गंगा घाटों पर कटान होने से फिर मिले कई शव, पार्षद ने किया अंतिम संस्कार, दी मुखाग्नि
गंगा के किनारे कटान होने के कारण घाटों पर दफनाए गए लाशों के मिलने का सिलसिला जारी है। रविवार को भी कई लाशें मिलीं। इससे घाटों पर हड़कंप मचा रहा है। पार्षद एवं निगरानी समित के सदस्य कमलेश तिवारी ने विधि विधान से शवों का अंतिम संस्कार किया और मुखाग्नि दी। इस मौके पर नगर निगम के जोनल अधिकारी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। बारिश के बाद से गंगा में जब से कटान शुरू हुआ है तब से अब तक दर्जन भर से अधिक शव मिल चुके हैं
गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ ही तटों पर कटान शुरू होने से रेत में दफन शव बाहर आने लगे हैं। शनिवार को फाफामऊ घाट पर रेती में दफनाए गए चार शव कटान की वजह से दिखे थे। जानकारी मिलने के बाद नगर निगम प्रशासन ने उन शवों का हिंदू रीति रिवाज के साथ अंतिम संस्कार कराया। इस दौरान चिताएं सजाकर मुखाग्नि दी गई और शवों का विधि सम्मत अंतिम संस्कार कराया गया। इससे पहले शुक्रवार को छह शवों का अंतिम संस्कार कराया गया था। इसे मिलाकर फाफामऊ घाट पर अब तक कुल 10 शवों का अंतिम संस्कार कराया जा चुका है।
जलस्तर बढ़ने से शनिवार को भी गंगा में कटान का सिलसिला जारी रहा। तटों पर कटान के बाद रेत हटने से सुबह फाफामऊ श्मशान के निकट दो शव दिखने लगे। नगर निगम प्रशासन को जानकारी मिली तो जोनल अधिकारी नीरज कुमार सिंह तत्काल टीम के साथ पहुंच गए। निगरानी समिति के सदस्यों ने भी रेत हटने से उत्पन्न स्थिति का जायजा लिया। जोनल अधिकारी ने सुबह रीति-रिवाज के साथ दोनों शवों का अंतिम संस्कार करवा दिया। इसके बाद दोपहर के वक्त फिर कटान से प्रभावित घाट पर दो और शव देखे गए। इसके बाद उन दोनों शवों को भी मजदूरों की मदद से बाहर निकलवा कर अंतिम संस्कार कराया गया।
जोनल अधिकारी ने चिताएं सजवाने के बाद श्राद्ध बी कराया। इस दौरान चंदन की लकड़ी और घी चिताओं पर अर्पित करने के बाद उन्होंने बारी-बारी से मुखाग्नि दी। सुबह आठ बजे पहले दो शवों का दाह संस्कार किया गया। गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद फाफामऊ श्मशान घाट पर कटान हो रही है। पिछले चार दिनों में अब तक करीब आठ फीट से अधिक गंगा का किनारा कटान में समाहित हो चुका है। कटान से रेत में दफन शवों के अंगों के दिखने के बाद घाट और आसपास के इलाकों में लोग सकते में आ गए थे। इसकी जानकारी मिलने पर नगर निगम प्रशासन ने ऐसे शवों का विधिवत अंतिम संस्कार कराने का निर्णय लिया था।