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रेलकर्मी ने कार्यालय हाल में लगाई फांसी
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
Updated Wed, 05 Jul 2017 01:26 AM IST
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इलाहाबाद
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सिविल लाइंस में डीआरएम आफिस के पास हाल में एक रेलकर्मी ने मंगलवार दिन में फांसी लगाकर जान दे दी। दफ्तर के लोगों ने देखा तो उन्हें उतारकर रेलवे अस्पताल ले गए जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों का कहना है कि वह जमीन के विवाद से परेशान थे। मौके से पुलिस को सुसाइड नोट नहीं मिला है।
मूल रूप से मऊ के मधुबन इलाके के रहने वाले राजकुमार म्योर रोड कैंट में रहते थे। वे एनसीआर में लेखा सहायक पद पर कार्यरत थे। वह प्रतिदिन करीब नौ बजे आफिस के लिए निकलते थे। मंगलवार की सुबह वह जल्दी निकल गए। दिन में उन्होंने डीआरएम आफिस के पास स्थित रेलवे के हाल में नायलान की रस्सी से फांसी लगा ली। किसी ने देखा तो शोर मच गया। रेलकर्मियों ने राजकुमार को नीचे उतारकर रेलवे अस्पताल पहुंचाया लेकिन उनकी सांसें थम चुकी थीं। पत्नी रीता सिंह और उनकी दोनों बेटियां श्रेया और प्रज्ञा रोते बिलखते मौके पर पहुंच गईं।
पत्नी के मुताबिक वे इन दिनों परेशान जरूर थे लेकिन ऐसी कोई बात नहीं थी जिससे वे खुदकुशी कर लें। परिजनों का कहना था कि जमीन को लेकर कुछ विवाद चल रहा था। छोटा भाई रमेश थरवई के 40 नंबर गुमटी इलाके में रहता है। श्रेया और प्रज्ञा सीए की तैयारी कर रही हैं। इंस्पेक्टर सुनील दुबे ने बताया कि उनका राजकुमार का उनके भाई रमेश से ही विवाद था। उन्होंने मौके पर खोजबीन की लेकिन कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। शव को पोस्टमार्टम को भेजकर तफ्तीश शुरू कर दी गई है। पता किया जा रहा है कि राजकुमार ने आखिर दफ्तर में फांसी क्यों लगाई।
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मूल रूप से मऊ के मधुबन इलाके के रहने वाले राजकुमार म्योर रोड कैंट में रहते थे। वे एनसीआर में लेखा सहायक पद पर कार्यरत थे। वह प्रतिदिन करीब नौ बजे आफिस के लिए निकलते थे। मंगलवार की सुबह वह जल्दी निकल गए। दिन में उन्होंने डीआरएम आफिस के पास स्थित रेलवे के हाल में नायलान की रस्सी से फांसी लगा ली। किसी ने देखा तो शोर मच गया। रेलकर्मियों ने राजकुमार को नीचे उतारकर रेलवे अस्पताल पहुंचाया लेकिन उनकी सांसें थम चुकी थीं। पत्नी रीता सिंह और उनकी दोनों बेटियां श्रेया और प्रज्ञा रोते बिलखते मौके पर पहुंच गईं।
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पत्नी के मुताबिक वे इन दिनों परेशान जरूर थे लेकिन ऐसी कोई बात नहीं थी जिससे वे खुदकुशी कर लें। परिजनों का कहना था कि जमीन को लेकर कुछ विवाद चल रहा था। छोटा भाई रमेश थरवई के 40 नंबर गुमटी इलाके में रहता है। श्रेया और प्रज्ञा सीए की तैयारी कर रही हैं। इंस्पेक्टर सुनील दुबे ने बताया कि उनका राजकुमार का उनके भाई रमेश से ही विवाद था। उन्होंने मौके पर खोजबीन की लेकिन कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। शव को पोस्टमार्टम को भेजकर तफ्तीश शुरू कर दी गई है। पता किया जा रहा है कि राजकुमार ने आखिर दफ्तर में फांसी क्यों लगाई।
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