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यमुना किनारे गांव की सुरक्षा के लिए बनेगा बांध : सिद्धार्थ नाथ
Fri, 13 Aug 2021 10:41 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 13 Aug 2021 10:41 PM IST
सार
- बाढ़ ग्रस्त इलाकों का निरीक्षण करने के बाद सिद्धार्थ नाथ ने सिंचाई विभाग को दिया प्रस्ताव भेजने का निर्देश
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prayagraj news : बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित करते कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह।
- फोटो : prayagraj
विस्तार
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य द्वारा प्रयागराज को बाढ़ से बचाने के लिए कॉरिडोर बनाने की घोषणा के अगले दिन कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने यमुना किनारे के गांव को बाढ़ से बचाने के लिए बांध बनाने की बात कही है। शुक्रवार को शहर पश्चिमी विधानसभा क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने सिंचाई विभाग को निर्देश दिया कि वह बांध बनाए जाने का प्रस्ताव भेजें।
कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह शुक्रवार को बख्शी मोड़ा, गोहठी करेंहदा, मदारीपुर और मैनापुर गांव का निरीक्षण करने गए थे। वहां से लौटने के बाद अमर उजाला से हुई बातचीत में उन्होंने बताया कि मदारीपुर गांव जाते समय बिसौना गांव वासियों ने रास्ते में ही मंत्री की गाड़ी को रुकवा लिया। वहां ग्रामीणों ने यमुना नदी के पानी से होने वाले नुकसान के बारे में बताया।
कहा कि यह समस्या पिछले कई वर्ष से है। यमुना में आने वाली बाढ़ से हर वर्ष सैकड़ों एकड़ फसल नष्ट हो जाती है। यदि ककरहा घाट यमुना के किनारे बांध बना दिया जाए तो समस्या का निराकरण हो जाएगा। सिद्धार्थ नाथ के अनुसार निरीक्षण के बाद उन्होंने सिंचाई विभाग के अफसरों से कहा कि यमुना के किनारे बांध बनाए जाने का प्रस्ताव वह सरकार को भेंजें। सिद्धार्थ नाथ ने कहा कि अभी बांध उसी स्थान पर बनाया जाएगा, जहां से यमुना का पानी आबादी में प्रवेश करता है। इसके पूर्व निरीक्षण के दौरान कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ ने बक्शी मोड़ा में बाढ़ से घिरे कई मकान देखे।
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उन्होंने स्थानीय निवासी सुनील कुमार गुप्ता, बसंती प्रजापति को राहत सामग्री देने के साथ बाढ़ की वजह से अभय निषाद का घर गिरने पर उसे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास देने के लिए एसडीएम सदर को निर्देश दिया। इस दौरान करेंदहा गोहठी, करेंहदा गांव में गांव वासियों ने बताया कि पुलिया न होकर यहां रपटा बना हुआ है, जो काफी नीचे है। बारिश के दौरान रपटा के ऊपर पानी बहने के कारण आवागमन बंद हो जाता रहा है। इस पर सिद्धार्थ नाथ ने पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर को यहां पुल बनाने का प्रस्ताव भेजे जाने का निर्देश दिया। उनके निरीक्षण के दौरान अनिल सिंह, कमलेश कुमार, राजू राय, रामलोचन साहू, देवेश सिंह, रमेश पासी, रामजी शुक्ला, प्रेम नारायण केसरवानी, ज्ञान बाबू केसरवानी, संजय श्रीवास्तव, मंजीत कुशवाहा आदि मौजूद रहे।
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कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह शुक्रवार को बख्शी मोड़ा, गोहठी करेंहदा, मदारीपुर और मैनापुर गांव का निरीक्षण करने गए थे। वहां से लौटने के बाद अमर उजाला से हुई बातचीत में उन्होंने बताया कि मदारीपुर गांव जाते समय बिसौना गांव वासियों ने रास्ते में ही मंत्री की गाड़ी को रुकवा लिया। वहां ग्रामीणों ने यमुना नदी के पानी से होने वाले नुकसान के बारे में बताया।
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कहा कि यह समस्या पिछले कई वर्ष से है। यमुना में आने वाली बाढ़ से हर वर्ष सैकड़ों एकड़ फसल नष्ट हो जाती है। यदि ककरहा घाट यमुना के किनारे बांध बना दिया जाए तो समस्या का निराकरण हो जाएगा। सिद्धार्थ नाथ के अनुसार निरीक्षण के बाद उन्होंने सिंचाई विभाग के अफसरों से कहा कि यमुना के किनारे बांध बनाए जाने का प्रस्ताव वह सरकार को भेंजें। सिद्धार्थ नाथ ने कहा कि अभी बांध उसी स्थान पर बनाया जाएगा, जहां से यमुना का पानी आबादी में प्रवेश करता है। इसके पूर्व निरीक्षण के दौरान कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ ने बक्शी मोड़ा में बाढ़ से घिरे कई मकान देखे।
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उन्होंने स्थानीय निवासी सुनील कुमार गुप्ता, बसंती प्रजापति को राहत सामग्री देने के साथ बाढ़ की वजह से अभय निषाद का घर गिरने पर उसे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास देने के लिए एसडीएम सदर को निर्देश दिया। इस दौरान करेंदहा गोहठी, करेंहदा गांव में गांव वासियों ने बताया कि पुलिया न होकर यहां रपटा बना हुआ है, जो काफी नीचे है। बारिश के दौरान रपटा के ऊपर पानी बहने के कारण आवागमन बंद हो जाता रहा है। इस पर सिद्धार्थ नाथ ने पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर को यहां पुल बनाने का प्रस्ताव भेजे जाने का निर्देश दिया। उनके निरीक्षण के दौरान अनिल सिंह, कमलेश कुमार, राजू राय, रामलोचन साहू, देवेश सिंह, रमेश पासी, रामजी शुक्ला, प्रेम नारायण केसरवानी, ज्ञान बाबू केसरवानी, संजय श्रीवास्तव, मंजीत कुशवाहा आदि मौजूद रहे।