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जिले के तीन रंगरूटों ने भी किया फर्जीवाड़ा, गिरेगी गाज

Sat, 04 Aug 2018 01:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sat, 04 Aug 2018 01:52 AM IST
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Three raiders of the district have also done fake forgery
एमबीए की परीक्षा में हुआ फर्जीवाड़ा - फोटो : demo pic
सिपाही भर्ती 2015 में पिछले दिनों कौशाम्बी में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद अब इलाहाबाद में भी ऐसा ही मामला सामने आया है। यहां के तीन रंगरूटों ने भी भर्ती में फर्जी मार्कशीट लगाकर चयन पाया था। फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद इनमें से एक के खिलाफ लखनऊ में रिपोर्ट दर्ज कराई जा चुकी है। अफसरों का कहना है कि अन्य दोनों के खिलाफ भी जल्द ही एफआईआर कराई जाएगी। साथ ही इनका चयन भी निरस्त किया जाएगा।
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सिपाही मेरिट भर्ती 2015 की प्रक्रिया 29 दिसंबर 2015 में शुरू हुई थी। मेरिट से होने वाली इस भर्ती में कुल 34716 पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे। जिनमें 28500 पद सिविल पुलिस और बाकी पीएसी के लिए थे। आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की अलग-अलग जिलों में मेरिट बनी और इसके आधार पर ही अभ्यर्थियों का चयन हुआ। पिछले दिनों ही अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण पर भेजे जाने की शुरुआत हुई। इसी दौरान पुलिस प्रोन्नति एवं भर्ती बोर्ड की ओर से चयनित अभ्यर्थियों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कराई गई। इसके बाद जो हकीकत सामने आई, वह अफसरों के होश उड़ाने वाली थी। पता चला कि मेरिट से हुई इस भर्ती में कई अभ्यर्थियों ने चयन पाने के लिए बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया। उन्होंने फर्जी मार्कशीट लगाकर चयन पाया। सत्यापन के दौरान संबंधित बोर्ड के पास इन अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र भेजे गए तब इसका खुलासा हुआ।
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पिछले दिनों ही कौशाम्बी में ऐसे 32 रंगरूटों के नाम सामने आए जिन्होंने चयनित होने के लिए फर्जी मार्कशीट का सहारा लिया। इसके बाद हड़कंप मच गया। अब इलाहाबाद में भी ऐसे तीन अभ्यर्थियों के नाम सामने आए हैं। आरोप है कि इन्होंने फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे भर्ती में चयन पाया। सत्यापन के बाद इनकी रिपोर्ट हाल ही में जिले के अफसरों के पास आई है। अफसरों का कहना है कि तीनोें ही रंगरूटों पर कार्रवाई होगी। एक के खिलाफ लखनऊ के गोमतीनगर थाने में पूर्व में ही एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। अन्य दोनों के सत्यापन की रिपोर्ट बाद में आई है और उनके खिलाफ जिले में ही रिपोर्ट दर्ज कराए जाने की तैयारी है। इनका चयन भी निरस्त किया जाएगा।
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इलाहाबाद से 932 अभ्यर्थियों का चयन सिपाही के पद पर हुआ। इनमें से 30 के शैक्षिक प्रमाणपत्रों के सत्यापन की रिपोर्ट आना बाकी है। तीन चयनित रंगरूटों के शैक्षिक प्रमाणपत्र सत्यापन के दौरान फर्जी पाए गए हैं। इनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।
राकेश कुमार सिंह, एसपी प्रोटोकॉल व नोडल अफसर, सिपाही भर्ती 2015

रंगरूट, जिन पर फर्जी मार्कशीट लगाने का है आरोप
1- सुरेश कुमार पुत्र मंगरू प्रसाद निवासी धीनपुर, थाना मऊआइमा
2- धमेंद्र कुमार पुत्र राजाराम निवासी चिरला, थाना पिपरी
3- शशि कुमार पुत्र रामबहादुर निवासी नवाबगंज, देवरी, थाना पिपरी
(अफसरों ने बताया कि धमेंद्र व शशि का निवास स्थान पिपरी थाना क्षेत्र है जो कौशाम्बी जिले में आता है। हालांकि इनका निवास स्थल राजस्व क्षेत्र इलाहाबाद के अंतर्गत है, इसलिए इन अभ्यर्थियों का चयन इलाहाबाद जिले से हुआ।)

सत्यापन के फेर में नहीं भेजे गए थे प्रशिक्षण पर
सूत्रों की मानें तो कई जिलों में सत्यापन के पहले ही चयनित अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण पर भेज दिया गया था। कौशाम्बी में भी फर्जीवाड़े के आरोप में चिह्नित किए गए रंगरूट विभिन्न जनपदों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे थे। हालांकि इलाहाबाद से चयनित रंगरूटों को अभी प्रशिक्षण पर नहीं भेजा गया था। सूत्रों की मानें तो शैक्षिक प्रमाणपत्रों के सत्यापन के अभाव में अभी चयनित अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण पर भेजने की प्रक्रिया रुकी हुई थी। इलाहाबाद में जो तीन अभ्यर्थियों पर फर्जीवाड़े का आरोप लगा है उनमें से दो को गाजीपुर व एक को जालौन जनपद आवंटित हुआ था। सत्यापन के बाद इन्हीं जनपदों में तीनों की पत्रावलियां भेजी जानी थीं जिसके बाद उनका प्रशिक्षण शुरू हो जाता। हालांकि इससे पहले ही उनका फर्जीवाड़ा सामने आ गया।


फैक्ट फाइल
932 कुल अभ्यर्थी चयनित हुए हैं इलाहाबाद जिले से
902 चयनित रंगरूटों की सत्यापन रिपोर्ट आ चुकी है जिले में
3 चयनित रंगरूटों के सत्यापन में हुआ है फर्जीवाड़े का खुलासा
1 के खिलाफ लखनऊ में दर्ज हो चुकी है एफआईआर
2 अन्य के खिलाफ भी जल्द लिखाई जाएगी रिपोर्ट


यहां भी तो नहीं फैला शिक्षा माफिया का जाल
कौशाम्बी में 32 रंगरूटों के फर्जी मार्कशीट लगाकर सिपाही के पद पर चयनित होने का मामला सामने आने के बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। साथ ही उच्चाधिकारियों ने मामले की जांच के लिए टीम भी गठित कर दी थी। सूत्रों की मानें तो जांच के दौरान यह बात सामने आई थी कि इन रंगरूटों को फर्जी मार्कशीट सरायअकिल निवासी शिक्षा माफिया ने उपलब्ध कराई थी। साथ ही उसके संपर्क में आसपास के जिलों के भी सैकड़ों युवा हैं। अब अफसर इस बात की जांच कराने की तैयारी में हैं कि कहीं उसी माफिया ने इलाहाबाद के तीनों अभ्यर्थियों को फर्जी मार्कशीट तो नहीं उपलब्ध कराई।
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