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मैंने दे दिया अंशदान, आप भी करें योगदान
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Mon, 16 Mar 2015 12:28 AM IST
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इलाहाबाद। सोशल साइट्स पर चल रही दरोगा शैलेंद्र सिंह के लिए चंदा जुटाने की मुहिम जोर पकड़ती जा रही है। अब तक तो सिर्फ दरोगा की पत्नी सपना सिंह के खाते का नंबर देकर रुपये जमा कराने का फेसबुक, वाट्स एप के माध्यम से अनुरोध किया जा रहा था लेकिन अब जमापर्चियां भी जारी की जा रही हैं। वाट्स एप ग्रुप और फेसबुक पर दरोगा की पत्नी के खाते में रुपये जमा कराने की स्लिप शेयर करके सभी पुलिस वालों से मुहिम में मदद मांगी गई है।
वाट्स एप पर जमा पर्ची स्लिप को शेयर करने की शुरुआत सीतापुर से हुई। सीतापुर में तैनात एक दरोगा ने सपना सिंह के खाते में 20 हजार रुपये जमा कराए। उसने अपने दोस्तों के साथ स्लिप वाट्स एप पर शेयर की तो गुपचुप तरीके से चंदा जुटाने के अभियान में जुटे दरोगा, सिपाही ताल ठोंककर मैदान में कूद पड़े। अब मुहिम चंदा जुटाने से ज्यादा यह जताने पर केंद्रित हो गई है कि ‘हम शैलेंद्र के साथ हैं’। मुहिम में तेजी आईपीएस अमिताभ ठाकुर के खुल्लम खुल्ला एक दिन का वेतन दरोगा के परिवार को देने की पेशकश के बाद आई है। जिले में तैनात एक दरोगा का दावा है कि अब तक पांच लाख रुपये से ज्यादा जुटाए जा चुके हैं।
दरोगा शैलेंद्र सिंह पुलिस महकमे के लिए किसी हीरो से कम नहीं। इलाहाबाद में तैनात एक एसओ ने वाट्स एप ग्रुप पर सभी से अनुरोध कर डाला कि प्रोफाइल में अपनी जगह शैलेंद्र सिंह की फोटो लगाएं। इसके बाद देखते ही देखते तीन दरोगाओं ने अपनी प्रोफाइल पिक्चर को बदल दिया। एसओ ने यह संदेश कई ग्रुप में डाला है।
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दो इंस्पेक्टर और दो सब इंस्पेक्टर का जिले के बाहर तबादला करने से पुलिस महकमे में काफी गुस्सा है। इस पर खुलकर विरोध जताया जा रहा है। सत्ता के करीबी एक दरोगा ने ही वाट्स एप ग्रुप पर कमेंट किया कि कुर्सी के लिए इंस्पेक्टर सिविल लाइंस अमरनाथ यादव, क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर मनोज रघुवंशी, एसआई अजय सिंह और विनोद यादव को बली का बकरा बनाया गया। इस कार्रवाई पर खुलकर दरोगा और सिपाही विरोध जता रहे हैं।
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वाट्स एप पर जमा पर्ची स्लिप को शेयर करने की शुरुआत सीतापुर से हुई। सीतापुर में तैनात एक दरोगा ने सपना सिंह के खाते में 20 हजार रुपये जमा कराए। उसने अपने दोस्तों के साथ स्लिप वाट्स एप पर शेयर की तो गुपचुप तरीके से चंदा जुटाने के अभियान में जुटे दरोगा, सिपाही ताल ठोंककर मैदान में कूद पड़े। अब मुहिम चंदा जुटाने से ज्यादा यह जताने पर केंद्रित हो गई है कि ‘हम शैलेंद्र के साथ हैं’। मुहिम में तेजी आईपीएस अमिताभ ठाकुर के खुल्लम खुल्ला एक दिन का वेतन दरोगा के परिवार को देने की पेशकश के बाद आई है। जिले में तैनात एक दरोगा का दावा है कि अब तक पांच लाख रुपये से ज्यादा जुटाए जा चुके हैं।
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दरोगा शैलेंद्र सिंह पुलिस महकमे के लिए किसी हीरो से कम नहीं। इलाहाबाद में तैनात एक एसओ ने वाट्स एप ग्रुप पर सभी से अनुरोध कर डाला कि प्रोफाइल में अपनी जगह शैलेंद्र सिंह की फोटो लगाएं। इसके बाद देखते ही देखते तीन दरोगाओं ने अपनी प्रोफाइल पिक्चर को बदल दिया। एसओ ने यह संदेश कई ग्रुप में डाला है।
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दो इंस्पेक्टर और दो सब इंस्पेक्टर का जिले के बाहर तबादला करने से पुलिस महकमे में काफी गुस्सा है। इस पर खुलकर विरोध जताया जा रहा है। सत्ता के करीबी एक दरोगा ने ही वाट्स एप ग्रुप पर कमेंट किया कि कुर्सी के लिए इंस्पेक्टर सिविल लाइंस अमरनाथ यादव, क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर मनोज रघुवंशी, एसआई अजय सिंह और विनोद यादव को बली का बकरा बनाया गया। इस कार्रवाई पर खुलकर दरोगा और सिपाही विरोध जता रहे हैं।