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कमेटी के सामने छात्रा ने सुनाई आपबीती

Sat, 16 May 2015 02:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद Updated Sat, 16 May 2015 02:37 AM IST
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The story told in front of the student committee
इलाहाबाद। इलाहाबाद विश्वविद्यालय संगीत विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर धर्मपाल के उत्पीड़न की शिकार हुई छात्रा ने शुक्रवार को जांच कमेटी के सामने आपबीती सुनाई। छात्रा से जांच कमेटी ने दर्जनों सवाल किए। छात्रा ने हर सवाल का लिखित जवाब दिया। कमेटी की अध्यक्ष प्रो.रंजना कक्कड़ ने 18 मई को फिर बैठक बुलाई है। इसमें हटाए गए विभागाध्यक्ष प्रो.जयंत खोत से पूछताछ की जाएगी। इसके बाद एसोसिएट प्रोफेसर धर्मपाल का पक्ष जाना जाएगा।
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 बताया जा रहा है कि कमेटी 12 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट विवि प्रशासन को सौंप देगी। शुक्रवार को कमेटी ने एक और निर्णय लिया। मामला अनुसूचित वर्ग से जुड़े होने के कारण इस वर्ग से जुड़े एक एसोसिएट प्रोफेसर आलोक प्रसाद को भी कमेटी में शामिल कर लिया गया है। अब मामले की जांच चार सदस्यीय कमेटी करेगी।
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इसके पूर्व अध्यक्ष प्रो.रंजना कक्कड़ की अगुवाई में उच्च स्तरीय जांच कमेटी की बैठक इविवि के महिला छात्रावास स्थित महिला सलाहकार समिति (वैब) के दफ्तर में हुई। इसमें कमेटी की सदस्य प्रो.नमिता, सिस्टर शीबा जोस भी मौजूद रही। तीन सदस्यीय कमेटी ने एसोसिएट प्रोफेसर धर्मपाल के खिलाफ शिकायत करने वाली छात्रा से घटना के संबंध में लंबी पूछताछ की। सदस्य छात्रा से सवाल करते रहे और वह उसका लिखित जवाब देती रही। छात्रा से उसका पक्ष जानने के बाद उसे जाने दिया गया।
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पूछताछ के दौरान वैब दफ्तर के पास किसी के जाने पर पाबंदी लगा दी गई थी। सदस्यों ने भी किसी से मुलाकात नहीं की। उच्चस्तरीय जांच कमेटी से जब संगीत विभाग के विद्यार्थियों केसाथ विश्वविद्यालय के दूसरे विद्यार्थियों ने मुलाकात कर मामले में अपना पक्ष रखना चाहा तो कमेटी ने मना कर दिया। विद्यार्थियों को महिला छात्रावास के भीतर नहीं जाने दिया गया। मीडिया को भी भीतर जाने पर रोक लगा दी गई थी। आक्रोशित विद्यार्थियो ने महिला छात्रावास के सामने ही प्रदर्शन शुरू कर दिया।

जांच कमेटी की बैठक तकरीबन दो बजे तक चली। मामला अनुसूचित वर्ग से जुड़ा होने के कारण कमेटी केसदस्यों ने इस वर्ग से जुड़े एक और सदस्य को शामिल करने का निर्णय लिया। अध्यक्ष प्रो.रंजना कक्कड़ ने कहा कि विवि प्रशासन केउच्चअधिकारियों से बात कर मध्यकालिन इतिहास विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर आलोक प्रसाद को चौथे सदस्य के रूप में शामिल कर लिया गया है। कमेटी की अगली बैठक में वह भी शामिल होंगे और सभी पक्षों से पूछताछ करेंगे।

छात्रा के उत्पीड़न के मामले में सीएमपी के छात्रों ने भी आक्रोश जताया है। शुक्रवार को कॉलेज प्रशासन का पुतला फूंकते हुए छात्रों ने आरोपी एसोसिएट प्रोफेसर को बर्खास्त करने की मांग की। पुतला फूंकने वालों में सुमित कुमार, अंगद यादव, अतुल कुमार, कृष्ण सिंह बघेल आदि शामिल थे।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय का शिक्षक संघ संगीत विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर धर्मपाल के साथ हुई घटना को उन पर हमला मान रही है। शुक्रवार को शिक्षक संघ के पूर्व अध्यक्ष प्रो. राम किशोर शास्त्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में इसकी निंदा की गई। घटना को सुनियोजित साजिश के तहत किया गया कायराना कृत्य बताया और कहा कि मामले की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए जिससे स्थिति स्पष्ट हो सके। इस संबंध में शिक्षक संघ की ओर से शनिवार को हिंदी विभाग में कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई है।

बैठक में संघ के महामंत्री प्रो.शिव मोहन प्रसाद, संयुक्त मंत्री सूर्य नारायण सिंह, डॉ.आरके सिंह, प्रो. उमाकांत यादव, डॉ. डीसी लाल, भूरे लाल आदि मौजूद रहे। प्रयाग बुद्धिजीवी मंच की डॉ. आरवी सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में घटना की निंदा की गई और इसे सुनियोजित षड़यंत्र बताया गया।

छात्रा केउत्पीड़न को लेकर इलाहाबाद विश्वविद्यालय में तीसरे दिन शुक्रवार को दिनभर गहमागहमी मची रही। छात्रों ने विवि के चीफ प्रॉक्टर का घेराव करने के साथ वीसी दफ्तर और महिला छात्रावास के सामने प्रदर्शन भी किया। मामले की जांच सीबीआई से कराने केसाथ आरोपी एसोसिएट प्रोफेसर धर्मपाल की बर्खास्तगी की भी मांग की गई।

 इसके पूर्व छात्रों ने परिसर में जुलूस भी निकाला। बड़ी संख्या में छात्र शुक्रवार को पहले यूनियन भवन पर जमा हुए। इसकेबाद परिसर में जुलूस निकाला। छात्रों का एक गुट वीसी दफ्तर के सामने भी पहुंच गया लेकिन वीसी के न होने से छात्र अपना आक्रोश जताकर वहां उच्च स्तरीय जांच कमेटी की अध्यक्ष प्रो.रंजना कक्कड़ से मिलने वैब कार्यालय पहुंच गए लेकिन उन्हें महिला छात्रावास के भीतर नहीं जाने दिया गया। छात्रों ने अध्यक्ष से मुलाकात की मांग की लेकिन उन्होंने मिलने से मना कर दिया। इस पर छात्र वहीं प्रदर्शन करने लगे।

छात्रों ने कहा कि आरोपी एसोसिएट प्रोफेसर की करतूतें सबके सामने आ गई हैं। विवि प्रशासन को मामले में तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। छात्रों ने विवि प्रशासन पर मामले की लीपापोती करने का भी आरोप लगाया। कहा कि विवि प्रशासन आरोपी प्रोफेसर को बचाने में पुलिस से मिलीभगत कर काम कर रहा है। महिला छात्रावास केसामने प्रदर्शन करने के बाद छात्र चीफ प्रॉक्टर कार्यालय पहुंचकर उनसे कार्रवाई की मांग करने लगे। चीफ प्रॉक्टर प्रो. आरके उपाध्याय ने कहा कि विवि प्रशासन केसामने एक छात्रा ने लिखित शिकायत की है, उस मामले में जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आरोप सही पाए गए तो आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बृहस्पतिवार को हुई घटना को विवि के अधिकार क्षेत्र से बाहर बताया। कहा कि  जो भी मामला सामने आया है, वह उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर का है। बावजूद इसके उनके पास शिकायत आती है तो वे उसकी जांच कराएंगे।


विवि केसूत्रों का कहना है कि विवि प्रशासन आरोपी एसोसिएट प्रोफेसर के खिलाफ अंदर ही अंदर जांच कर रहा है। चीफ प्रॉक्टर सहित विवि के दूसरे उच्चाधिकारी मामले से जुड़े तथ्यों को एकत्र कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को एसोएिट प्रोफेसर के साथ हुई घटना की वीडियो क्लिप भी देखी गई है। चीफ प्रॉक्टर का घेराव करने वालों में अमरेंदु सिंह, दीप, अतुल, रजनीश सिंह, विवेकानंद पाठक, अमित, सुरेश, सचिन, अनिल, सुनील आदि शामिल थे।
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