फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   High Court: Bring on record the facts related to the accident in Mahakumbh, now hearing will be held on Februa

High Court : महाकुंभ में हुए हादसे से संबंधित तथ्यों को रिकॉर्ड पर लाएं, अब 19 फरवरी को होगी सुनवाई

Fri, 14 Feb 2025 02:55 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, महाकुंभ नगर (प्रयागराज)
अमर उजाला नेटवर्क, महाकुंभ नगर (प्रयागराज) Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 14 Feb 2025 02:55 PM IST
सार

महाकुंभ में माैनी अमावस्या पर हुए हादसे में जाने गंवाने वाले और लापता श्रद्धालुओं की सही जानकारी के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। इसमें सरकार पर सही जानकारी नहीं देने का आरोप लगाते हुए न्यायिक निगरानी समिति गठित करने की मांग की गई है।

विज्ञापन
High Court: Bring on record the facts related to the accident in Mahakumbh, now hearing will be held on Februa
मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर संगम तट पर हादसे के बाद बिखरा सामान। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

महाकुंभ में माैनी अमावस्या पर हुए हादसे में जाने गंवाने वाले और लापता श्रद्धालुओं की सही जानकारी के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। इसमें सरकार पर सही जानकारी नहीं देने का आरोप लगाते हुए न्यायिक निगरानी समिति गठित करने की मांग की गई है। अब इस संबंध में मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली एवं न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता को मामले में आवश्यक तथ्य और रिकाॅर्ड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, जिसके आधार पर सरकार से जवाब तलब किया जा सके।

विज्ञापन

हाईकोर्ट में सुरेश चंद्र पांडेय की ओर से दायर जनहित याचिका में मृतक व लापता लोगों का विवरण एकत्र करने के लिए न्यायिक निगरानी समिति गठित करने की मांग की गई है। साथ ही अनुरोध किया गया है कि जांच समिति की जानकारी प्रमुख और क्षेत्रीय समाचार पत्रों में प्रकाशित कराया जाए, ताकि लोग घटना के संबंध में समिति को जानकारी दे सकें। साथ ही मांग की गई है कि मुख्य चिकित्साधिकारी महाकुंभ और मुख्य चिकित्साधिकारी प्रयागराज को घायलों और मृतकों के संबंध में रिकॉर्ड प्रस्तुत करने का निर्देश दिया जाए।

विज्ञापन

याचिका पर अधिवक्ता ने दलील दी कि सरकार की ओर से गठित जांच आयोग का दायरा बहुत सीमित है। आयोग के जांच के दायरे में लापता लोगों का पता लगाने तथा घटना में कितने लोगों की मृत्यु हुई शामिल नहीं है। यह भी दलील दी गई कि सरकार स्नानार्थियों की संख्या की जानकारी तो शीघ्रता से देती है, लेकिन मृतकों की संख्या बताने में 18 घंटे लग गए। इस पर कोर्ट ने कहा कि याचिका मूलत: कुछ रिपोर्टों पर आधारित है, लेकिन किसी भी रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर नहीं रखा गया है। याचिका में दिए गए कथनों के अलावा साक्ष्य उपलब्ध नहीं है।

याचिका पर तथ्य प्रस्तुत करने के लिए अधिवक्ता की ओर से समय मांगा गया। इस पर न्यायालय ने 19 फरवरी की तिथि नियत की है। विदित हो कि राज्य सरकार ने महाकुंभ में हुए हादसे की जांच के लिए हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति हर्ष कुमार की अध्यक्षता में न्यायिक आयोग का गठन किया है। आयोग ने लोगों को घटना के संबंध में जानकारी देने के लिए आमंत्रित भी किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed