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ऋचा को धमकी देने के मामले में पुलिस बनी वादी, मुकदमा

Thu, 26 Dec 2019 01:00 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 26 Dec 2019 01:00 AM IST
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Richa singh allahabad university
Richa singh allahabad university - फोटो : CITY DESK
बोली, मीडिया में आई खबरों का संज्ञान लेकर की कार्रवाई
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ऋचा का आरोप- दी जा चुकी है तहरीर, नहीं लिखी गई रिपोर्ट
प्रयागराज। सपा नेता व इविवि छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष ऋचा सिंह को धमकी देने के मामले में कर्नलगंज थाने में बृहस्पतिवार को मुकदमा दर्ज हुआ। खास बात यह कि यह मुकदमा ऋचा नहीं, बल्कि कर्नलगंज पुलिस की तहरीर पर लिखा गया। इंस्पेक्टर का कहना है कि जांच की जा रही है।
ऋचा की ओर से महिला आयोग को पत्र भेजकर आरोप लगाया गया था कि उन्हें अनशन न खत्म करने पर तेजाब से जलाने की धमकी दी गई है। बता दें कि महिला छात्रावास में छात्राओं की सुरक्षा समेत तमाम मुद्दों को लेकर ऋचा व उनकी समर्थक पिछले कई दिनों से हॉस्टल गेट पर धरना दे रही हैं। ऋचा को धमकी मिलने के मामले में बृहस्पतिवार को कर्नलगंज पुलिस ने अज्ञात में मुकदमा दर्ज किया। सबसे खास बात यह है कि पुलिस ने खुद वादी बनकर यह मुकदमा लिखाया। इस मामले में कर्नलगंज इंस्पेक्टर ने बताया कि मीडिया में आई खबरों से उन्हें पता चला कि ऋचा को तेजाब फेंकने की धमकी दी गई है।
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हालांकि, उनकी ओर से कोई प्रार्थनापत्र या सूचना पुलिस प्रशासन को नहीं दी गई है। जिस दिन से वह धरना प्रदर्शन पर बैठी हैं, महिला छात्रावास गेट पर शांति व्यवस्था के लिए चौकी प्रभारी व सिपाहियों के साथ पर्याप्त संख्या में महिला सिपाहियों की भी ड्यूटी लगाई गई है। धरने के दौरान छात्रनेता उनके बुलाने या समर्थन में ही वहां जाते हैं। फिर भी मीडिया में आई खबर की गंभीरता को देखते हुए रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जांच की जा रही है।
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‘झूठ बोल रही पुलिस’
उधर इस मामले पर ऋचा का कहना है कि सूचना या प्रार्थनापत्र न दिए जाने के बाबत पुलिस सरासर झूठ बोल रही है। उनकी ओर से कई बार तहरीर दी गई। इनमें से कुछ बार थाने पर जाकर तो कुछ बार पंजीकृत डाक के माध्यम से लिखित शिकायत की गई। लेकिन, कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने महिला आयोग को पत्र लिखकर इन शिकायती पत्रों की प्रतिलिपि भी भेजी है। ऋचा का कहना है कि पुलिस का रवैया यह है कि उन्हें धमकी मिलने के मामले में रिपोर्ट दर्ज होने की जानकारी भी उन्हें कहीं और से मिली। कर्नलगंज पुलिस ने इस मामले में कोई पूछताछ नहीं की। उनका यह भी आरोप है कि महिला आयोग के निर्देश पर डीजीपी के पत्र लिखने के बावजूद स्थानीय पुलिस अफसरों ने उन्हेें सुरक्षा नहीं मुहैया कराई।
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