Prayagraj News : चंद मिनटों में अटाला बन गया बवाल का केंद्र बिंदु, गलियां और सड़क पत्थरों से पटे
यूं तो शहर में प्रदर्शन की सुगबुगाहट पिछले कई दिनों से चल रही थी। हालांकि कोई संगठन सामने नहीं आ रहा था। व्हाट्सएप ग्रुप्स में नूपुर शर्मा के बयान को लेकर विरोध प्रदर्शन की बातें चल रही थीं। पुलिस प्रशासन को भी इस बात की भनक थी।
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जुमे की नमाज के बाद जब बवाल शुरू हुआ तो चंद मिनटों में ही अटाला हिंसा का केंद्र बिंदु बन गया। दरअसल योजना तो चौक में प्रदर्शन करने की थी, लेकिन वहां भारी पुलिस बंदोबस्त की वजह से भीड़ अटाला की ओर चली गई। वहां प्रदर्शन शुरू ही हुआ था कि पत्थरबाजी शुरू हो गई। चंद मिनटों में सड़कों और गलियों के नजारे बदल गए। पूरा बवाल अटाला की मुख्य सड़क और आसपास की गलियों में सिमट गया।
यूं तो शहर में प्रदर्शन की सुगबुगाहट पिछले कई दिनों से चल रही थी। हालांकि कोई संगठन सामने नहीं आ रहा था। व्हाट्सएप ग्रुप्स में नूपुर शर्मा के बयान को लेकर विरोध प्रदर्शन की बातें चल रही थीं। पुलिस प्रशासन को भी इस बात की भनक थी। हालांकि इंटेलिजेंस के लोग यही मान रहे थे कि अगर ऐसा कुछ हुआ तो चौक इलाके में होगा। इसलिए चौक और आसपास पूरी तैयारी की गई थी। शुक्रवार को सुबह के बाद माहौल बदल गया। चौक और आसपास भारी संख्या में फोर्स इकट्ठा थी।
विशेष वर्ग ने पहले ही बंद कर रखी थीं दुकानें
एक विशेष वर्ग ने शुक्रवार सुबह से ही दुकानें बंद कर रखी थीं। चौक में पुलिस की तैनाती देखकर लोग अटाला की ओर निकलने लगे। दरअसल अटाला चौराहे पर सीएए के विरोध में प्रदर्शन भी हुआ था। इस कारण से भी लोग अटाला की ओर बढ़े। वहां पहले से ही काफी भीड़ थी। नूपुर शर्मा के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू हुई। इसके बाद से ही लड़कों ने पुलिस पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। तुरंत वहां पीएसी और आरएएफ को बुलाया गया, लेकिन तब तक हालात हाथ से निकल गए थे।
कई जगह बमबाजी से थर्राया इलाका
अटाला चारों ओर से एक खास वर्ग की आबादी से जुड़ा है। खुल्दाबाद, करेली, चौक, अतरसुइया, नूरुल्लाह रोड और रोशनबाग इलाकों से सीधी सड़कें और गलियां अटाला तक निकलती हैं। ऐसे में इन गलियों और सड़कों का उपद्रवियों ने जमकर फायदा उठाया और जमकर पथराव व बमबाजी की। दो घंटे बाद जब बवाल थोड़ा शांत हुआ तो पुलिस गलियों में घुसी। चारों ओर पत्थर और चप्पल बड़ी संख्या में पड़े थे।
देर शाम तक चलते रहे बम
बवाल के बाद पुलिस ने जब उपद्रवियों को खोजना शुरू किया तो गलियों में जमकर बमबाजी की गई। पुलिस गलियों के बाहर से आंसू गैस के गोले छोड़ रही थी तो जवाब में बमबाजी हो रही थी।