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हाथरस में गांजा बरामदगी का मामला : हाईकोर्ट ने यूपी पुलिस को लगाई कड़ी फटकार, मुकदमा चलाने का आदेश
Sat, 04 Dec 2021 10:19 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 04 Dec 2021 10:19 PM IST
सार
कोर्ट ने कहा कि एक व्यक्ति को आधीरात को उसके घर से उठाने और एनडीपीएस मामले में मुकदमा दर्ज करना दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई प्रतीत होती है। मामले में याची ललित गुप्ता ने हाईकोर्ट में अपनी जमानत के लिए अर्जी दाखिल की थी, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया।
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allahabad high court
- फोटो : social media
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाथरस में एक व्यक्ति से 29 किलोग्राम गांजा बरामदगी के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस को कड़ी फटकार लगाई है और मामले में जांच का आदेश देते हुए दोषी पाए जाने वाले पुलिस अफसरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी की खंडपीठ कर रही है।
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कोर्ट ने कहा कि एक व्यक्ति को आधीरात को उसके घर से उठाने और एनडीपीएस मामले में मुकदमा दर्ज करना दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई प्रतीत होती है। मामले में याची ललित गुप्ता ने हाईकोर्ट में अपनी जमानत के लिए अर्जी दाखिल की थी, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया। याची के खिलाफ यूपी पुलिस ने नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम अपराध के तहत मामला दर्ज किया है। आरोप है कि पुलिस ने 11 जून 2021 को उसके पास से लगभग 29 किलोग्राम गांजा बरामद किया था और इसकेबाद उसे गिरफ्तार किया था।
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याची ने कोर्ट के समक्ष दावा किया कि पुलिस ने उसके खिलाफ दुर्भावनापूर्ण तरीके से कार्रवाई की है। याची केअधिवक्ता ने तर्क दिया कि याची को उसके आवास से चार नकाबपोश व्यक्तियों ने सिविल ड्रेस में उठा लिया था। उसकी पत्नी ने हाथरस पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर अपने पति के अपहरण की पूरी कहानी बताई तो उन्होंने जांच के आदेश दे दिए। पूछताछ में यह बात सामने आई कि सिविल ड्रेस में याची केघर आए लोग वास्तव में वे नोएडा पुलिस के अधिकारी थे।
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