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Prayagraj News: डीपीआरओ ने ग्राम पंचायत अधिकारी का निलंबन आदेश किया निरस्त
Tue, 02 Dec 2025 12:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Tue, 02 Dec 2025 12:53 AM IST
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ग्राम पंचायत अधिकारी पूर्णिमा सिंह का निलंबन केवल चार दिन में ही वापस ले लिया गया। गोवंश आश्रय स्थल में अव्यवस्था के आरोपों पर कार्रवाई के बाद उन्होंने डीपीआरओ से न्याय की गुहार लगाई थी। इसके बाद अधिकारी ने अपना आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया।
ब्लॉक क्षेत्र प्रतापपुर के मोहिउद्दीनपुर गांव में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी पूर्णिमा सिंह को जिला पंचायत राज अधिकारी रविशंकर द्विवेदी ने 24 नवंबर को निलंबित कर दिया था। आरोप था कि अलावलपुर स्थित गोवंश आश्रय स्थल में देखरेख की कमी के कारण गोवंश अत्यंत कमजोर मिले और गोशाला में हरा चारा, साइलेज व चुनी-चोकर आदि उपलब्ध नहीं पाए गए।
पूर्णिमा सिंह का कहना था कि उन्होंने कुछ ही दिन पहले ग्राम पंचायत का चार्ज संभाला है। ऐसे में लापरवाही का आरोप उन पर नहीं लगाया जा सकता। उनका दावा था कि गांव में पशुओं की जरूरत को पूरा करने के लिए अपने निजी खर्च से चूनी-चोकर तक खरीदे थे।
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निलंबन के बाद उन्होंने 28 नवंबर को डीपीआरओ को शिकायती पत्र सौंपते हुए कार्रवाई की निष्पक्ष समीक्षा की मांग की। शिकायत की जांच और तथ्यों पर पुनर्विचार के बाद डीपीआरओ रविशंकर द्विवेदी ने अपनी गलती स्वीकारते हुए निलंबन आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया।
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ब्लॉक क्षेत्र प्रतापपुर के मोहिउद्दीनपुर गांव में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी पूर्णिमा सिंह को जिला पंचायत राज अधिकारी रविशंकर द्विवेदी ने 24 नवंबर को निलंबित कर दिया था। आरोप था कि अलावलपुर स्थित गोवंश आश्रय स्थल में देखरेख की कमी के कारण गोवंश अत्यंत कमजोर मिले और गोशाला में हरा चारा, साइलेज व चुनी-चोकर आदि उपलब्ध नहीं पाए गए।
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पूर्णिमा सिंह का कहना था कि उन्होंने कुछ ही दिन पहले ग्राम पंचायत का चार्ज संभाला है। ऐसे में लापरवाही का आरोप उन पर नहीं लगाया जा सकता। उनका दावा था कि गांव में पशुओं की जरूरत को पूरा करने के लिए अपने निजी खर्च से चूनी-चोकर तक खरीदे थे।
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निलंबन के बाद उन्होंने 28 नवंबर को डीपीआरओ को शिकायती पत्र सौंपते हुए कार्रवाई की निष्पक्ष समीक्षा की मांग की। शिकायत की जांच और तथ्यों पर पुनर्विचार के बाद डीपीआरओ रविशंकर द्विवेदी ने अपनी गलती स्वीकारते हुए निलंबन आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया।