नैनी जेल : अतीक व अशरफ के हत्यारों को जेल में सुरक्षित रखना अधिकारियों के लिए बड़ी चुनौती
अतीक व अशरफ के हत्यारोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में केंद्रीय कारागार नैनी भेज दिया गया। जेल के अंदर तीनों हत्यारोपियों को सुरक्षित रखना अधिकारियों के लिए बड़ी चुनौती है। उन्हें कैसे सुरक्षित रखा जाए, इसके लिए जेल अधिकारियों ने घंटों बैठक कर कार्ययोजना तैयार की।
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अतीक व अशरफ के हत्यारोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में केंद्रीय कारागार नैनी भेज दिया गया। जेल के अंदर तीनों हत्यारोपियों को सुरक्षित रखना अधिकारियों के लिए बड़ी चुनौती है। उन्हें कैसे सुरक्षित रखा जाए, इसके लिए जेल अधिकारियों ने घंटों बैठक कर कार्ययोजना तैयार की। रविवार शाम साढ़े छह बजे के आसपास पुलिस माफिया अतीक अहमद उसके भाई अशरफ के हत्यारोपी लवलेश तिवारी निवासी बांदा, शनि सिंह उर्फ मोहित उर्फ पुराने निवासी हमीरपुर व अरुण कुमार मौर्या निवासी कासगंज को लेकर जेल पहुंची।
गेट पर कागजी कार्रवाई के बाद वहीं पर तीनों का मेडिकल किया गया। इसके बाद उन्हें जेल के अंदर ले जाया गया। सूत्रों के अनुसार जेल के अंदर बनी तन्हाई बैरक में तीनों को रखा गया है। सुरक्षा को लेकर बॉडीबार्न कैमरे व अन्य बंदी रक्षकों को लगाया गया है। तन्हाई बैरक जेल के एक कोने में बनी है और उसमें किसी को भी प्रवेश नहीं दिया जाता है। जेल के अंदर अतीक के बेटे के साथ समर्थक व गुर्गों में हत्या के बाद से आक्रोश है और वह हत्यारोपियों को नुुकसान पहुंचने का पूरा प्रयास करेंगे। जेलर रजनीकांत ने बताया उन्हें कहां रखा गया है, सुरक्षा को देखते हुुए इसकी जानकारी नहीं दी जा सकती है।
मीडियाकर्मियों को चकमा देकर पुलिस ने हत्यारों को कचहरी में किया पेश
अतीक-अशरफ हत्याकांड के अभियुक्त शूटरों को रविवार की शाम कचहरी जिला न्यायालय में पेश किया गया। इस दौरान कचहरी परिसर के आसपास मीडियाकर्मियों की भारी भड़कम भीड़ मौजूद रही। पुलिस ने पहले ही भीड़ का अंदाजा लगाते हुए कचहरी परिसर के आसपास बैरिकेडिंग कर रास्ता ब्लॉक कर रखा था। पुलिस तीनों अभियुक्तों को लेकर पहले तेज बहादुर सप्रू (बेली) अस्पताल में मेडिकल कराने के लिए पहुंची।
मेडिकल कराने के दौरान अस्पताल के गेट के आसपास भी किसी को भटकने नहीं दिया गया। राहगीरों को भी पीएसी बल के जवानों ने दूर तक खदेड़ दिया। इस दौरान मीडियाकर्मियों को भी अंदर नहीं जाने दिया गया। मेडिकल कराने के बाद पुलिस अभियुक्त शूटरों को एंबुलेंस में लेकर जिला न्यायालय पहुंची। उधर स्वरूप रानी मेडिकल अस्पताल में स्थित पोस्टमार्टम हाउस में अतीक-अशरफ के शव का पोस्टमार्टम चल रहा था।
मीडियाकर्मियों ने अभियुक्तों की गाड़ी समझकर खबर चलाई, इसके बाद जब एंबुलेंस से तीनों अभियुक्त शूटरों को मेन रास्ते से पुलिस लेकर पहुंची तो स्थिति बेहद सामान्य रही। पुलिस ने न्यायालय के सामने अभियुक्तों को पेश करने के बाद पीछे के रास्ते से उन्हें लेकर रवाना हो गई। इस दौरान मीडियाकर्मियों को अभियुक्तों की एक झलक भी नसीब नहीं हो पाई।