मौनी अमावस्या पर शुक्रवार को संगम पर पुण्य की डुबकी लगाने के लिए श्रद्धालुओं की आस्था, भक्ति और विश्वास की त्रिवेणी में भक्ति का सागर उमड़ पड़ा। चाहे स्नान घाट हों या संगम के रास्ते, हर तरफ जन ज्वार हिलोरें मारता रहा। मेला प्रशासन ने शाम तक एक करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के संगम में डुबकी लगाने का दावा किया।
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संगम में लोगों ने लगाई डुबकी
- फोटो : अमर उजाला
आधी रात दो बजे से ही संगम में आस्था का मौन स्नान आरंभ हो गया। रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों से लेकर निजी वाहनों से बड़ी तादाद में श्रद्धालु संगम की ओर बढ़े। पुण्य की डुबकी लगाने के लिए लाखों श्रद्धालुओं से स्नान घाट पैक हो गए।
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संगम में लोगों ने लगाई डुबकी
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चाहे लाल सड़क हो या काली सड़क या फिर झूंसी, अरैल और दारागंज से संगम की ओर से जाने वाले मार्ग। हर तरफ एक दूसरे का हाथ और गमछा थामे लोग बढ़ते रहे। कोई झंडा लेकर चल रहा था तो कोई ढोल, खझड़ी लेकर।
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संगम में लोगों ने लगाई डुबकी
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संगम पर मौनी अमावस्या से स्नान का उत्साह देखते बन रहा था। भोर में पुण्यकाल लगने के साथ ही गंगा, यमुना और विवुप्त सरस्वती के संगम में डुबकी के साथ दान और ध्यान में रमे लोग रेती पर जम गए। कहीं तिल रखने की जगह नहीं थी।
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संगम में लोगों ने लगाई डुबकी
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भोर से ही त्रिवेणी तट पर आस्था और आनंद का अलौकिक संगम दिखा। लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं ने पवित्र त्रिवेणी में पुण्य की डुबकी लगाई। प्रभारी मेलाधिकारी रजनीश मिश्र ने शाम तक एक करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के संगम में डुबकी लगाने की अधिकारिक पुष्ट की। देर शाम तक संगम पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।