{"_id":"594ada464f1c1b01318b4636","slug":"yogis-took-the-resolve-of-healthy-india-between-the-squirrel","type":"story","status":"publish","title_hn":"फुहार के बीच योगियों ने लिया स्वस्थ्य भारत का संकल्प","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
फुहार के बीच योगियों ने लिया स्वस्थ्य भारत का संकल्प
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 22 Jun 2017 02:18 AM IST
विज्ञापन
इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गंगा-यमुना का संगम तट बुधवार को भारतीय योग की समृद्धशाली परंपरा का साक्षी बना। हजारों योगियों ने योग क्रियाओं का प्रदर्शन कर खुद को स्वस्थ्य रखने का संकल्प लिया। साथ ही स्वस्थ भारत का संदेश दिया। गणवेश में पहुंचे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक की मौजूदगी ऐसी लग रही थी मानों रंग-बिरंगे धरातल पर सफेद चादर बिछ गई हो। मधुर संगीत के बीच मंत्र और श्लोक की प्रस्तुतियों से पूरा माहौल योगमय रहा तो मौसम ने उसे और खुशनुमा बना दिया। कुछ पल के लिए फुहारों ने बौछार का रूप लिया तो पीछे की पंक्ति में बैठे छात्र-छात्राओं में हलचल हुई लेकिन थोड़ी ही देर में सभी फिर अपनी कतार में शामिल हो गए। यह आलम सिर्फ परेड मैदान में नहीं था। बुधवार को पूरा शहर ही योग नगरी में बदल गया। चंद्रशेखर आजाद पार्क समेत शहर के ज्यादातर छोटे-बड़े पार्कों, स्कूलों-कालेजों, विभिन्न संस्थाओं के परिसर में योग की क्लास लगी।
जिला प्रशासन की ओर से परेड मैदान में आयोजित योग दिवस समारोह में 13 हजार लोगों के शामिल होने का दावा किया गया। इसमें महिलाओं और छात्राओं की भी बराबर की हिस्सेदारी रही। सुबह छह बजे से पहले ही आयोजन स्थल भर गया था लेकिन योग सात बजे शुरू हुआ। इस तरह से उनकी धैर्य की भी परीक्षा हुई। हालांकि बादलों ने योगियों का पूरा साथ दिया। सूर्य की तेजी बादलों को पार करने में नाकाम रहीं तो फुहारों ने ठंडक प्रदान की। शुरुआत योग गुरु आनंद गिरि के संबोधन और उनके निर्देशन में हुई। योग गुरु ने जोड़ की बीमारियों से निजात के साथ कपाल भारती, अनुलोम-विलोम, सूर्य नमस्कार आदि क्रियाएं कराईं। उनके साथ मंच पर विराजमान दो प्रशिक्षकों ने क्रियाओं का प्रदर्शन कर लोगों का मार्गदर्शन किया। योग पूर्व तथा कपाल भाती आदि क्रियाआें के समय भक्तिमय गीतों की प्रस्तुतियों से परेड का वातावरण अध्यात्म आर योग की नगरी में तब्दील हो गया।
आयोजन का जगह-जगह लगे एलईडी टीवी पर प्रसारण किया गया। हालांकि बीच में हल्की बारिश के बाद उन्हें बंद कर देना पड़ा। समारोह का ब्राडकास्टिंग के माध्यम से सजीव प्रसारण किया गया। सूचना विभाग की ओर से यूट्यूब पर भी दिखाया गया। परेड मैदान तथा आसपास के क्षेत्रों की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी तथा पूरे आयोजन पर सीसीटीवी और ड्रोन के माध्यम से नजर रखी गई। कमिश्नर डॉ.आशीष कुमार गोयल ने धन्यवाद ज्ञापित किया। संचालन डॉ.रंजना त्रिपाठी ने किया। योग करने वालों में विधायक हर्षवर्धन बाजपेई, एडीजी सत्य नारायन साबत, आईजी रमित शर्मा, सीडीओ सैमुअल पॉल एन., एसएसपी आनंद कुलकर्णी समेत जिला और पुलिस प्रशासन तथा अन्य विभाग के अफसर शामिल रहे।
विज्ञापन
उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र में रोजाना की तरह सुबह सात बजे से योगाभ्यास का आयोजन हुआ। इसी क्रम में आयोजित गोष्ठी में लोगों को योग के महत्व के बारे में बताया गया। इस मौके पर सांस्कृतिक आयोजन भी हुए। आयोजन में कार्यकारी निदेशक नरेंद्र सिंह, आशाराम, रामजनक योगी, कल्पना सहाय, संजय पुरुषार्थी आदि मौजूद रहे।
आयोजन के दौरान लखनऊ में प्रधानमंत्री के संबोधन का प्रसारण भी किया। नरेंद्र की अपील ने योगियों का उत्साह बढ़ाया तथा उनके संक्षिप्त संबोधन के दौरान लगातार तालियां बजती रहीं।
योग दिवस समारोह के दौरान भारी चौकसी के बावजूद चोर भी सक्रिय रहे। एक चोर राजकीय बालिका इंटर कालेज की प्रधानाचार्य इंदू सिंह की कार में जा बैठा। खास यह कि दरवाजा खोलने के लिए उसने कार के शीशे कई जगह से तोड़ दिए थे। वह कार में रखा पर्स तथा अन्य सामान लेकर भागने के फिराक में था लेकिन लोगों ने पकड़ लिया और जमकर धुनाई की। पुलिस उसे पकड़कर थाने ले गई।
0 आयोजन में एक दिन पहले हुए परिवर्तन से योग प्रशिक्षकों में नाराजगी रही। मुख्य कार्यक्रम में पूर्वाभ्यास में तय क्रियाओं से अलग योग हुआ। पूर्वाभ्यास प्रशिक्षकों के निर्देशन में हुआ था। तीनों अभ्यास में निर्धारित क्रियाएं कराई गईं। उसी के अनुसार योग का कार्यक्रम भी तय हुआ था लेकिन मुख्य आयोजन में अभ्यास में शामिल प्रशिक्षकों की भूमिका नगण्य हो गई। इससे आहत योग प्रशिक्षक अर्चना शुक्ला का कहना था कि योग का एक प्रोटोकाल होता है लेकिन उसके अनुसार योग नहीं हुआ। उन्हें मंच से भी उतारने की कोशिश की गई। यह बात मुख्यमंत्री तक भी पहुंचाई जाएगी।
कार्यक्रम में शामिल होना खासतौर, पर छात्र-छात्राओं के लिए यादगर पल रहा। स्मृतियों को लोगों ने मोबाइल में कैद भी किया। सेल्फी लेने अफसर भी पीछे नहीं रहे। महिला सेवा सदन इंटर कालेज की साक्षी शर्मा और इलाहाबाद विश्वविद्यालय में बीए की छात्रा ज्योति कुमारी का कहना था कि योग अब उनके लिए जीवन का मंत्र बन गया है। दोनों छात्राओं ने खुद ही रजिस्ट्रेशन कराया था। माधो ज्ञान केंद्र के सूर्य कांत और अमित सिंह के लिए योग की क्रियाओं का प्रदर्शन तो नया नहीं था लेकिन आयोजन उत्साह बढ़ाने वाला जरूर रहा। उनका कहना था कि योग का लगातार विस्तार लोगों के स्वास्थ्य का सरंक्षण करेगा। अलोपी बाग स्थित सिंधु विद्या मंदिर की सान्या सिंह, मीनाक्षी आदि के लिए योग करने का यह पहला अनुभव था। उनका कहना था कि इस पल को वह कभी नहीं भूलेंगी। उन्होंने नियमित योग का संकल्प भी दोहराया। फूलपुर से आईं बुजुर्ग सुशीला भी आयोजन में शामिल होकर खासा उत्साहित थीं। उन्होंने निरोग रहने के लिए लोगों से नियमित योग करने की अपील की।
विज्ञापन
जिला प्रशासन की ओर से परेड मैदान में आयोजित योग दिवस समारोह में 13 हजार लोगों के शामिल होने का दावा किया गया। इसमें महिलाओं और छात्राओं की भी बराबर की हिस्सेदारी रही। सुबह छह बजे से पहले ही आयोजन स्थल भर गया था लेकिन योग सात बजे शुरू हुआ। इस तरह से उनकी धैर्य की भी परीक्षा हुई। हालांकि बादलों ने योगियों का पूरा साथ दिया। सूर्य की तेजी बादलों को पार करने में नाकाम रहीं तो फुहारों ने ठंडक प्रदान की। शुरुआत योग गुरु आनंद गिरि के संबोधन और उनके निर्देशन में हुई। योग गुरु ने जोड़ की बीमारियों से निजात के साथ कपाल भारती, अनुलोम-विलोम, सूर्य नमस्कार आदि क्रियाएं कराईं। उनके साथ मंच पर विराजमान दो प्रशिक्षकों ने क्रियाओं का प्रदर्शन कर लोगों का मार्गदर्शन किया। योग पूर्व तथा कपाल भाती आदि क्रियाआें के समय भक्तिमय गीतों की प्रस्तुतियों से परेड का वातावरण अध्यात्म आर योग की नगरी में तब्दील हो गया।
विज्ञापन
आयोजन का जगह-जगह लगे एलईडी टीवी पर प्रसारण किया गया। हालांकि बीच में हल्की बारिश के बाद उन्हें बंद कर देना पड़ा। समारोह का ब्राडकास्टिंग के माध्यम से सजीव प्रसारण किया गया। सूचना विभाग की ओर से यूट्यूब पर भी दिखाया गया। परेड मैदान तथा आसपास के क्षेत्रों की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी तथा पूरे आयोजन पर सीसीटीवी और ड्रोन के माध्यम से नजर रखी गई। कमिश्नर डॉ.आशीष कुमार गोयल ने धन्यवाद ज्ञापित किया। संचालन डॉ.रंजना त्रिपाठी ने किया। योग करने वालों में विधायक हर्षवर्धन बाजपेई, एडीजी सत्य नारायन साबत, आईजी रमित शर्मा, सीडीओ सैमुअल पॉल एन., एसएसपी आनंद कुलकर्णी समेत जिला और पुलिस प्रशासन तथा अन्य विभाग के अफसर शामिल रहे।
विज्ञापन
उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र में रोजाना की तरह सुबह सात बजे से योगाभ्यास का आयोजन हुआ। इसी क्रम में आयोजित गोष्ठी में लोगों को योग के महत्व के बारे में बताया गया। इस मौके पर सांस्कृतिक आयोजन भी हुए। आयोजन में कार्यकारी निदेशक नरेंद्र सिंह, आशाराम, रामजनक योगी, कल्पना सहाय, संजय पुरुषार्थी आदि मौजूद रहे।
आयोजन के दौरान लखनऊ में प्रधानमंत्री के संबोधन का प्रसारण भी किया। नरेंद्र की अपील ने योगियों का उत्साह बढ़ाया तथा उनके संक्षिप्त संबोधन के दौरान लगातार तालियां बजती रहीं।
योग दिवस समारोह के दौरान भारी चौकसी के बावजूद चोर भी सक्रिय रहे। एक चोर राजकीय बालिका इंटर कालेज की प्रधानाचार्य इंदू सिंह की कार में जा बैठा। खास यह कि दरवाजा खोलने के लिए उसने कार के शीशे कई जगह से तोड़ दिए थे। वह कार में रखा पर्स तथा अन्य सामान लेकर भागने के फिराक में था लेकिन लोगों ने पकड़ लिया और जमकर धुनाई की। पुलिस उसे पकड़कर थाने ले गई।
0 आयोजन में एक दिन पहले हुए परिवर्तन से योग प्रशिक्षकों में नाराजगी रही। मुख्य कार्यक्रम में पूर्वाभ्यास में तय क्रियाओं से अलग योग हुआ। पूर्वाभ्यास प्रशिक्षकों के निर्देशन में हुआ था। तीनों अभ्यास में निर्धारित क्रियाएं कराई गईं। उसी के अनुसार योग का कार्यक्रम भी तय हुआ था लेकिन मुख्य आयोजन में अभ्यास में शामिल प्रशिक्षकों की भूमिका नगण्य हो गई। इससे आहत योग प्रशिक्षक अर्चना शुक्ला का कहना था कि योग का एक प्रोटोकाल होता है लेकिन उसके अनुसार योग नहीं हुआ। उन्हें मंच से भी उतारने की कोशिश की गई। यह बात मुख्यमंत्री तक भी पहुंचाई जाएगी।
कार्यक्रम में शामिल होना खासतौर, पर छात्र-छात्राओं के लिए यादगर पल रहा। स्मृतियों को लोगों ने मोबाइल में कैद भी किया। सेल्फी लेने अफसर भी पीछे नहीं रहे। महिला सेवा सदन इंटर कालेज की साक्षी शर्मा और इलाहाबाद विश्वविद्यालय में बीए की छात्रा ज्योति कुमारी का कहना था कि योग अब उनके लिए जीवन का मंत्र बन गया है। दोनों छात्राओं ने खुद ही रजिस्ट्रेशन कराया था। माधो ज्ञान केंद्र के सूर्य कांत और अमित सिंह के लिए योग की क्रियाओं का प्रदर्शन तो नया नहीं था लेकिन आयोजन उत्साह बढ़ाने वाला जरूर रहा। उनका कहना था कि योग का लगातार विस्तार लोगों के स्वास्थ्य का सरंक्षण करेगा। अलोपी बाग स्थित सिंधु विद्या मंदिर की सान्या सिंह, मीनाक्षी आदि के लिए योग करने का यह पहला अनुभव था। उनका कहना था कि इस पल को वह कभी नहीं भूलेंगी। उन्होंने नियमित योग का संकल्प भी दोहराया। फूलपुर से आईं बुजुर्ग सुशीला भी आयोजन में शामिल होकर खासा उत्साहित थीं। उन्होंने निरोग रहने के लिए लोगों से नियमित योग करने की अपील की।