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Prayagraj News: किसान पिता ने तैयार की जमीन, बेटी ने उगाए तमगे
Sun, 13 Sep 2026 02:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Sun, 13 Sep 2026 02:09 AM IST
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ट्रिपलआईटी के ईसीई विभाग की विधि अग्रवाल। स्रोत: संवाद
भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपलआईटी) के 21वें दीक्षांत समारोह में मेधावी विद्यार्थियों ने अपनी मेहनत और प्रतिभा का परचम लहराया। ईसीई की छात्रा कासू साई उषाश्री ने अपने किसान पिता की मेहनत को सार्थक करते हुए दो स्वर्ण पदक हासिल किए।
हैदराबाद निवासी कासू को ईसीई गोल्ड मेडल और मेघा गोयल मेमोरियल गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। कासू ने किसान पिता और गृहिणी मां को सफलता का श्रेय दिया। कासू ने बताया कि माता-पिता ने सीमित संसाधनों के बावजूद शिक्षा को प्राथमिकता दी। उनकी पढ़ाई के लिए एजुकेशन लोन लिया। 2026 में पढ़ाई पूरी करने के बाद उनका चयन ओपनटेक्स्ट में सॉफ्टवेयर डेवलपर के रूप में हुआ है।
वहीं, बीटेक आईटी के छात्र दिव्यांश ओमर ने तीन स्वर्ण पदक जीतकर उत्कृष्ट प्रतिभा का परिचय दिया। उन्हें चेयरमैन गोल्ड मेडल, बीटेक आईटी गोल्ड मेडल और डॉ. टीसीएम पिल्लई मेमोरियल गोल्ड मेडल मिला। दिव्यांश ने भी सफलता का श्रेय माता-पिता, परिवार और दोस्तों को दिया। फिलहाल वह नौकरी करना चाहते हैं लेकिन भविष्य में एआई के क्षेत्र में स्टार्टअप शुरू करने की इच्छा रखते हैं।
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एमबीए छात्र प्रशांत को सिल्वर मेडल से सम्मानित किया गया। उन्होंने सफलता का श्रेय मेहनत, निरंतरता और अनुशासन को दिया। प्रशांत के पिता इलाहाबाद हाईकोर्ट में अधिवक्ता हैं, जबकि मां गृहिणी हैं। एमबीए के बाद नौकरी करने के बजाय वह ट्रिपलआईटी से फाइनेंस और आईटी में पीएचडी कर रहे हैं। उनका लक्ष्य शोध के जरिये वित्तीय और तकनीकी क्षेत्र की समस्याओं को दूर कर समाज के विकास में योगदान देना है।
एमबीए छात्र यश पंत को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। पिथौरागढ़ निवासी यश के पिता डॉक्टर और मां गृहिणी हैं। उन्होंने बताया कि यह उनका पहला मेडल है। साइंस बैकग्राउंड के कारण शुरुआत में फाइनेंस, बैलेंस शीट और अकाउंटिंग कठिन लगे लेकिन मेहनत से समझ बेहतर हुई। एमबीए के बाद सिटी बैंक, चेन्नई में प्लेसमेंट के बावजूद उन्होंने शोध को प्राथमिकता दी। नेट क्वालीफाई कर आईआईटी रुड़की में पीएचडी में दाखिला लिया।
ईसीई छात्रा विधि अग्रवाल को सिल्वर मेडल से सम्मानित किया गया। फरीदाबाद निवासी विधि की मां वाईएमसीए यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर और पिता दिल्ली में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर हैं। उन्होंने सफलता का आधार नियमित अभ्यास, लैब कार्य, किताबों के अध्ययन और प्रश्न हल करने को बताया। विधि ने सफलता का श्रेय माता-पिता, दोस्तों और शिक्षकों को दिया। फिलहाल उनका चयन एसएपी लैब्स, गुड़गांव में हुआ है।
इनको भी मिले पदक
समारोह में विभिन्न पाठ्यक्रमों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक प्रदान किए गए। बीटेक (आईटी) में शाह आर्यन को रजत और इंदुरी नागा आदित्य रेड्डी को कांस्य पदक मिला। बीटेक (ईसीई) में विधि अग्रवाल ने रजत और ध्रुव अग्रवाल ने कांस्य पदक प्राप्त किया। एमबीए में मेधा केशरवानी को कांस्य पदक प्रदान किया गया। वहीं, एमटेक (ईसीई) में मोहम्मद कैफुद्दीन खान को स्वर्ण, दीपक जोशी को रजत और सुषमा को कांस्य पदक से सम्मानित किया गया। इसके अलावा समारोह में विभिन्न एंडोमेंट पदक भी प्रदान किए गए।
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हैदराबाद निवासी कासू को ईसीई गोल्ड मेडल और मेघा गोयल मेमोरियल गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। कासू ने किसान पिता और गृहिणी मां को सफलता का श्रेय दिया। कासू ने बताया कि माता-पिता ने सीमित संसाधनों के बावजूद शिक्षा को प्राथमिकता दी। उनकी पढ़ाई के लिए एजुकेशन लोन लिया। 2026 में पढ़ाई पूरी करने के बाद उनका चयन ओपनटेक्स्ट में सॉफ्टवेयर डेवलपर के रूप में हुआ है।
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वहीं, बीटेक आईटी के छात्र दिव्यांश ओमर ने तीन स्वर्ण पदक जीतकर उत्कृष्ट प्रतिभा का परिचय दिया। उन्हें चेयरमैन गोल्ड मेडल, बीटेक आईटी गोल्ड मेडल और डॉ. टीसीएम पिल्लई मेमोरियल गोल्ड मेडल मिला। दिव्यांश ने भी सफलता का श्रेय माता-पिता, परिवार और दोस्तों को दिया। फिलहाल वह नौकरी करना चाहते हैं लेकिन भविष्य में एआई के क्षेत्र में स्टार्टअप शुरू करने की इच्छा रखते हैं।
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एमबीए छात्र प्रशांत को सिल्वर मेडल से सम्मानित किया गया। उन्होंने सफलता का श्रेय मेहनत, निरंतरता और अनुशासन को दिया। प्रशांत के पिता इलाहाबाद हाईकोर्ट में अधिवक्ता हैं, जबकि मां गृहिणी हैं। एमबीए के बाद नौकरी करने के बजाय वह ट्रिपलआईटी से फाइनेंस और आईटी में पीएचडी कर रहे हैं। उनका लक्ष्य शोध के जरिये वित्तीय और तकनीकी क्षेत्र की समस्याओं को दूर कर समाज के विकास में योगदान देना है।
एमबीए छात्र यश पंत को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। पिथौरागढ़ निवासी यश के पिता डॉक्टर और मां गृहिणी हैं। उन्होंने बताया कि यह उनका पहला मेडल है। साइंस बैकग्राउंड के कारण शुरुआत में फाइनेंस, बैलेंस शीट और अकाउंटिंग कठिन लगे लेकिन मेहनत से समझ बेहतर हुई। एमबीए के बाद सिटी बैंक, चेन्नई में प्लेसमेंट के बावजूद उन्होंने शोध को प्राथमिकता दी। नेट क्वालीफाई कर आईआईटी रुड़की में पीएचडी में दाखिला लिया।
ईसीई छात्रा विधि अग्रवाल को सिल्वर मेडल से सम्मानित किया गया। फरीदाबाद निवासी विधि की मां वाईएमसीए यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर और पिता दिल्ली में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर हैं। उन्होंने सफलता का आधार नियमित अभ्यास, लैब कार्य, किताबों के अध्ययन और प्रश्न हल करने को बताया। विधि ने सफलता का श्रेय माता-पिता, दोस्तों और शिक्षकों को दिया। फिलहाल उनका चयन एसएपी लैब्स, गुड़गांव में हुआ है।
इनको भी मिले पदक
समारोह में विभिन्न पाठ्यक्रमों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक प्रदान किए गए। बीटेक (आईटी) में शाह आर्यन को रजत और इंदुरी नागा आदित्य रेड्डी को कांस्य पदक मिला। बीटेक (ईसीई) में विधि अग्रवाल ने रजत और ध्रुव अग्रवाल ने कांस्य पदक प्राप्त किया। एमबीए में मेधा केशरवानी को कांस्य पदक प्रदान किया गया। वहीं, एमटेक (ईसीई) में मोहम्मद कैफुद्दीन खान को स्वर्ण, दीपक जोशी को रजत और सुषमा को कांस्य पदक से सम्मानित किया गया। इसके अलावा समारोह में विभिन्न एंडोमेंट पदक भी प्रदान किए गए।

ट्रिपलआईटी के ईसीई विभाग की विधि अग्रवाल। स्रोत: संवाद

ट्रिपलआईटी के ईसीई विभाग की विधि अग्रवाल। स्रोत: संवाद

ट्रिपलआईटी के ईसीई विभाग की विधि अग्रवाल। स्रोत: संवाद

ट्रिपलआईटी के ईसीई विभाग की विधि अग्रवाल। स्रोत: संवाद