मोबाइल कॉल डिटेल में कातिलों की तलाश
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इलाहाबाद। वकील दीपचंद्र शुक्ला की हत्या की जांच कर रही पुलिस ने उनके मोबाइल फोन की कॉल डिटेल हासिल कर ली है। पुलिस को कॉल डिटेल के जरिए संदिग्ध कातिलों के बारे में सुराग भी मिलने की बात सामने आ रही है। पुलिस ने शाम तक कई लोगों को पूछताछ के लिए सिविल लाइंस थाने बुलाया। हालांकि एक वकील के कत्ल का मामला होने के कारण पुलिस अधिकारी अभी इस बारे में कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं।
अधिवक्ता दीपचंद्र की हत्या को पुलिस अधिकारी बेहद गंभीरता से ले रहे हैं। सूबेदारगंज में मिले शव की शिनाख्त होने पर वकील के कत्ल का पता चला तो हाईकोर्ट से लेकर जिला अदालत और एसआरएन अस्पताल के आसपास पुलिस ने चौकसी बढ़ा दी थी। पुलिस फोर्स के अलावा पीएसी की भी टुकड़ियां तैनात कर दी गई थीं। कई थानों की पुलिस चीरघर पर भी मुस्तैद रही। शिनाख्त के बाद से ही सिविल लाइंस थाना प्रभारी महेश पांडेय ने क्राइम ब्रांच के साथ मिलकर हत्याकांड की छानबीन शुरू कर दी। दीपचंद्र की बाइक तो लावारिस मिल गई लेकिन मोबाइल फोन, पर्स, चश्मा, घड़ी नदारद है। इसमें पुलिस के लिए सबसे अहम है मोबाइल फोन। पुलिस ने क्राइम ब्रांच के जरिए मोबाइल फोन की कॉल डिटेल हासिल कर उसे खंगाला। पत्नी के फोन के अलावा दो ऐसे नंबर थे जिन्हें पुलिस ने खासतौर से जांच के दायरे में लिया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, रविवार सुबह दीपचंद्र जिस व्यक्ति से फोन पर बात करने के बाद घर से बाइक पर निकले थे, उसे मुख्य संदिग्ध मानकर तलाश की जा रही है।
बाइक हाईकोर्ट के पास लावारिस मिली। उस जगह पर किसी को जबरन खींचकर फोर व्हीलर में अगवा किया जाता तो हल्ला मचता और पुलिस को खबर मिलती। ऐसे में यह माना गया है कि हाईकोर्ट के पास बाइक खड़ीकर दीपचंद्र खुद किसी फोर व्हीलर में बैठे। यह भी तय है कि फोर व्हीलर में बैठाने वाले लोग दीपचंद्र के करीबी थे। शाम तक पुलिस ने संदिग्धों की सूची बनाकर कई लोगों की तलाश शुरू की। कुछ लोगों को थाने बुलाकर पूछताछ की।
वकील हत्याकांड की जांच में जुटी पुलिस ने कातिलों का सुराग लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज भी चेक कर रही है। खासतौर से पुलिस हाईकोर्ट पेट्रोल पंप के आसपास सीसीटीवी फुटेज देख रही है जहां वकील की बाइक लावारिस मिली है। पुलिस मान रही है कि दीप वहां बाइक से उतरकर फोर व्हीलर में बैठे। फुटेज से कम से कम गाड़ी का तो पता चल ही जाएगा कि वह कौन सी थी। रात में क्राइम ब्रांच के साथ पुलिस ने हाईकोर्ट के आसपास काफी छानबीन की। रात में आईजी जोन ने भी सिविल लाइंस इंस्पेक्टर को बुलाकर तफ्तीश पर विचार-विमर्श किया।
वकील दीपचंद्र के गांव साढ़ो में उनके कत्ल की खबर पहुंची तो लोग सन्न रह गए। परिवार और रिश्तेदार में मातम पसर गया। बहुत से लोग तो शहर में पोस्टमार्टम हाउस रवाना हो गए। ग्रामीणों से बातचीत में पता चला कि दीपचंद्र नागा निरंकारी इंटर कॉलेज के प्रबंधक भी थे इसलिए उनका वहां आना-जाना लगा रहता था। वकालत से पहले शहर में रहने के दौरान वह गांव में बताते कि डॉक्टरी कर रहे हैं।