Umesh Pal Case : माफिया अतीक के बहनाेई, वकील समेत आठ पर चार्जशीट दाखिल, सौलत, अखलाक पर साजिश के आरोप सही मिले
यूपी की सियासत में भूचाल लाने वाले उमेश पाल हत्याकांड में पुलिस ने दूसरी चार्जशीट दाखिल कर दी है। इसमें अतीक अहमद के बहनोई डॉ. अखलाक, अधिवक्ता खान सौलत हनीफ सहित आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है। पहली चार्जशीट में सिर्फ सदाकत खान का नाम था।
विस्तार
उमेश पाल हत्याकांड में शनिवार को पुलिस की ओर से एक और चार्जशीट दाखिल की गई। इस चार्जशीट में अतीक अहमद के बहनोई डॉ. अखलाक और वकील खान सौलत हनीफ समेत आठ लोगों के नाम हैं। इन सभी को उमेश पाल की हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोपी माना गया है। इसके साथ ही अब तक इस मामले में कुल नौ लोगों पर चार्जशीट दाखिल हो चुकी है।
जिन आठ लोगों पर शनिवार को चार्जशीट दाखिल की गई उनमें डाॅ. अखलाक व सौलत के अलावा कैश अहमद, राकेश उर्फ नाकेश उर्फ लाला, मो. अरशद कटरा, नियाज अहमद, इकबाल अहमद उर्फ मो. सजर, शारूक उर्फ शाहरुख शामिल हैं। सभी आरोपी वर्तमान में जेल में हैं। इन सभी के खिलाफ आपराधिक साजिश के आरोप विवेचना के दौरान सही पाए गए हैं।
ऐसे में इनके खिलाफ दलित उत्पीड़न समेत मुकदमे में लगी सभी धाराओं में समान रूप से चार्जशीट दाखिल की गई है। मेरठ निवासी डॉ. अखलाक व शारुक को तीन अप्रैल को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। जबकि सौलत 28 मार्च को उमेश पाल अपहरण कांड में दोषी करार देने के बाद से जेल में निरुद्ध है। शेष पांच आरोपी 21 मार्च को गिरफ्तार किए गए थे।
22 दिन में दूसरी चार्जशीट
उमेश पाल हत्याकांड में 22 दिन के भीतर दाखिल की जाने वाली यह दूसरी चार्जशीट है। इससे पहले 26 मई को एक अन्य आरोपी सदाकत खान के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। सदाकत के खिलाफ 1857 जबकि शनिवार को आठ आरोपियों पर लगाई गई चार्जशीट 1979 पेज की है।
कुल 21 आरोपी, छह की हो चुकी है मौत
उमेश हत्याकांड में कुल 21 आरोपी हैं। इनमें अतीक-अशरफ, गुलाम, असद, अरबाज व विजय चौधरी (कुल छह) की मौत हो चुकी है। सदाकत समेत कुल नौ जेल में हैं और इन सभी पर चार्जशीट हो चुकी है। पांच लाख के इनामी शूटर गुड्डू मुस्लिम, साबिर व अरमान, अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन व अशरफ की पत्नी जैनब के अलावा बहन आयशा नूरी फरार हैं।
अगली सुनवाई 21 जून को
न्यायालय के विशेष न्यायाधीश (एससी/ एसटी) अनिरुद्ध कुमार तिवारी ने उमेशपाल हत्याकांड में दाखिल आरोप पत्र का संज्ञान लेते हुए मामले की सुनवाई के लिए 21 जून की तिथि नियत की है। जिला शासकीय अधिवक्ता गुलाब चंद्र अग्रहरि ने बताया कि अभियुक्तों पर हत्या, हत्या का प्रयास, आपराधिक षड़यंत्र, धमकी देना सहित आईपीसी की विभिन्न धाराओं में (147, 148, 149, 302, 307, 506, 34, 120बी) आरोप पत्र दाखिल किया गया है।
डॉ. अखलाक शूटर का शरणदाता, शौलत ने बताई थी उमेश की लोकेशन
उमेश पाल हत्याकांड में जिन आठ लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई, उन सभी ने अलग-अलग भूमिका निभाई। अतीक के बहनोई डाॅ. अखलाक ने जहां फरारी काट रहे पांच लाख के इनामी गुड्डू मुस्लिम को अपने घर में शरण दी। वहीं खान सौलत हनीफ ने घटना के ठीक पहले कचहरी से निकलते वक्त उमेश की लोकेशन अतीक के अलावा असद व अन्य शूटरों को दी थी।
अखलाक के घर के सीसीटीवी फुटेज से यह बात सामने आई थी कि हत्याकांड के बाद फरारी काटने के दौरान गुड्डू मुस्लिम 19 मार्च को अखलाक के घर पहुंचा था। अखलाक ने न सिर्फ उसे शरण दी बल्कि अतीक के कहने पर 50 हजार रुपये भी दिए थे। इसी तरह पुलिस के मुताबिक, खान सौलत ने घटना में अपनी संलिप्तिता खुद तब कबूली थी जब धूमनगंज पुलिस ने उसे कस्टडी रिमांड पर लिया था।
इस दौरान उसने अपने घर से तीन मोबाइल बरामद कराए थे। इनमें से एक आईफोन था जिसके जरिए ही सौलत ने उमेश की कचहरी से निकलने की बात अतीक समेत अन्य को बताई थी। यही नहीं उसने यह भी बताया था कि फेसटाइम एप के जरिए ही वह अतीक, अशरफ समेत अन्य से लगातार संपर्क में रहता था।
इनकी यह थी भूमिका
1- शारुक उर्फ शाहरूख- 24 फरवरी को हत्या से पहले असद समेत अन्य शूटरों के निकलते वक्त असद के कहने पर क्रेटा कार में राइफल रखना। घटना के बाद शाइस्ता से मिले 50 हजार रुपये शूटर अरमान के भाई को देना।
2- राकेश उर्फ नाकेश उर्फ लाला- हत्या के बाद घटना में प्रयुक्त असलहे व 72 लाख नकदी भरा बैग शाइस्ता परवीन के कहने पर अतीक के चकिया स्थित कार्यालय में जाकर छिपाना।
3- नियाज अहमद- चकिया स्थित कार्यालय में अतीक की हत्या की साजिश से संबंधित हर बैठक में शामिल। घटना वाले दिन उमेश का कचहरी से पीछा कर असद को दी लोकेशन।
4- मो. सजर- उमेश का पड़ोसी और उसकी एक-एक गतिविधि की खबर असद को देने वाला। घटना से पहले भी कई दिनों से उमेश की रेकी करने वाला।
5- अरशद कटरा- कचहरी के बाहर निकलते ही उमेश का पीछा करने वाला। साथ ही उसकी लाइव लोकेशन के बारे में असद को जानकारी देने वाला।
6- कैश अहमद- अतीक का ड्राइवर। उमेश पाल हत्याकांड में प्रयुक्त असलहों व शाइस्ता से मिले नकदी भरे बैग को छिपाने में राकेश की मदद करने वाला।
इसमें उनके मोबाइल फोन, उनकी निशानदेही पर बरामद नकदी व असलहे भी शामिल हैं। पुलिस का दावा है कि उन्होंने ही घटना के बाद शाइस्ता के कहने पर असलहे व नकदी अतीक के चकिया स्थित कार्यालय पर जाकर छिपाए थे। इनमें से तीन ने हत्या वाले दिन अशरफ व असद को फोन करके उमेश की लोकेशन भी दी थी।