रति वर्ष 70:30 के अनुपात में खर्च की जाएगी। खनन से प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित गांवों में 70 फीसदी व अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित गांवों में 30 फीसदी धनराशि खर्च होगी। प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित गांवों में खर्च की निर्धारित राशि का 70 फीसदी हिस्सा उच्च प्राथमिकता वाले कार्यों पर और 30 फीसदी अन्य प्राथमिकता वाले कार्यों पर व्यय होगा।
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वित्तीय वर्ष 2026-27 में खनन क्षेत्र के विकास के लिए 15 करोड़ रुपये का खर्च प्रस्तावित है। कलक्ट्रेट के संगम सभागार में फूलपुर सांसद प्रवीण पटेल की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई समिति की बैठक में कहा गया कि जिला खनिज फाउंडेशन न्यास की धनराशि का उपयोग खनन प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, स्वच्छता के विकास पर किया जाएगा।
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सभी जनप्रतिनिधियों को इन क्षेत्रों के विकास के लिए प्रस्ताव तीन दिनों में उपलब्ध कराने के लिए कहा गया ताकि उन्हें भी कार्ययोजना में शामिल किया जा सके।
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यह भी तय हुआ कि विद्यालयों में फर्नीचर की व्यवस्था होने के बाद शौचालय, पंखा, वाटर कूलर, स्मार्ट क्लास, दिव्यांग बच्चों के लिए ब्रेललिपि व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक व्यवस्थाएं एवं खनन वाहनों से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत कराई जाएगी। सांसद व सदस्यों ने अवैध खनन पर रोक लगाने के निर्देश दिए।
बैठक में विधायक कोरांव राजमणि कोल, विधायक फूलपुर दीपक पटेल, विधायक करछना पीयूष रंजन निषाद, सांसद इलाहाबाद के प्रतिनिधि विनय कुशवाहा, विधायक शहर पश्चिम के प्रतिनिधि प्रमोद कुमार, मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, एडीएम प्रशासन उपमा पांडेय, वरिष्ठ खनन अधिकारी केके राय, बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार मौजूद रहे।
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10 किमी की परिधि में आने वाले गांव खनन प्रभावित क्षेत्र
- वरिष्ठ खनन अधिकारी केके राय ने बताया कि पांच किमी की परिधि में आने वाले राजस्व ग्रामों को प्रत्यक्ष और पांच से 10 किमी की परिधि में आने वाले राजस्व ग्रामों को अप्रत्यक्ष रूप से खनन प्रभावित क्षेत्र में शामिल किए जाने का प्रावधान है।
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70:30 के अनुपात में खर्च होगी धनराशि
- जिला खनिज फाउंडेशन न्यास की धनराशि 2026-27 से 2030-31 तक प्रति वर्ष 70:30 के अनुपात में खर्च की जाएगी। खनन से प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित गांवों में 70 फीसदी व अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित गांवों में 30 फीसदी धनराशि खर्च होगी। प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित गांवों में खर्च की निर्धारित राशि का 70 फीसदी हिस्सा उच्च प्राथमिकता वाले कार्यों पर और 30 फीसदी अन्य प्राथमिकता वाले कार्यों पर व्यय होगा।