Prayagraj : एसआरएन बवाल और हड़ताल मामले में बड़ी कार्रवाई, प्राचार्य ने 20 डॉक्टरों को किया निलंबित
SRN Hospital News : स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय (एसआरएन) में तीन दिनों से चल रहे हड़ताल और बवाल मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। मोतीलाल नेहरू मेडेकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. वीके पांडेय ने जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार 20 रेजिडेंट डॉक्टरों को निलंबित कर दिया है।
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एसआरएन अस्पताल में डॉक्टरों-वकीलों में मारपीट के प्रकरण में शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की गई। 20 डॉक्टरों को जांच रिपोर्ट आने तक निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही डॉक्टरों की हड़ताल भी खत्म हो गई। उधर, वकील भी डॉक्टरों के निलंबन के बाद धरने से उठ गए। शनिवार से ओपीडी सामान्य रूप से चलेगी। हालांकि, शुक्रवार को दोपहर ढाई बजे तक डॉक्टरों की हड़ताल के कारण मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
विवाद से जुड़े जिन 20 जूनियर व सीनियर डॉक्टरों को निलंबित किया गया है सभी यूनिट-टू के ऑर्थोपेडिक और सर्जरी विभाग के हैं। मोती लाल नेहरु मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. वीके पांडेय ने बताया कि कार्रवाई मामले से जुड़ी आंतरिक जांच रिपोर्ट मिलने तक की गई है। सोमवार को रिपोर्ट मिलने के बाद कॉलेज प्रशासन आगे निर्णय लेगा।
एसआरएन अस्पताल में बुधवार की सुबह अधिवक्ताओं और जूनियर व सीनियर डॉक्टरों से विवाद हो गया था। जिसके बाद एक तरफ अधिवक्ता और दूसरी तरफ जूनियर डॉक्टर धरने पर बैठ गए थे। हड़ताल की वजह से सभी स्वास्थ्य सेवाएं ठप हो गई थीं। उधर, वकील भी धरने पर बैठ गए थे।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. वीके पांडेय ने तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया। मामले की जांच कर रहे टीम के सदस्य उप प्रधानाचार्य डॉ. मोहित जैन, डॉ. दिलीप चौरसिया और डॉ. संजय सिंह ने प्रथम दृष्टया बुधवार की सुबह ड्यूटी पर तैनात यूनिट टू ऑर्थोपेडिक और सर्जरी विभाग के सभी डॉक्टरों को दोषी पाया। जिसके बाद प्राचार्य डॉ. वीके पांडेय ने जांच पूरी होने तक मामले से जुड़े ऑर्थोपेडिक के 10 जूनियर व सीनियर डॉक्टर और सर्जरी विभाग 10 जूनियर व सीनियर डॉक्टरों को निलंबित कर दिया।
घटना वाले दिन ड्यूटी पर तैनात ऑर्थोपेडिक और सर्जरी विभाग के सभी 10-10 जूनियर व सीनियर डॉक्टरों को जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया गया है। जांच पूरी होने के बाद कॉलेज प्रशासन आगे कोई निर्णय लेगा। - डॉ. मोहित जैन, उप प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज
दोपहर बाद मिली राहत
प्रयागराज। करीब 50 घंटे बाद डॉक्टरों के निलंबन के बाद वकीलों ने धरना खत्म कर दिया। शुक्रवार सुबह से ही सिविल लाइंस, एकलव्य चौराहा और आसपास के प्रमुख मार्गों पर भीषण जाम की स्थिति बनी रही। कई जगहों पर वाहन रेंगते रहे। दोपहर बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य हुआ लोगों को राहत मिली। वकीलों का प्रदर्शन बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे से किया जा रहा था।