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High court: युवती की हत्या के मामले में दाखिल अपील खारिज
Thu, 23 Dec 2021 01:23 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 23 Dec 2021 01:23 AM IST
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court
- फोटो : Social Media
बागपत के बिनौली थाना अंतर्गत युवती की मौत के मामले में दाखिल अपील को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि तथ्यों और गवाहों के बयानों के अंतर्विरोधों के समग्र परिप्रेक्ष्य में निचली अदालत द्वारा दर्ज निष्कर्षों को खारिज करने या इससे अलग राय लेने का कोई कारण नहीं मिलता है। परिणामस्वरूप अपील खारिज की जाती है।
यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीत कुमार और न्यायमूर्ति बृज राज सिंह की दो जजों की खंडपीठ ने दिया है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि अभियोजन पक्ष अपने आरोपों को साबित करने में नाकाम रहा। मामला बागपत जिले के बिनौली थाने का है। नफीस ने रिपोर्ट लिखाई थी कि उसकी बहन नफीसा की शादी फईमुद्दीन पुत्र मेहराज से 10 वर्ष पूर्व हुई थी। आरोप लगाया कि ससुराल वाले उससे मारपीट कर प्रताड़ित करते हैं।
23 नवंबर 2016 को सूचना मिली कि उसकी बहन को जला दिया गया है। मामले में नफीस ने पति सहित परिवार के पांच सदस्यों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले में ट्रॉयल कोर्ट ने सुनवाई केदौरान सभी आरोपियों को बरी कर दिया। निचली अदालत के फैसले केखिलाफ हाईकोर्ट में अपील दाखिल की गई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।
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यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीत कुमार और न्यायमूर्ति बृज राज सिंह की दो जजों की खंडपीठ ने दिया है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि अभियोजन पक्ष अपने आरोपों को साबित करने में नाकाम रहा। मामला बागपत जिले के बिनौली थाने का है। नफीस ने रिपोर्ट लिखाई थी कि उसकी बहन नफीसा की शादी फईमुद्दीन पुत्र मेहराज से 10 वर्ष पूर्व हुई थी। आरोप लगाया कि ससुराल वाले उससे मारपीट कर प्रताड़ित करते हैं।
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23 नवंबर 2016 को सूचना मिली कि उसकी बहन को जला दिया गया है। मामले में नफीस ने पति सहित परिवार के पांच सदस्यों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले में ट्रॉयल कोर्ट ने सुनवाई केदौरान सभी आरोपियों को बरी कर दिया। निचली अदालत के फैसले केखिलाफ हाईकोर्ट में अपील दाखिल की गई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।
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