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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Twenty two lakh bogus business account opening flown

फर्जी खाता खोलकर कारोबारी के बाइस लाख रुपये उड़ाए

Mon, 25 Jan 2016 11:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो/इलाहाबाद Updated Mon, 25 Jan 2016 11:47 PM IST
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किसी शातिर शख्स ने यूको बैंक की नगर निगम शाखा बैंक में फर्जी खाता खोलकर एक कारोबारी को बीस लाख रुपये का चूना लगा दिया। उसने राजरूपपुर में रहने वाले एक शिक्षक के नाम से खाता खोला था। खाता खोलने के लिए सभी दस्तावेज शिक्षक के लगाए लेकिन फोटो किसी और की थी। फिर लूकरगंज में रहने वाले कारोबारी का बाइस लाख रुपये का चेक लगाकर सिंडिकेट बैंक की ईसीसी शाखा से पैसे फर्जी खाते में ट्रांसफर करा लिए। खाते से पैसे गायब होने पर कारोबारी को पता चला तो उसकी शिकायत पर मुट्ठीगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।

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लूकरगंज में रहने वाले ऋषि केसरवानी ने टॉफी-चाकलेट की एजेंसी ले रखी है। सिंडिकेट बैंक की ईसीसी शाखा में उनका खाता है। तीन जनवरी को उनके बैंक खाते से 22 लाख रुपये उड़ गए। उन्होंने बैंक मैनेजर से जाकर पूछा तो मालूम हुआ कि उनका ही चेक लगाकर बाइस लाख रुपये यूको बैंक की नगर निगम शाखा में प्रदीप कुमार शुक्ला के खाते में ट्रांसफर किए गए हैं। ऋषि ने कहा कि उन्होंने तो किसी को 22 लाख रुपये का चेक दिया ही नहीं। इस पर बैंक मैनेजर ने सीसीटीवी फुटेज चेक की तो उसमें चेक जमा करने वाला व्यक्ति नजर आया ऋषि ने कहा कि वह इस व्यक्ति को नहीं जानते। उधर, यूको बैंक के खाते से 20 लाख रुपये निकाल लिए गए। शिकायत पर मुट्ठीगंज पुलिस ने रिपोर्ट लिखकर जांच शुरू की। 

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एसओ इंद्रदेव ने बताया कि यूको बैंक के खाता धारक राजरूपपुर में रहने वाले प्रदीप कुमार शुक्ला को बुलाकर पूछताछ की तो उन्होंने कोई खाता खुलवाने से अनभिज्ञता जाहिर की। वह और उनकी पत्नी शिक्षक हैं। प्रदीप के मतदाता पहचान पत्र, पैन कार्ड समेत कुछ और दस्तावेज लगाकर खाता खुलवाया गया था। मगर फोटो जालसाज ने अपनी लगाई थी। 

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यूको बैंक का सीसीटीवी फुटेज चेक करने पर वही व्यक्ति अपने खाते से पैसा निकालते दिखा, जिसकी फोटो लगी है। उसने ही सिंडिकेट बैंक में ऋषि का चेक जमा किया था। प्रदीप से पूछा गया कि उन्होंने अपने पहचान पत्र समेत बाकी दस्तावेज किसे दिए थे। उन्होंने कुछ लोगों के नाम बताए जिन्हें बुलाकर मुट्ठीगंज थाने की पुलिस ने पूछताछ की लेकिन अब तक 20 लाख रुपये उड़ाने वाले शातिर का पता नहीं चल सका।


फर्जी खाता खोलकर कारोबारी के खाते से बाइस लाख रुपये उड़ाने के इस मामले में दो बैंक के अधिकारियों तथा कर्मचारियों की लापरवाही उजागर हुई है। सिंडिकेट बैंक में 22 लाख का चेक फर्जी दस्तखत बनाकर जमा किए गए लेकिन वहां के मैनेजर और कर्मचारियों ने कारोबारी से एक बार पूछना भी जरूरी नहीं समझा। उधर, यूको बैंक में फर्जी दस्तावेजों के जरिए खाता खोल दिया गया। मुट्ठीगंज थाने में दर्ज मुकदमे में प्रदीप के साथ ही सिंडिकेट बैंक कर्मचारियों को भी आरोपी बनाया गया है। 

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