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Prayagraj News: ईसीसी के दो छात्रों की हत्या में पांच युवकों को उम्रकैद
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इलाहाबाद जिला न्यायालय ने आठ साल पहले पैसे के लेनदेन के विवाद में ईसीसी के दो छात्रों की चाकू गोद कर हत्या करने वाले पांच हमलावरों को उम्रकैद और 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
यह फैसला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार चौरसिया की अदालत ने जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गुलाब चंद्र अग्रहरि, एडीजीसी राजकुमार सिंह और अश्वनी सोनकर की दलीलों, गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर सुनाया है। यह सनसनीखेज वारदात प्रयागराज के नैनी कोतवाली थाना क्षेत्र की है। 22 अप्रैल 2016 को महेवा में बाइक सवार युवकों ने कासिम लॉज में घुसकर ईसीसी में पढ़ने वाले वाराणसी के छात्र शाहबाज खान की चाकू से गोदकर हत्या कर दी। बीच बचाव करने पर फतेहपुर निवासी साथी छात्र समीर को भी चाकू मारकर घायल कर दिया। इसके बाद हत्या कर हमलावर निकल भागे थे।
शाहबाज के भाई जाबांज की तहरीर पर नैनी पुलिस ने अतीक, लाइक अहमद, फैज और इमरान को नामजद किया था जबकि दो अज्ञात को भी आरोपी बनाया था। पुलिस ने सभी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। करीब आठ साल चले सत्र परीक्षण के बाद बृहस्पतिवार की अदालत ने पांचों हमलावरों को दोहरे हत्याकांड का दोषी करार देते हुए सभी को उम्रकैद और सभी को 25-25 हजार रुपये जुर्माने के सजा सुना दी।
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कैसे हुई थी वारदात
वाराणसी के रोहनिया थाना क्षेत्र के आहोपुर निवासी शाहबाज खान (22) ईसीसी में बीए द्वितीय वर्ष का छात्र था। उसके पिता सलीम खान चंदौली में एलआइयू में आरक्षी हैं। शाहबाज नैनी के महेवा में कासिम के लॉज में किराए के कमरे में बड़े भाई जाबांज खान और साथी छात्र समीर (21) पुत्र वाहिद अली के साथ रहता था। जाबांज प्रतियोगी छात्र था। वारदात वाली सुबह वह किताब लेने सिविल लाइंस चला गया। दोपहर करीब 12 बजे शाहबाज व समीर अपने कमरे में लेटे थे। इसी दौरान तीन बाइक से छह युवक पहुंचे। तीन बाहर खड़े हो गए और तीन युवक शाहबाज के कमरे में घुसे। युवकों ने शाहबाज को दबोच लिया और पेट में चाकू से ताबड़तोड़ प्रहार किया। समीर ने बचाने का प्रयास किया तो उसे भी चाकू मार दिया। अस्पताल ले जाने पर दोनों छात्रों ने दम तोड़ दिया। पूछताछ सामने आया था कि रुपये के लेनदेन को लेकर स घटना को अंजाम दिया गया था।
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यह फैसला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार चौरसिया की अदालत ने जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गुलाब चंद्र अग्रहरि, एडीजीसी राजकुमार सिंह और अश्वनी सोनकर की दलीलों, गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर सुनाया है। यह सनसनीखेज वारदात प्रयागराज के नैनी कोतवाली थाना क्षेत्र की है। 22 अप्रैल 2016 को महेवा में बाइक सवार युवकों ने कासिम लॉज में घुसकर ईसीसी में पढ़ने वाले वाराणसी के छात्र शाहबाज खान की चाकू से गोदकर हत्या कर दी। बीच बचाव करने पर फतेहपुर निवासी साथी छात्र समीर को भी चाकू मारकर घायल कर दिया। इसके बाद हत्या कर हमलावर निकल भागे थे।
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शाहबाज के भाई जाबांज की तहरीर पर नैनी पुलिस ने अतीक, लाइक अहमद, फैज और इमरान को नामजद किया था जबकि दो अज्ञात को भी आरोपी बनाया था। पुलिस ने सभी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। करीब आठ साल चले सत्र परीक्षण के बाद बृहस्पतिवार की अदालत ने पांचों हमलावरों को दोहरे हत्याकांड का दोषी करार देते हुए सभी को उम्रकैद और सभी को 25-25 हजार रुपये जुर्माने के सजा सुना दी।
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कैसे हुई थी वारदात
वाराणसी के रोहनिया थाना क्षेत्र के आहोपुर निवासी शाहबाज खान (22) ईसीसी में बीए द्वितीय वर्ष का छात्र था। उसके पिता सलीम खान चंदौली में एलआइयू में आरक्षी हैं। शाहबाज नैनी के महेवा में कासिम के लॉज में किराए के कमरे में बड़े भाई जाबांज खान और साथी छात्र समीर (21) पुत्र वाहिद अली के साथ रहता था। जाबांज प्रतियोगी छात्र था। वारदात वाली सुबह वह किताब लेने सिविल लाइंस चला गया। दोपहर करीब 12 बजे शाहबाज व समीर अपने कमरे में लेटे थे। इसी दौरान तीन बाइक से छह युवक पहुंचे। तीन बाहर खड़े हो गए और तीन युवक शाहबाज के कमरे में घुसे। युवकों ने शाहबाज को दबोच लिया और पेट में चाकू से ताबड़तोड़ प्रहार किया। समीर ने बचाने का प्रयास किया तो उसे भी चाकू मार दिया। अस्पताल ले जाने पर दोनों छात्रों ने दम तोड़ दिया। पूछताछ सामने आया था कि रुपये के लेनदेन को लेकर स घटना को अंजाम दिया गया था।