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छात्र की पिटाई के मामले में वाइस प्रिंसिपल को राहत
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
Updated Wed, 31 May 2017 02:15 AM IST
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इलाहाबाद
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सेंट जोसेफ स्कूल एंड कॉलेज के वाइस प्रिंसिपल लेसली बेनाडिक्ट कुरिन्ह को छात्र की पिटाई के मामले में हाईकोर्ट ने राहत दी है। कोर्ट ने लेसली की गिरफ्तारी नहीं करने का निर्देश दिया है, मगर लेसली को निर्देश दिया है कि वह पुलिस जांच में सहयोग करेंगे तथा 31 मई को 10 बजे संबंधित थाने में हाजिर होंगे। कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई की अगली तारीख 20 जून नियत की है।
लेसली की याचिका पर सुनवाई कर रही मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले और न्यायमूर्ति एमके गुप्ता की पीठ ने यह आदेश दिया।
याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता जीएस चतुर्वेदी ने लेसली का पक्ष रखा। दलील दी गई कि छात्र की आंख में चोट लगने के कारण उसने अपने बयान में कहा कि उसे दिखाई नहीं दे रहा है। इस बयान के आधार पुलिस ने 326 आईपीसी (अंग भंग करना) के तहत केस दर्ज किया। जबकि इस मामले में प्राथमिकी 325 आईपीसी के तहत दर्ज होनी चाहिए थी। डॉक्टर की रिपोर्ट में यह नहीं कहा गया है कि छात्र की आंख की रोशनी चली गई है। कहा कि छात्र को कैसे और कितनी चोट आई है, जांच का विषय है। इस कोर्ट ने लेसली को जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है।
उल्लेखनीय है वाइस प्रिंसिपल लेसली बेनाडिक्ट पर नौ मई 2017 को इंटर के छात्र शेरवेन टेरेंस की बांस की छड़ी से पिटाई का आरोप है। छड़ी आंख में लगने से छात्र को गंभीर चोट आई। घायल छात्र के पिता शेरॉन लॉ रिबेरो ने सिविल लाइंस थाने में वाइस प्रिंसिपल लेसली के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। गिरफ्तारी से बचने के लिए लेसली ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। फिलहाल कोर्ट ने माना है कि प्राथमिकी से प्रथम दृष्टया अपराध होने का पता चलता है इसलिए यह जांच का विषय है।
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लेसली की याचिका पर सुनवाई कर रही मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले और न्यायमूर्ति एमके गुप्ता की पीठ ने यह आदेश दिया।
याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता जीएस चतुर्वेदी ने लेसली का पक्ष रखा। दलील दी गई कि छात्र की आंख में चोट लगने के कारण उसने अपने बयान में कहा कि उसे दिखाई नहीं दे रहा है। इस बयान के आधार पुलिस ने 326 आईपीसी (अंग भंग करना) के तहत केस दर्ज किया। जबकि इस मामले में प्राथमिकी 325 आईपीसी के तहत दर्ज होनी चाहिए थी। डॉक्टर की रिपोर्ट में यह नहीं कहा गया है कि छात्र की आंख की रोशनी चली गई है। कहा कि छात्र को कैसे और कितनी चोट आई है, जांच का विषय है। इस कोर्ट ने लेसली को जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है।
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उल्लेखनीय है वाइस प्रिंसिपल लेसली बेनाडिक्ट पर नौ मई 2017 को इंटर के छात्र शेरवेन टेरेंस की बांस की छड़ी से पिटाई का आरोप है। छड़ी आंख में लगने से छात्र को गंभीर चोट आई। घायल छात्र के पिता शेरॉन लॉ रिबेरो ने सिविल लाइंस थाने में वाइस प्रिंसिपल लेसली के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। गिरफ्तारी से बचने के लिए लेसली ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। फिलहाल कोर्ट ने माना है कि प्राथमिकी से प्रथम दृष्टया अपराध होने का पता चलता है इसलिए यह जांच का विषय है।
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