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दुर्गा भाभी की पुण्यतिथि आज, भूल गया समाज
Mon, 14 Oct 2019 12:54 AM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 14 Oct 2019 12:54 AM IST
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Durga Bhabhi, file photo
महान क्रांतिकारी दुर्गा भाभी की पुण्य तिथि 14 अक्तूबर यानी सोमवार को है। पुण्य तिथि पर वीरांगना को याद करने के लिए कौशाम्बी जिले में कोई सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित होने की फिलहाल कोई सुगबुगाहट तक नहीं है। पूरे साल में सिर्फ एक बार ही अगस्त क्रांति के मौके पर नौ अगस्त को उनके पैतृक गांव शहजादपुर स्थित स्मारक गुलजार होता है।
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फिरंगियों को नाकों चने चबवाने वाली महान क्रांतिकारी दुर्गा भाभी का जन्म सात अक्तूबर वर्ष 1902 को कौशाम्बी जिले के सिराथू तहसील के गांव शहजादपुर में हुआ था। संघर्ष भरे 97 वर्ष गुजारने के बाद लंबी बीमारी के कारण 14 अक्तूबर 1999 को गाजियाबाद में उन्होंने अंतिम सांस ली थी। महान क्रांतिकारी की वीरता के किस्से किसी से छिपे नहीं है।
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लेकिन जयंती अथवा पुण्य तिथि पर उन्हें याद करने के लिए पैतृक गांव शहजादपुर समेत पूरे जनपद में सार्वजनिक तौर से कोई कार्यक्रम नहीं आयोजित किया जाता। गनीमत रही कि अगस्त क्रांति के मौके पर नौ अगस्त को सांसद विनोद सोनकर ने कौशाम्बी विकास परिषद की ओर से शहजादपुर में कार्यक्रमों का आयोजन शुरू कर दिया।
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तीन साल पहले 2017 में उन्होंने तत्कालीन केंद्रीय राज्य रक्षा मंत्री जनरल वीके सिंह को बुलाकर दुर्गा भाभी के नाम से स्मारक का शिलान्यास कराया। इसके बाद 2018 में तत्कालीन राज्यपाल राम नाइक ने उसी स्मारक का लोकार्पण किया था। इस बार भी नौ अगस्त को डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की मौजूदगी में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। बस इसी मौके पर साल मेें एक बार वीरांगना का स्मारक गुलजार होता है।
पुण्यतिथि पर कोई कार्यक्रम नहीं
शहजादपुर गांव में रहने वाले उनके पारिवारिक पोते आशीष भट्ट का कहना है कि घर पर ही परिवार के सदस्य हर साल सात अक्तूबर को उनकी जयंती मनाते हैं। महज हफ्ते भर का अंतर होने के कारण पुण्य तिथि पर कोई कार्यक्रम नहीं आयोजित किया जाता है।