{"_id":"0da8b3902ee42bb23ed511297fc163aa","slug":"iits-nits-will-consist-research-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईआईटीज, एनआईटीज मिलकर करेंगे शोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आईआईटीज, एनआईटीज मिलकर करेंगे शोध
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Sat, 28 Mar 2015 11:59 PM IST
विज्ञापन
देश के आईआईटीज और एनआईटीज मिलकर पीएचडी कराएंगे। इसका मकसद क्वालिटी रिसर्च के साथ योग्य शिक्षक तैयार करना भी है। एमएनएनआईटी के दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल पद्मभूषण नीति आयोग के सदस्य डॉ.वीके सारस्वत ने बताया कि शिक्षकों की कमी दूर करने तथा गुणवत्तापरक शिक्षा के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से कई कदम उठाए गए हैं। सुधार की प्रक्रिया सिर्फ उच्च शिक्षा में ही नहीं, स्कूली शिक्षा में जारी है।
इसी के तहत आईआईटीज और एनआईटीज की ओर से संयुक्त रूप में पीएचडी कराने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत शोधार्थियों को देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों के शिक्षकों के साथ और उनके लैब में एक साथ काम करने का मौका मिलेगा। डॉ.सारस्वत का कहना है कि इससे शोध की गुणवत्ता बढ़ेगी। साथ में इन युवाओं के शिक्षण के क्षेत्र में आने से शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। उन्हाेंने शिक्षा की गुणवत्ता के लिए शुरू अन्य प्रयासों की भी चर्चा की। हालांकि डॉ.सारस्वत ने नीति आयोग की भावी योजनाओं के बारे में कुछ भी बताने से मना कर दिया।
विज्ञापन
इसी के तहत आईआईटीज और एनआईटीज की ओर से संयुक्त रूप में पीएचडी कराने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत शोधार्थियों को देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों के शिक्षकों के साथ और उनके लैब में एक साथ काम करने का मौका मिलेगा। डॉ.सारस्वत का कहना है कि इससे शोध की गुणवत्ता बढ़ेगी। साथ में इन युवाओं के शिक्षण के क्षेत्र में आने से शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। उन्हाेंने शिक्षा की गुणवत्ता के लिए शुरू अन्य प्रयासों की भी चर्चा की। हालांकि डॉ.सारस्वत ने नीति आयोग की भावी योजनाओं के बारे में कुछ भी बताने से मना कर दिया।
विज्ञापन