कुंभ 2019: सरकारी गाड़ियों से संगम तक ढोए गए अफसरों के करीबी, पब्लिक पैदल
दिव्य और भव्य कुंभ के आखिरी शाही स्नान पर सरकारी गाड़ियों की भी शाही सवारी निकली। इस शाही सवारी में कोई साधु-संत नहीं, बल्कि कुछ प्रभावशाली अफसरों के करीबी थे। सिर्फ सरकारी गाड़ियां ही नहीं, एंबुलेंस भी दिनभर संगम के आसपास दौड़ती नजर आईं। मेला क्षेत्र के अस्पतालों में जितने मरीज पहुंचे, उससे कहीं अधिक फेरे एंबुलेंस ने लगाए। मेला प्रशासन और पुलिस की गाड़ियां तो दिनभर संगम पर आती जाती रहीं। ये उन अफसरों की गाड़ियां थीं, जिन्होंने फरमान जारी किया था कि वसंत पंचमी के स्नान पर्व से एक दिन पहले से लेकर एक दिन बाद तक मेला क्षेत्र में वाहन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेंगे। हालांकि मुख्य स्नान पर्व वाले दिन ही अफसरों ने अपनी ही बनाई योजना को ध्वस्त कर दी।
श्रद्धालुओं को भले ही मेला क्षेत्र के भीतर बैरिकेडिंग लगाकर इधर-उधर के रास्तों पर डायवर्ट कर दिया लेकिन सरकारी गाड़ियों को बैरिकेडिंग पर विशेष सुविधा दी गई। कई जगह पैदल जा रहे श्रद्धालुओं और बैरिकेडिंग पर तैनात सुरक्षा कर्मियों के बीच तीखी झड़प भी हुई। श्रद्धालुओं का सवाल था कि जब अफसरों की गाड़ियों को संगम की ओर से सीधे भेजा जा रहा है तो उन्हें दूसरे रास्तों पर भटकने के लिए क्यों छोड़ा जा रहा है। अफसरों के वाहनों को सिर्फ मेला क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि शहर में भी जगह-जगह लगी बैरिकेडिंग पर विशेष सुविधा के तहत जाने दिया गया।