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बरगढ़ में मिला कारोबारी का बेटा
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 19 Nov 2017 01:34 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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जसरा बाजार से बृहस्पतिवार रात अपहृत किया गया नैतिक शनिवार को मिल गया। छह साल के नैतिक उर्फ डुग्गू का अपहरण करके अपहर्ताओं ने उसे बरगढ़ की एक पहाड़ी पर रखा था। बरगढ़ के जंगलों में रहने वाले ग्रामीणों ने बहादुरी दिखाते हुए दो अपहर्ताओं की पिटाई की और बच्चे को छुड़ा लिया। बाद में पुलिस को सूचना दी गई। बाद में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए बच्चे को घर वालों को सुपुर्द कर दिया। बाकी बचे पांच आरोपियों की तलाश में यमुनापार से लेकर रीवा तक दबिश दी जा रही है।
जसरा के कारोबारी चंद्रकुमार के दो बच्चों में बड़े नैतिक उर्फ डुग्गू का बृहस्पतिवार की रात उस वक्त अपहरण कर लिया गया था, जब वह अपने बाबा के साथ मिठाई खाने बाजार गया था। पहले तो घर वालों ने समझा कि वह कहीं भटक गया लेकिन जब रात में 20 लाख की फिरौती का फोन आया तो घर वालों के होश उड़ गए। पुलिस ने भी मामले को तभी गंभीरता से लेना शुरू किया। जिस नंबर से कॉल आई थी, उसकी लोकेशन ट्रेस की गई तो पता चला कि जसरा के पास ही अपहर्ता हैं। इससे पुलिस यह मानकर चल रही थी नैतिक को अपहर्ता ज्यादा दूर नहीं ले गए हैं। नंबर ट्रेस होते ही पुलिस को कुछ सुराग मिले लेकिन बच्चे की लोकेशन नहीं पता चल रही थी।
पुलिस की कार्रवाई से अलग शनिवार की सुबह बरगढ़ पहाड़ी के पास रहने वाले कुछ ग्रामीणों ने बच्चे नैतिक के साथ दो लोगों के साथ देखा तो वे समझ गए कि कुछ गड़बड़ है। बच्चा अच्छे परिवार से नजर आ रहा था। ग्रामीणों ने फोन कर दर्जनों और लोगों को बुला लिया। उन लोगों ने पूछताछ की तो वे भागने लगे। ग्रामीणों ने उनकी जमकर पिटाई की और बांध दिया। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। बरगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची और नैतिक को बरामद करते हुए शंकरगढ़ के करियाकला गांव के पुष्पराज कुशवाहा और पंचराज कोल को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद तुरंत घर वालों और इलाहाबाद पुलिस को सूचना दी गई।
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दिन में घर वाले पुलिस टीम के साथ बरगढ़ पहुंच गए। बच्चे को घर वालों को सुपुर्द कर दिया गया। पुष्पराज और पंचराज से पूछताछ करने इलाहाबाद के एसएसपी आकाश कुलहरि भी एसपी यमुनापार के साथ पहुंचे। एसएसपी आकाश कुलहरि के मुताबिक इस मामले में अभी अमित, अंकित, राजू, राजेश और मनोज की तलाश चल रही है। अमित और राजू मुख्य साजिशकर्ता हैं। उन्होंने पूरी प्लानिंग बनाकर अपहरण को अंजाम दिया है।
एसएसपी के मुताबिक अपहरण की पूरी साजिश गौहनिया के रहने वाले अमित कुशवाहा और उसके रिश्तेदार राजू कुशवाहा ने रची थी। अमित मैजिक गाड़ी चलाता है। चंद्रकुमार की दुकान और बच्चे को देखकर उसने अपहरण की साजिश रची थी। अमित ने कई लोगों को पैसे का लालच देकर इस कांड में शामिल कर लिया था। बृहस्पतिवार की रात अमित और राजू बाइक लेकर पहुंचे। नैतिक अपने बाबा के साथ मिठाई की दुकान पर था। बाबा जैसे ही दूसरी दुकान पर गए। उन लोगों ने नैतिक को बाइक पर घसीटा और तुरंत नशीला रुमाल सुंघाकर बेहोश कर दिया। इसके बाद वे लली गांव की ओर बढ़े लेकिन वहां दो सिपाहियों को देख गाड़ी आगे बढ़ा दी। शंकरगढ़ से उन्होंने फोन अंकित कुशवाहा, पंवरी गांव के मनोज, बारी बजहिया के राजेश को फोन कर मैजिक गाड़ी मंगवाई। इसी दौरान अमित ने पुष्पराज कुशवाहा और पंचराज कोल को भी बुलवा लिया। सभी मैजिक पर बैठकर बरगढ़ की पहाड़ी पर पहुंचे। वहां रात में रुकने के बाद सुबह पुष्पराज और पंचराज को प्रतिदिन के हिसाब से पांच हजार का वादा कर बाकी लोग वापस आ गए। पुष्पराज और पंचराज को नैतिक की निगरानी के लिए छोड़ दिया गया था। जिस पहाड़ी पर नैतिक को रखा गया था, वह सेमरा गांव के पास है। शुक्रवार को दोनों नैतिक को छुपा ले गए लेकिन शनिवार की सुबह जैसे ही वे पहाड़ी से कुछ लेने के लिए उतरने लगे। ग्रामीणों ने उन्हें दबोच लिया।
बरगढ़ की पहाड़ी के बगल सेमरा और उबरी गांव के रहने वाले ग्रामीणों ने बहुत हिम्मत और बहादुर दिखाई। शनिवार की सुबह उन लोगों ने दो संदिग्ध लोगों के साथ एक बच्चे को देखा तो उन्हें कुछ शक हुआ। उन्होंने फोन कर करीब दो दर्जन लोगों को बुला लिया। उन लोगों ने दोनों अपहर्ताओं को घेर लिया और बच्चे को कब्जे में ले लिया। अपहर्ताओं की पिटाई शुरू की तो उन्होंने सच सच बोल दिया कि बच्चे को कहां से अपहरण करके लाए हैं। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो दोनों अपहर्ता बंधे हुए थे। उन्हें गिरफ्तार कर इलाहाबाद पुलिस को सूचना दी गई।
नैतिक ने शनिवार को जब अपने मां बाप को देखा तो लिपट कर रोने लगा। मां टीना से लिपटकर वह देर तक रोता रहा। उसे कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर उसके साथ क्या हुआ था। टीना को तो जैसे खोया खजाना मिल गया। पिता भी बार बार भगवान का शुक्रिया अदा कर रहे थे। उसकी हालत देखकर बच्चे के मिलने के बाद भी लोगों के आंसू नहीं बंद हो रहे थे। व्यापारी से मिलने जुलने वाले भी लगातार आते रहे। पुलिस वालों का भी दिन भर आना जाना लगा रहा। नैतिक स्थानीय सारंगापुर स्थित लारेल इंटरनेशनल स्कूल में केजी का छात्र है। उसके तमाम दोस्तों के अभिभावक भी घर पहुंचे थे।
ग्रामीणों की मदद से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी की तलाश में दबिश दी जा रही है। बच्चे को सकुशल परिवार को सौंप दिया गया है। आकाश कुलहरि, एसएसपी इलाहाबाद।
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जसरा के कारोबारी चंद्रकुमार के दो बच्चों में बड़े नैतिक उर्फ डुग्गू का बृहस्पतिवार की रात उस वक्त अपहरण कर लिया गया था, जब वह अपने बाबा के साथ मिठाई खाने बाजार गया था। पहले तो घर वालों ने समझा कि वह कहीं भटक गया लेकिन जब रात में 20 लाख की फिरौती का फोन आया तो घर वालों के होश उड़ गए। पुलिस ने भी मामले को तभी गंभीरता से लेना शुरू किया। जिस नंबर से कॉल आई थी, उसकी लोकेशन ट्रेस की गई तो पता चला कि जसरा के पास ही अपहर्ता हैं। इससे पुलिस यह मानकर चल रही थी नैतिक को अपहर्ता ज्यादा दूर नहीं ले गए हैं। नंबर ट्रेस होते ही पुलिस को कुछ सुराग मिले लेकिन बच्चे की लोकेशन नहीं पता चल रही थी।
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पुलिस की कार्रवाई से अलग शनिवार की सुबह बरगढ़ पहाड़ी के पास रहने वाले कुछ ग्रामीणों ने बच्चे नैतिक के साथ दो लोगों के साथ देखा तो वे समझ गए कि कुछ गड़बड़ है। बच्चा अच्छे परिवार से नजर आ रहा था। ग्रामीणों ने फोन कर दर्जनों और लोगों को बुला लिया। उन लोगों ने पूछताछ की तो वे भागने लगे। ग्रामीणों ने उनकी जमकर पिटाई की और बांध दिया। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। बरगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची और नैतिक को बरामद करते हुए शंकरगढ़ के करियाकला गांव के पुष्पराज कुशवाहा और पंचराज कोल को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद तुरंत घर वालों और इलाहाबाद पुलिस को सूचना दी गई।
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दिन में घर वाले पुलिस टीम के साथ बरगढ़ पहुंच गए। बच्चे को घर वालों को सुपुर्द कर दिया गया। पुष्पराज और पंचराज से पूछताछ करने इलाहाबाद के एसएसपी आकाश कुलहरि भी एसपी यमुनापार के साथ पहुंचे। एसएसपी आकाश कुलहरि के मुताबिक इस मामले में अभी अमित, अंकित, राजू, राजेश और मनोज की तलाश चल रही है। अमित और राजू मुख्य साजिशकर्ता हैं। उन्होंने पूरी प्लानिंग बनाकर अपहरण को अंजाम दिया है।
एसएसपी के मुताबिक अपहरण की पूरी साजिश गौहनिया के रहने वाले अमित कुशवाहा और उसके रिश्तेदार राजू कुशवाहा ने रची थी। अमित मैजिक गाड़ी चलाता है। चंद्रकुमार की दुकान और बच्चे को देखकर उसने अपहरण की साजिश रची थी। अमित ने कई लोगों को पैसे का लालच देकर इस कांड में शामिल कर लिया था। बृहस्पतिवार की रात अमित और राजू बाइक लेकर पहुंचे। नैतिक अपने बाबा के साथ मिठाई की दुकान पर था। बाबा जैसे ही दूसरी दुकान पर गए। उन लोगों ने नैतिक को बाइक पर घसीटा और तुरंत नशीला रुमाल सुंघाकर बेहोश कर दिया। इसके बाद वे लली गांव की ओर बढ़े लेकिन वहां दो सिपाहियों को देख गाड़ी आगे बढ़ा दी। शंकरगढ़ से उन्होंने फोन अंकित कुशवाहा, पंवरी गांव के मनोज, बारी बजहिया के राजेश को फोन कर मैजिक गाड़ी मंगवाई। इसी दौरान अमित ने पुष्पराज कुशवाहा और पंचराज कोल को भी बुलवा लिया। सभी मैजिक पर बैठकर बरगढ़ की पहाड़ी पर पहुंचे। वहां रात में रुकने के बाद सुबह पुष्पराज और पंचराज को प्रतिदिन के हिसाब से पांच हजार का वादा कर बाकी लोग वापस आ गए। पुष्पराज और पंचराज को नैतिक की निगरानी के लिए छोड़ दिया गया था। जिस पहाड़ी पर नैतिक को रखा गया था, वह सेमरा गांव के पास है। शुक्रवार को दोनों नैतिक को छुपा ले गए लेकिन शनिवार की सुबह जैसे ही वे पहाड़ी से कुछ लेने के लिए उतरने लगे। ग्रामीणों ने उन्हें दबोच लिया।
बरगढ़ की पहाड़ी के बगल सेमरा और उबरी गांव के रहने वाले ग्रामीणों ने बहुत हिम्मत और बहादुर दिखाई। शनिवार की सुबह उन लोगों ने दो संदिग्ध लोगों के साथ एक बच्चे को देखा तो उन्हें कुछ शक हुआ। उन्होंने फोन कर करीब दो दर्जन लोगों को बुला लिया। उन लोगों ने दोनों अपहर्ताओं को घेर लिया और बच्चे को कब्जे में ले लिया। अपहर्ताओं की पिटाई शुरू की तो उन्होंने सच सच बोल दिया कि बच्चे को कहां से अपहरण करके लाए हैं। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो दोनों अपहर्ता बंधे हुए थे। उन्हें गिरफ्तार कर इलाहाबाद पुलिस को सूचना दी गई।
नैतिक ने शनिवार को जब अपने मां बाप को देखा तो लिपट कर रोने लगा। मां टीना से लिपटकर वह देर तक रोता रहा। उसे कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर उसके साथ क्या हुआ था। टीना को तो जैसे खोया खजाना मिल गया। पिता भी बार बार भगवान का शुक्रिया अदा कर रहे थे। उसकी हालत देखकर बच्चे के मिलने के बाद भी लोगों के आंसू नहीं बंद हो रहे थे। व्यापारी से मिलने जुलने वाले भी लगातार आते रहे। पुलिस वालों का भी दिन भर आना जाना लगा रहा। नैतिक स्थानीय सारंगापुर स्थित लारेल इंटरनेशनल स्कूल में केजी का छात्र है। उसके तमाम दोस्तों के अभिभावक भी घर पहुंचे थे।
ग्रामीणों की मदद से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी की तलाश में दबिश दी जा रही है। बच्चे को सकुशल परिवार को सौंप दिया गया है। आकाश कुलहरि, एसएसपी इलाहाबाद।