{"_id":"1a3fc18ef8388da1252ed439f0b90c7d","slug":"pcs-2015-prix-pain-of-wrong-answers-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीसीएस 2015 प्री में भी गलत जवाब का दर्द","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीसीएस 2015 प्री में भी गलत जवाब का दर्द
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 28 Oct 2015 01:50 AM IST
विज्ञापन
इलाहाबाद (ब्यूरो)। लोक सेवा आयोग की पीसीएस 2015 प्रारंभिक परीक्षा में भी कई प्रश्नों के गलत जवाब को लेकर विवाद गहरा गया है। उत्तर कुंजी में संशोधन के बावजूद अभ्यर्थियों ने कई प्रश्नों के गलत जवाब को सही माने जाने का आरोप लगाया है। अभ्यर्थियों ने इस मामले में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है, जिस पर शुक्रवार को सुनवाई की उम्मीद है। आयोग की यह पहली परीक्षा नहीं है, जिसके गलत जवाब को लेकर विवाद हुआ है। दो बार तो रिजल्ट बदलना पड़ा है। इसके बावजूद यह शिकायत तकरीबन हर परीक्षा में सामने आ रही है।
प्रतियोगियों ने पीसीएस-2015 प्रारंभिक परीक्षा के संशोधित उत्तर कुंजी में भी कई प्रश्नों के जवाब पर आपत्ति दर्ज कराई थी। उसमें तीन ऐसे प्रश्न हैं जिनके जवाब आयोग ने पूर्व की परीक्षाओं में कुछ और पीसीएस-2015 में दूसरा जवाब सही माना है। प्रतियोगियों का कहना है कि आयोग ने गलती स्वीकार भी की है। उनके अनुसार पहले पेपर में छह तथा दूसरे प्रश्नपत्र में एक प्रश्न का जवाब गलत है।
इससे 11 नंबर का अंतर हो रहा है। प्रतियोगियों के दावे सच हैं तो पूरा रिजल्ट ही बदल जाएगा। विशाल मिश्रा तथा 30 अन्य अभ्यर्थियों की ओर से इस मामले में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। ये अभ्यर्थी मेरिट में एक-दो नंबर से ही पीछे रह गए थे। इनकी मांग है कि सही जवाब के आधार पर परीक्षा में उपस्थित सभी अभ्यर्थियों को शामिल कर नए सिरे से रिजल्ट घोषित किया जाए। इनकी याचिका पर बृहस्पतिवार को सुनवाई की उम्मीद है।
विज्ञापन
आयोग की भर्ती परीक्षाओं में इस तरह के आरोप पहली बार नहीं लगे हैं। तकरीबन हर परीक्षा में गलत जवाब को सही माने जाने के आरोप लगते रहे हैं। कई परीक्षाओं में तो आयोग ने 15-15 प्रश्नों के जवाब संशोधित किए। इसके बाद भी विवाद बना रहा। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष अयोध्या सिंह का कहना है कि गड़बड़ी करने के लिए जानबूझकर इस तरह के विवाद पैदा किए जाते रहे।
विज्ञापन
प्रतियोगियों ने पीसीएस-2015 प्रारंभिक परीक्षा के संशोधित उत्तर कुंजी में भी कई प्रश्नों के जवाब पर आपत्ति दर्ज कराई थी। उसमें तीन ऐसे प्रश्न हैं जिनके जवाब आयोग ने पूर्व की परीक्षाओं में कुछ और पीसीएस-2015 में दूसरा जवाब सही माना है। प्रतियोगियों का कहना है कि आयोग ने गलती स्वीकार भी की है। उनके अनुसार पहले पेपर में छह तथा दूसरे प्रश्नपत्र में एक प्रश्न का जवाब गलत है।
विज्ञापन
इससे 11 नंबर का अंतर हो रहा है। प्रतियोगियों के दावे सच हैं तो पूरा रिजल्ट ही बदल जाएगा। विशाल मिश्रा तथा 30 अन्य अभ्यर्थियों की ओर से इस मामले में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। ये अभ्यर्थी मेरिट में एक-दो नंबर से ही पीछे रह गए थे। इनकी मांग है कि सही जवाब के आधार पर परीक्षा में उपस्थित सभी अभ्यर्थियों को शामिल कर नए सिरे से रिजल्ट घोषित किया जाए। इनकी याचिका पर बृहस्पतिवार को सुनवाई की उम्मीद है।
विज्ञापन
आयोग की भर्ती परीक्षाओं में इस तरह के आरोप पहली बार नहीं लगे हैं। तकरीबन हर परीक्षा में गलत जवाब को सही माने जाने के आरोप लगते रहे हैं। कई परीक्षाओं में तो आयोग ने 15-15 प्रश्नों के जवाब संशोधित किए। इसके बाद भी विवाद बना रहा। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष अयोध्या सिंह का कहना है कि गड़बड़ी करने के लिए जानबूझकर इस तरह के विवाद पैदा किए जाते रहे।