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एमएनएनआईटी
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मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) के केमिकल इंजीनियरिंग विभाग की ओर से ऊर्जा और पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन सोमवार को पूरा हो गया। आईआईटी बीएचयू के प्रो. देवेंद्र मोहन ने सम्मेलन में जल प्रदूषण और उपचार पर जानकारी देने के साथ सौर ऊर्जा का उपयोग करके पीने के पानी को साफ करने के लिए तकनीक की जानकारी दी।
मलेशिया से आए प्रो. जैनल अहमद ने पर्यावरण डेटा विश्लेषण मॉडल प्रिडिक्टिव कंट्रोल के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे शहर के आसपास वायु प्रदूषण को मापने और निगरानी करने के लिए मॉडल की भविष्यवाणी की जा सकती है।
सम्मेलन में मद्रास आईआईटी के प्रो. तन्मय बसाक ने माइक्रोवेव मटेरियल प्रोसेसिंग के बारे बताया। संस्थान के निदेशक प्रो. राजीव त्रिपाठी सम्मेलन में मौजूद नहीं रहने के बाद भी सम्मेलन के संयोजक डॉ. सुशील कुमार एवं डॉ. दीपेश एस पाटले को मेल भेजकर इसकी सफलता की कामना की। इस सम्मेलन में कुल आठ मुख्य व्याख्यान और 14 आमंत्रित व्याख्यान आयोजित किए गए।
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मलेशिया से आए प्रो. जैनल अहमद ने पर्यावरण डेटा विश्लेषण मॉडल प्रिडिक्टिव कंट्रोल के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे शहर के आसपास वायु प्रदूषण को मापने और निगरानी करने के लिए मॉडल की भविष्यवाणी की जा सकती है।
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सम्मेलन में मद्रास आईआईटी के प्रो. तन्मय बसाक ने माइक्रोवेव मटेरियल प्रोसेसिंग के बारे बताया। संस्थान के निदेशक प्रो. राजीव त्रिपाठी सम्मेलन में मौजूद नहीं रहने के बाद भी सम्मेलन के संयोजक डॉ. सुशील कुमार एवं डॉ. दीपेश एस पाटले को मेल भेजकर इसकी सफलता की कामना की। इस सम्मेलन में कुल आठ मुख्य व्याख्यान और 14 आमंत्रित व्याख्यान आयोजित किए गए।
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