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Prayagraj News: पुलिस की वर्दी में था एक अपहरणकर्ता, बाकी ने खुद को बताया था एसओजी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 07 Jul 2024 03:00 AM IST
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One kidnapper was in police uniform, the rest had declared themselves SOG
ऑकलैंड रोड निवासी पंकज महिंद्रा का अपहरण करने वाले बदमाशों ने फूलप्रूफ प्लानिंग की थी। अपहरण के वक्त एक बदमाश पुलिस की वर्दी में था जबकि चार-पांच अन्य बदमाशों ने खुद को एसओजी का सदस्य बताया था। हाई सिक्योरिटी जोन में स्थित पोलो ग्राउंड के पास पंकज का सफारी कर में अपहरण किया गया था और फिर उन्हें फतेहपुर ले जाकर बंधक बना लिया गया था।
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घटना 5 सितंबर 2015 की है। पंकज अपनी दुकान भगतराम जय नारायण को बंद करके रात करीब 07.30 बजे अपनी गाड़ी आई-10 से जा रहे थे। जब वह पोलो ग्राउंड मजार के पास पहुंचे तो पल्सर पर सवार दो लोग ओवरटेक करके उन्हें रोका। उसमें से एक आदमी पुलिस की वर्दी पहने था, जिसने कहा कि हम लोग एसओजी के हैं। उसके बाद एक सफेद रंग की टाटा सफारी से चार-पांच लोग उतरे और उसको खींच कर सफारी में बैठा लिया। उसमें से एक आदमी ने गाड़ी की चाबी छीनकर उनकी गाड़ी में बैठ गया। इसके बाद उन्हें लेकर सहसों की तरफ बढ़े। वहां पर बाईपास के पास पहुंचे तो उसमें एक व्यक्ति ने कहा कि यहां पर सीसीटीवी कैमरा लगा रहता है, जाम लगा रहता है।
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उसके बाद गाड़ी दोबारा शहर की ओर घुमा दी। जब हनुमान मंदिर के पास पहुंचे तो उन लोगों ने कारोबारी से घर में फोन कराकर कहलवाया कि वह मंदिर पर हैं। थोड़ा समय लगेगा। मेडिकल चौराहे के पास पहुंचे तो उन लोगों ने उनकी आंखों में पट्टी बांध दी और कहा कि चुपचाप बैठे रहो।
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गाड़ी लगभग तीन घंटे तक चलती रही।
किसी सुनसान जगह पर पहुंचने के बाद उन लोगों ने कारोबारी को गाड़ी से उतारा और धक्का देते हुए किसी कोठरी में ले गए। वहां पर उन्होंने कारोबारी को बैठा दिया और उसको धमकाते रहे और घरवालों से दस करोड़ की फिरौती की मांगी। गिड़गिड़ाने पर पीटने लगे। हाथ पैर के साथ आंख में पट्टी बांध दी। उस कमरे में एक आदमी से कहा कि तुम इसका ध्यान रखो।

दो दिन बाद पुलिस ने वहां छापा मारकर उन्हें छुड़ाया। वह बाहर आए तो देखा कि पुलिस ने उन्हीं चार लोगों को पकड़ रखा है, जो उनको गाड़ी में लेकर आए थे। पुलिस ने जब उनसे पूछा तो उनका नाम विकल्प श्रीवास्तव, महेन्द्र यादव, सच्चिदानन्द एवं चंद्र मोहन का पता चला।
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