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गिरफ्तार छात्रों के मामले में सीएम से बात करेंगे गवर्नर
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 08 Jun 2018 01:03 AM IST
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय
- फोटो : self
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में हॉस्टल वॉशआउट को लेकर हुए बवाल में गिरफ्तारी किए छात्रों के मामले में गवर्नर राम नाईक प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात करेंगे। बृहस्पतिवार को राज्यपाल राज्यपाल से मिलने पहुंचे पूर्व सांसद एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी को यह आश्वासन मिला। कांग्रेस नेता ने छात्रों पर दर्ज मुकदमा वापस लिए जाने की मांग की और गिरफ्तार छात्रों की जेल बदले जाने पर विरोध भी दर्ज कराया।
प्रमोद तिवारी ने राज्यपाल राम नाईक से हुई मुलाकात में कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश के गृहमंत्री भी हैं, उन्हें इस अमानवीय प्रकरण में सीधे हस्तक्षेप करना चाहिए। अपनी मांगों के लिए आवाज उठा रहे छात्र आंदोलनकारी हो सकते हैं और ज्यादा से ज्यादा राजनैतिक आंदोलनकारी, ऐसे में उनके साथ अपराधियों जैसा सलूक करना सरासर अन्यायपूर्ण और अमानवीय है। इस भीषण गर्मी में छात्रों को हॉस्टल से निकालकर सड़क पर लाने का निर्णय भी अमानवीय है। छात्र कोई अपराधी नहीं हैं कि उन्हें एक जेल से दूसरी जेल में भेजा जा रहा है। उन्होंने राज्यपाल से कहा कि प्रदेश में संवैधानिक संस्था का मुखिया होने के नाते वह मुख्यमंत्री से बात करें। मामला लॉ एंड ऑर्डर से जुड़ा है और इस पर प्रदेश सरकार निर्णय ले सकती है। राज्यपाल ने प्रमोद तिवारी को अश्वासन दिया कि वह इस मामले में मुख्यमंत्री से सीधे बात करेंगे। कांग्रेस नेता ने राज्यपाल के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन भी प्रेषित किया।
एबीवीपी के कई नेता बृहस्पतिवार को प्रतापगढ़ जेल पहुंचे और वहां बंद इविवि के छात्र नेताओं से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। इसके बाद एबीवीपी के नेता कौशाम्बी जेल पहुंचे और वहां भी छात्र नेताओं से मुलाकात की। इसके साथ ही एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने एडीएम सिटी के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन भी प्रेषित किया।
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मांग की गई कि हॉस्टल वॉशआउट के निर्णय को पूरी तरह से वापस लिया जाए और मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से भेजी गई हाई पावर कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर कुलपति के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। सभी छात्रों पर संगीन धाराओं में दर्ज मुकदमे तत्काल वापस लिए जाएं और जब तक छात्रों की रिहाई न हो, उन्हें एक ही जेल में रखा जाए, क्योंकि निर्दोष छात्रों पर जिला प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई से सभी छात्रों में रोष व्याप्त है और इससे सरकार की छवि भी धूमिल हो रही है। यह मांग भी की गई कि रजिस्ट्रार को उनके अधिकार लौटाए जाएं। इस मौके पर एबीवीपी के राष्ट्रीय मंत्री रोहित मिश्र समेत विक्रांत सिंह, आनंद सिंह, सूरज मिश्र, दिनेश यादव, हरिओम त्रिपाठी, शेखर विक्रम सिंह, वीरेंद्र सिंह चौहान, चंद्रजीत यादव, अश्विनी कुमार, अनुराग मिश्र, राकेश भारतीय, अनुज शुक्ल आदि मौजूद रहे।
समाजवादी नेताओं ने बृहस्पतिवार को चित्रकूट जेल में बंद छात्रसंघ अध्यक्ष अविनीश कुमार यादव से मुलाकात की। अध्यक्ष ने उनसे कहा कि छात्र हितों के लिए अंतिम सांस तक लड़ने के लिए तैयार हैं। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष एवं सपा नेता विनोद चंद्र दुबे ने कहा कि आठ जून को इविवि छात्रसंघ भवन में पूर्व अध्यक्षों एवं पूर्व पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे और एक टीम बनाकर अलग-अलग जेलों में बंद छात्रों से मिलने जाएंगे। उनपर दर्ज फर्जी मुकदमे वापस लिए जाने की मांग की जाएगी और ऐसा नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। समाजवादी छात्रसभा के जिलाध्यक्ष अखिलेश गुप्ता ने कहा कि इविवि प्रशासन, पुलिस प्रशासन और सत्ता में बैठे लोग जल्द ही घुटने टेकेंगे। सत्य की जीत होगी। प्रतापगढ़ जेल में बंद छात्र नेताओं से मिलने वालों में एमएलसी बासुदेव यादव समेत निर्भय सिंह पटेल, निधि यादव, भूपेंद्र सिंह यादव, अजीत विधायक, अनुज चंद्र, ओमकार यादव, मृत्युंजय यादव, सतीश यादव, आशीष यादव आदि शामिल रहे।
इलाहाबाद। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने हॉस्टल वॉशआउट को लेकर हुए बवाल के लिए इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) प्रशासन को दोषी ठहराया है। एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष कोमलाक्ष नारायण गिरि ने मांग की है कि सभी छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं। छात्रों को एक ही जेल में रखा जाए और रजिस्ट्रार को पुन: उनके पद पर बहाल किया जाए।
हॉस्टल वॉशआउट के मामले में हुए बवाल के दौरान गिरफ्तार किए छात्रों को रिहा किए जाने और उन पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाने की मांग को लेकर अधिवक्ता भी आगे आए हैं। बृहस्पतिवार को सिविल लाइंस में हुई अधिवक्ताओं की बैठक में छात्रों पर लाठीचार्ज और गिरफ्तारी की निंदा की गई। साथा ही छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए तो अधिवक्ता भी आंदोलन करेंगे। बैठक में रूपनाथ यादव, शशिभाल सिंह यादव, संजीव उपाध्याय, अमरनाथ विश्वकर्मा, इष्टदेव विश्वकर्मा, रामचंद्र यादव, नीरज तिवारी, राजेश मिश्र, रंजीत सिंह आदि मौजूद रहे।
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प्रमोद तिवारी ने राज्यपाल राम नाईक से हुई मुलाकात में कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश के गृहमंत्री भी हैं, उन्हें इस अमानवीय प्रकरण में सीधे हस्तक्षेप करना चाहिए। अपनी मांगों के लिए आवाज उठा रहे छात्र आंदोलनकारी हो सकते हैं और ज्यादा से ज्यादा राजनैतिक आंदोलनकारी, ऐसे में उनके साथ अपराधियों जैसा सलूक करना सरासर अन्यायपूर्ण और अमानवीय है। इस भीषण गर्मी में छात्रों को हॉस्टल से निकालकर सड़क पर लाने का निर्णय भी अमानवीय है। छात्र कोई अपराधी नहीं हैं कि उन्हें एक जेल से दूसरी जेल में भेजा जा रहा है। उन्होंने राज्यपाल से कहा कि प्रदेश में संवैधानिक संस्था का मुखिया होने के नाते वह मुख्यमंत्री से बात करें। मामला लॉ एंड ऑर्डर से जुड़ा है और इस पर प्रदेश सरकार निर्णय ले सकती है। राज्यपाल ने प्रमोद तिवारी को अश्वासन दिया कि वह इस मामले में मुख्यमंत्री से सीधे बात करेंगे। कांग्रेस नेता ने राज्यपाल के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन भी प्रेषित किया।
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एबीवीपी के कई नेता बृहस्पतिवार को प्रतापगढ़ जेल पहुंचे और वहां बंद इविवि के छात्र नेताओं से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। इसके बाद एबीवीपी के नेता कौशाम्बी जेल पहुंचे और वहां भी छात्र नेताओं से मुलाकात की। इसके साथ ही एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने एडीएम सिटी के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन भी प्रेषित किया।
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मांग की गई कि हॉस्टल वॉशआउट के निर्णय को पूरी तरह से वापस लिया जाए और मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से भेजी गई हाई पावर कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर कुलपति के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। सभी छात्रों पर संगीन धाराओं में दर्ज मुकदमे तत्काल वापस लिए जाएं और जब तक छात्रों की रिहाई न हो, उन्हें एक ही जेल में रखा जाए, क्योंकि निर्दोष छात्रों पर जिला प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई से सभी छात्रों में रोष व्याप्त है और इससे सरकार की छवि भी धूमिल हो रही है। यह मांग भी की गई कि रजिस्ट्रार को उनके अधिकार लौटाए जाएं। इस मौके पर एबीवीपी के राष्ट्रीय मंत्री रोहित मिश्र समेत विक्रांत सिंह, आनंद सिंह, सूरज मिश्र, दिनेश यादव, हरिओम त्रिपाठी, शेखर विक्रम सिंह, वीरेंद्र सिंह चौहान, चंद्रजीत यादव, अश्विनी कुमार, अनुराग मिश्र, राकेश भारतीय, अनुज शुक्ल आदि मौजूद रहे।
समाजवादी नेताओं ने बृहस्पतिवार को चित्रकूट जेल में बंद छात्रसंघ अध्यक्ष अविनीश कुमार यादव से मुलाकात की। अध्यक्ष ने उनसे कहा कि छात्र हितों के लिए अंतिम सांस तक लड़ने के लिए तैयार हैं। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष एवं सपा नेता विनोद चंद्र दुबे ने कहा कि आठ जून को इविवि छात्रसंघ भवन में पूर्व अध्यक्षों एवं पूर्व पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे और एक टीम बनाकर अलग-अलग जेलों में बंद छात्रों से मिलने जाएंगे। उनपर दर्ज फर्जी मुकदमे वापस लिए जाने की मांग की जाएगी और ऐसा नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। समाजवादी छात्रसभा के जिलाध्यक्ष अखिलेश गुप्ता ने कहा कि इविवि प्रशासन, पुलिस प्रशासन और सत्ता में बैठे लोग जल्द ही घुटने टेकेंगे। सत्य की जीत होगी। प्रतापगढ़ जेल में बंद छात्र नेताओं से मिलने वालों में एमएलसी बासुदेव यादव समेत निर्भय सिंह पटेल, निधि यादव, भूपेंद्र सिंह यादव, अजीत विधायक, अनुज चंद्र, ओमकार यादव, मृत्युंजय यादव, सतीश यादव, आशीष यादव आदि शामिल रहे।
इलाहाबाद। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने हॉस्टल वॉशआउट को लेकर हुए बवाल के लिए इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) प्रशासन को दोषी ठहराया है। एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष कोमलाक्ष नारायण गिरि ने मांग की है कि सभी छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं। छात्रों को एक ही जेल में रखा जाए और रजिस्ट्रार को पुन: उनके पद पर बहाल किया जाए।
हॉस्टल वॉशआउट के मामले में हुए बवाल के दौरान गिरफ्तार किए छात्रों को रिहा किए जाने और उन पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाने की मांग को लेकर अधिवक्ता भी आगे आए हैं। बृहस्पतिवार को सिविल लाइंस में हुई अधिवक्ताओं की बैठक में छात्रों पर लाठीचार्ज और गिरफ्तारी की निंदा की गई। साथा ही छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए तो अधिवक्ता भी आंदोलन करेंगे। बैठक में रूपनाथ यादव, शशिभाल सिंह यादव, संजीव उपाध्याय, अमरनाथ विश्वकर्मा, इष्टदेव विश्वकर्मा, रामचंद्र यादव, नीरज तिवारी, राजेश मिश्र, रंजीत सिंह आदि मौजूद रहे।