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Corona in Prayagraj: कोरोना से पीएचसी के सीएमओ की मौत, दिल्ली में ली अंतिम सांस
Thu, 27 Aug 2020 09:30 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 27 Aug 2020 09:30 AM IST
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डॉ. एम वकील खान ( file photo)
- फोटो : prayagraj
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मेजा के पीएचसी इटवां कला में तैनात चिकित्साधिकारी डॉ. एम वकील खान का बुधवार को दिल्ली में इंतकाल हो गया। वे कोरोना पॉजिटिव थे और एसआरएन से रेफर होकर दिल्ली उपचार कराने के लिए गए थे। लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया। इससेपहले कोरोना की चपेट में आने के बाद एसीएमओ डॉ. गणेश प्रसाद की भी मौत हो चुकी है।
डॉ. एम वकील की तबीयत दो हफ्ते पहले खराब हुई थी। उन्होंने अपना कोविड टेस्ट कराया था, 22 जुलाई को वे पॉजिटिव आए थे। इसके बाद उन्हें बेली अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां उनकी स्थिति गंभीर होती गई। 25 अगस्त को रात साढ़े 10 बजे बेली से एसआरएन के लिए रेफर कर दिया गया।
एसआरएन में नहीं मिला प्राइवेट वार्ड डॉ. वकील एसआरएन में भर्ती हुए थे और प्राइवेट वार्ड की मांग कर रहे थे, लेकिन व्यवस्था न होने से उन्हें आवंटित नहीं किया जा सका।
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लिहाजा उन्होंने अपने को मेदांता में उपचार कराने के लिए रेफर करा लिया। रात में ही वह मेदांता के लिए एंबुलेंस से रवाना हो गए, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के मुताबिक अस्पताल पहुंचने से पहले ही दिल्ली में उनकी मौत हो गई।
वे मोटापे की चपेट में थे और खर्राटा लेने की भी परेशानी थी। इसके लिए वे उपचार करा रहे थे। सीएमओ दफ्तर में के मेडिकल अफसरों के मुताबिक तबीयत बिगड़ने पर वे सीएमओ दफ्तर भी आए थे। स्वास्थ्य अफसरोें ने उनकी हालत को देख कोविड-19 की जांच की सलाह दी थी।
डॉ. खान पीएचसी से पहले बेली अस्पताल में इमरजेंसी मेडिकल अफसर, शंकरगढ़, होलागढ़ और फूलपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर अधीक्षक भी रहे। इसके बाद उन्हें मेजा के पीएचसी पर तैनात कर दिया गया था। डॉ. वकील की मौत से स्वास्थ्य विभाग में शोक का माहौल है।
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डॉ. एम वकील की तबीयत दो हफ्ते पहले खराब हुई थी। उन्होंने अपना कोविड टेस्ट कराया था, 22 जुलाई को वे पॉजिटिव आए थे। इसके बाद उन्हें बेली अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां उनकी स्थिति गंभीर होती गई। 25 अगस्त को रात साढ़े 10 बजे बेली से एसआरएन के लिए रेफर कर दिया गया।
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एसआरएन में नहीं मिला प्राइवेट वार्ड डॉ. वकील एसआरएन में भर्ती हुए थे और प्राइवेट वार्ड की मांग कर रहे थे, लेकिन व्यवस्था न होने से उन्हें आवंटित नहीं किया जा सका।
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लिहाजा उन्होंने अपने को मेदांता में उपचार कराने के लिए रेफर करा लिया। रात में ही वह मेदांता के लिए एंबुलेंस से रवाना हो गए, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के मुताबिक अस्पताल पहुंचने से पहले ही दिल्ली में उनकी मौत हो गई।
वे मोटापे की चपेट में थे और खर्राटा लेने की भी परेशानी थी। इसके लिए वे उपचार करा रहे थे। सीएमओ दफ्तर में के मेडिकल अफसरों के मुताबिक तबीयत बिगड़ने पर वे सीएमओ दफ्तर भी आए थे। स्वास्थ्य अफसरोें ने उनकी हालत को देख कोविड-19 की जांच की सलाह दी थी।
डॉ. खान पीएचसी से पहले बेली अस्पताल में इमरजेंसी मेडिकल अफसर, शंकरगढ़, होलागढ़ और फूलपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर अधीक्षक भी रहे। इसके बाद उन्हें मेजा के पीएचसी पर तैनात कर दिया गया था। डॉ. वकील की मौत से स्वास्थ्य विभाग में शोक का माहौल है।