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घरवालों ने स्कूटी देने से मना किया तो बेटे ने लगा ली फांसी

Sun, 25 Jun 2017 01:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sun, 25 Jun 2017 01:42 AM IST
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The son refused to give up the scotty
फाइनेंसर सुसाइड - फोटो : bureau
करेली के जीटीबी नगर में शुक्रवार रात एक छात्र ने फांसी लगाकर जान दे दी। बताया जाता है कि पढ़ाई के लिए मां ने डांट लगाई थी। शाम को घरवालों ने स्कूटी देने से भी मना कर दिया। बस इसी से गुस्सा होकर उसने यह आत्मघाती कदम उठा लिया। पुलिस ने खोजबीन की, लेकिन कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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जीटीबी नगर के रहने वाले समीर चक्रवर्ती 508 आर्मी बेस वर्कशाप में कार्यरत हैं। उनका छोटा बेटा सौरव (20) ने इस साल बीकॉम का फार्म भरा था। वह कंप्यूटर के ‘ओ’ लेवल परीक्षा की भी तैयारी कर रहा था। शुक्रवार रात मां जया ने उसे खाना दिया और वह ऊपर अपने कमरे में चला गया। रात में करीब 12 बजे सौरव के कमरे की लाइट जलती देख जया गईं तो खटखटाने पर भी उसने दरवाजा नहीं खोला। जया ने खिड़की से देखा तो उनके होश उड़ गए। सौरव ने फांसी लगा ली थी। उनकी चीखपुकार से आसपास के लोग इकट्ठे हो गए और दरवाजा तोड़कर सौरव को नीचे उतारा। उसकी सासें चल रही थीं। उसे कालविन अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पंचनामा के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
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चचेरी बहन सोनाली ने बताया कि सौरव का बड़ा भाई सुजॉय वाराणसी में प्रिज्म सीमेंट के आफिस में नौकरी करता है। छोटा होने के कारण सौरव की हर मांग पूरी की जाती थी। इंस्पेक्टर करेली जीतेंद्र सिंह ने बताया कि घरवालों ने उसे पढ़ाई के लिए डांटा था। शाम को वह स्कूटी लेकर जाने लगा तो घरवालों ने उसे रोक दिया था। इसी कारण वह शाम से उदास था। इंस्पेक्टर के मुताबिक उन्होंने कमरे की तलाशी ली, लेकिन सुसाइड नोट नहीं मिला।
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सौरव की मां जया ने जब बेटे का शव देखा, तो उनकी तबियत खराब हो गई। जया के आंसू नहीं रुक रहे थे। पिता समीर भी बेहद गमगीन थे। उन्हें यकीन नहीं हो रहा था कि इतनी छोटी से बात के लिए बेटा जान देगा। मां-बाप को सांत्वना देने वालों की आंखों से भी आंसू निकल रहे थे।
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