मौनी अमावस्या पर डुबकी लगाने के लिए बृहस्पतिवार की देर रात तक लाखों की तादाद में श्रद्धालु संगम तट पर पहुंच गए। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए छह सेक्टर में बसे मेला क्षेत्र के पांच पांटून पुलों पर यातायात वन-वे करते हुए वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। मेला प्रशासन की ओर से शुक्रवार को एक करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के संगम पर डुबकी लगाने का अनुमान है।
मौनी अमावस्या आज: संगम पर उमड़ा आस्था का जन सैलाब, एक करोड़ लगाएंगे डुबकी
बृहस्पतिवार की भोर से ही संगम जाने वाले मार्गों पर आस्थावानों का हुजूम उमड़ने लगा। रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों से लेकर संगम जाने वाली हर सड़क पर लोगों का तांता लगा रहा। सिर पर गठरी, हांथ में झोला लिए लोग एक-दूसरे का हाथ थामकर बढ़ते रहे। शाम छह बजे तक काली सड़क हो या लाल सड़क या फिर हरिहर गंगा आरती के रैंप या फिर संतों के शिविर, हर तरफ मौनी स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ ही नजर आई। परेड में लगे टेंट-तंबुओं में बड़ी संख्या में भक्तों ने दिन में ही डेरा डाल दिया।
सड़कों की पटरियों से लेकर रेती तक जिसे जहां जगह मिली, उसने वहीं चूल्हे जला लिए। दूर-दराज के इलाकों से आए बड़ी तादाद में श्रद्धालु त्रिवेणी में स्नान के बाद रवानगी भी करते रहे, लेकिन देर शाम के बाद मौनी अमावस्या स्नान के लिए आस्थावानों की भीड़ का दबाव बढ़ने लगा। 2500 बीघा क्षेत्रफल नागवासुकि से अरैल के बीच बसे मेले में आठ किमी लंबे संगम के 20घाटों पर स्नान की तैयारियां मेला प्रशासन की ओर से की गई हैं। भीड़ को देखते हुए हर सेक्टर में इस बार स्नान घाट बनाए गए हैं। इससे पहले एडीजी प्रेम प्रकाश व मंडलायुक्त आशीष कुमार गोयल ने मौनी अमावस्या स्नान की तैयारियों की समीक्षा की। साथ लोगों से रूट डायवर्जन की स्थिति में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।
-01 करोड़ श्रद्धालुओं के त्रिवेणी तट पर पहुंचने का अनुमान
-20 घाटों पर लगेगी मौन डुबकी
-08 किमी लंबे संगम पर किए गए स्नान पर्व के इंतजाम
मौनी अमावस्या पर अक्षयवट-सरस्वती कूप में दर्शन स्थगित
मौनी अमावस्या स्नान पर्व को देखते हुए बृहस्पतिवार की शाम मूल अक्षयवट और सरस्वती कूप में श्रद्धालुओं का प्रवेश स्थगित कर दिया गया। भीड़ को देखते हुए शुक्रवार को इन दोनों तीर्थों में भक्त प्रवेश नहीं कर सकेंगे।