Prayagraj : एसआरएन की हर गतिविधि पर अब डीएम की भी नजर, अस्पताल में लगाए जा रहे 250 नए सीसीटीवी कैमरे
स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय (एसआरएन) की हर गतिविधि को अब जिलाधिकारी भी लाइव देख सकेंगे। इसके लिए अस्पताल में 250 नए सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। इन कैमरों का एक केंद्र एसआरएन अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक और दूसरा जिलाधिकारी के पास रहेगा।
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स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय (एसआरएन) की हर गतिविधि को अब जिलाधिकारी भी लाइव देख सकेंगे। इसके लिए अस्पताल में 250 नए सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। इन कैमरों का एक केंद्र एसआरएन अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक और दूसरा जिलाधिकारी के पास रहेगा। खास बात यह है कि पहली बार एसआरएन की निगरानी का जिम्मा डीएम को साैंपा गया है।
ऐसा नहीं है कि एसआरएन अस्पताल परिसर में सीसीटीवी कैमरे नहीं थे। पहले भी 96 कैमरे लगाए गए थे, लेकिन यह सुचारु रूप से चल ही नहीं पाए। न ही किसी ने इसकी सुध ली। बीते अगस्त में बंद पड़े कैमरों की खबर प्रकाशित होने के बाद अस्पताल प्रबंधन के कानों पर जूं तो रेंगी पर नतीजा सिफर रहा। जांच में पाया गया कि 80 फीसदी कैमरे पूरी तरह से खराब हो चुके हैं। इसके बावजूद सीसीटीवी दुरुस्त कराने के नाम पर पांच लाख रुपये खर्च किए गए। इस बीच एसआरएन अस्पताल की बदहाली पर हाईकोर्ट की फटकार के बाद जिला प्रशासन की टीम ने स्वास्थ्य सुविधाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया, जिसमें सभी सीसीटीवी कैमरे खस्ताहाल पाए गए।
अब स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली पर हाईकोर्ट ने एक जुलाई को प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को तलब किया है। इसे लेकर व्यवस्थाओं को चाक चाैबंद करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसके तहत एसआरएन में नए सिरे से 250 इंटीग्रेटेड सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। इससे अस्पताल की व्यवस्थाओं में क्या सुधार होगा और मरीजों को कितना लाभ मिलेगा, यह तो समय ही बताएगा।
सात नए सुरक्षा कर्मी हुए तैनात
जिला पूर्व सैनिक कल्याण बोर्ड की तरफ से अस्पताल में सात नए सुरक्षा कर्मियों की नियुक्ति की गई है। इसके साथ ही यहां सुरक्षा कर्मियों की कुल संख्या 46 हो गई है। इन पूर्व सैनिकों की अस्पताल परिसर में कहां-कहां तैनाती की जानी है, इस पर मंगलवार को प्रमुख अधीक्षक डॉ. आरबी कमल और उप प्रधानाचार्य डॉ. मोहित जैन की तरफ से फैसला लिया जाएगा।
अस्पताल परिसर में 250 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। इन कैमरों के जरिए अस्पताल की प्रत्येक गतिविधि पर निगाह रखी जा सकेगी। खास बात यह है कि अब इसकी निगरानी जिलाधिकारी भी कर सकेंगे। - डॉ. आरबी कमल, प्रमुख अधीक्षक, एसआरएन अस्पताल।