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पुलिस मुठभेड़ में कुख्यात ‘जानवर’ को लगी गोली
अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Wed, 27 Dec 2017 01:41 AM IST
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कौशाम्बी में पुलिस कस्टडी से फरार 20 हजार रुपये के इनामी बदमाश इकरार उर्फ जानवर को मंगलवार शाम धूमनगंज पुलिस और क्राइम ब्रांच ने मुठभेड़ के बाद दबोच लिया। पुलिस की जवाबी फायरिंग में उसके पैर में गोली धंसी। बदमाश के कब्जे से लूटी गई बंदूक, तमंचा तथा बड़ी संख्या में कारतूस बरामद हुए हैं। कछार में छिपे इस बदमाश का कौशाम्बी के पूरामुफ्ती इलाके में बेहद खौफ था। उसकी गिरफ्तारी की खबर फैली तो लोगों ने राहत की सांस ली।
क्राइम ब्रांच को मंगलवार शाम धूमनगंज में नीमसराय में कछार के पास बदमाशों की मौजूदगी की सूचना मिली। इस पर स्वाट टीम प्रभारी जीतेंद्र पाल सिंह ने धूमनगंज थाने की पुलिस के साथ उधर घेराबंदी की। ग्यासुद्दीनपुर से मरियाडीह की तरफ जाने वाली सड़क पर दो लोग पुलिस को दिखे तो उन्हें रुकने का इशारा किया। मगर वे फायरिंग करने लगे। पुलिस ने भी आड़ में जाकर जवाबी फायरिंग की तो एक बदमाश गोली लगने पर घायल होकर गिर गया जबकि दूसरा भाग गया।
पुलिस करीब पहुंची तो पता चला कि बदमाश के दाहिने पैर में घुटने के पास गोली धंसी थी। पूछताछ में मालूम हुआ कि मुठभेड़ में गिरफ्तार अपराधी मोहम्मद इकरार कौशाम्बी में पूरामुफ्ती के उजहिनी गांव का रहने वाला है। पूरामुफ्ती पुलिस ने बताया कि इस कुख्यात अपराधी के खिलाफ हत्या कत्ल और कत्ल की कोशिश समेत 24 मुकदमे दर्ज हैं। दो साल पहले वह मंझनपुर में अदालत में पेशी पर ले जाते समय पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था। तब से उसकी तलाश हो रही थी। फरारी के दौरान भी वह पूरामुफ्ती इलाके में लगातार अपराध करता रहा। उसकी गिरफ्तारी पर आईजी स्तर से 20 हजार रुपये का पुरस्कार घोषित कर दिया गया था।
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अपराधी इकरार की हरकतों से इलाके में लोग बेहद दहशत में थे। खौफ का आलम यह था कि वह घर से जबरन लड़कियां कछार में उठा ले जाता और मनमानी करने के बाद छोड़ता लेकिन लोग थाने में शिकायत की हिम्मत नहीं जुटा पाते थे। बदमाश खुलेआम धमकी देता था कि थाने गए तो गोली से उड़ा देगा। फरारी के दौरान उसने तीन लोगों को गोली मार दी। उसके डर से कई परिवार उजहिनी गांव से दूर किराए के मकान में रहने लगे थे। वह गंगा के कछार में छिपकर नाविकों, पशु व्यापारियों और किसानों से लूटपाट भी करता। सहमे लोग उसे खुद रंगदारी पहुंचाने लगे थे। धूमनगंज और पूरामुफ्ती के कछार में फरारी काट रहे जानवर को पुलिस नहीं दबोच पा रही थी। पता चला है कि वह हत्या की सुपारी भी लेने लगा था। उसके पास लूटी गई दोनाली बंदूक के साथ ही 50 से ज्यादा कारतूस बरामद हुए।
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क्राइम ब्रांच को मंगलवार शाम धूमनगंज में नीमसराय में कछार के पास बदमाशों की मौजूदगी की सूचना मिली। इस पर स्वाट टीम प्रभारी जीतेंद्र पाल सिंह ने धूमनगंज थाने की पुलिस के साथ उधर घेराबंदी की। ग्यासुद्दीनपुर से मरियाडीह की तरफ जाने वाली सड़क पर दो लोग पुलिस को दिखे तो उन्हें रुकने का इशारा किया। मगर वे फायरिंग करने लगे। पुलिस ने भी आड़ में जाकर जवाबी फायरिंग की तो एक बदमाश गोली लगने पर घायल होकर गिर गया जबकि दूसरा भाग गया।
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पुलिस करीब पहुंची तो पता चला कि बदमाश के दाहिने पैर में घुटने के पास गोली धंसी थी। पूछताछ में मालूम हुआ कि मुठभेड़ में गिरफ्तार अपराधी मोहम्मद इकरार कौशाम्बी में पूरामुफ्ती के उजहिनी गांव का रहने वाला है। पूरामुफ्ती पुलिस ने बताया कि इस कुख्यात अपराधी के खिलाफ हत्या कत्ल और कत्ल की कोशिश समेत 24 मुकदमे दर्ज हैं। दो साल पहले वह मंझनपुर में अदालत में पेशी पर ले जाते समय पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था। तब से उसकी तलाश हो रही थी। फरारी के दौरान भी वह पूरामुफ्ती इलाके में लगातार अपराध करता रहा। उसकी गिरफ्तारी पर आईजी स्तर से 20 हजार रुपये का पुरस्कार घोषित कर दिया गया था।
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अपराधी इकरार की हरकतों से इलाके में लोग बेहद दहशत में थे। खौफ का आलम यह था कि वह घर से जबरन लड़कियां कछार में उठा ले जाता और मनमानी करने के बाद छोड़ता लेकिन लोग थाने में शिकायत की हिम्मत नहीं जुटा पाते थे। बदमाश खुलेआम धमकी देता था कि थाने गए तो गोली से उड़ा देगा। फरारी के दौरान उसने तीन लोगों को गोली मार दी। उसके डर से कई परिवार उजहिनी गांव से दूर किराए के मकान में रहने लगे थे। वह गंगा के कछार में छिपकर नाविकों, पशु व्यापारियों और किसानों से लूटपाट भी करता। सहमे लोग उसे खुद रंगदारी पहुंचाने लगे थे। धूमनगंज और पूरामुफ्ती के कछार में फरारी काट रहे जानवर को पुलिस नहीं दबोच पा रही थी। पता चला है कि वह हत्या की सुपारी भी लेने लगा था। उसके पास लूटी गई दोनाली बंदूक के साथ ही 50 से ज्यादा कारतूस बरामद हुए।