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जलालत ने बना दिया जल्लाद

Mon, 19 Sep 2016 01:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद Updated Mon, 19 Sep 2016 01:19 AM IST
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five murder in allahabad
crime
शिवकुटी थाने के पास हुए सामूहिक हत्याकांड के पीछे लगातार अपमान की वजह से उपजा आक्रोश था। मारे गए मोहर्रम सपेरा का छोटा भाई राजन सपेरा भाई-भतीजों द्वारा हर बात पर अपमानित करने तथा पैतृक जायदाद के बंटवारे में मनमानी से बेहद खफा था। अक्सर झिड़कियों और पत्नी पर भी लांछन लगाने से उसके भीतर उबाल आता गया, जिसका नतीजा खौफनाक घटना के रूप में सामने आया है। घटना का पता चलने के महज घंटे भर के भीतर चचेरे भाई समेत पकड़े जाने पर उसने पूछताछ में गुनाह कुबूल वारदात के बारे में सिलसिलेवार सब कुछ बयान कर दिया।
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रविवार सुबह करीब साढ़े सात बजे शिवकुटी पुलिस को घटना की जानकारी मिलने के घंटे भर के भीतर आईजी डॉ.केएस प्रताप कुमार, कमिश्नर राजन शुक्ला, एसएसपी जोगेंद्र कुमार, डीएम संजय कुमार, एसपी क्राइम रमाकांत प्रसाद, एसपी सिटी राजेश यादव मौके पर पहुंच गए। फोरेंसिक टीम और क्राइम ब्रांच प्रभारी जेपी राय को भी बुला लिया गया। पुलिस ने घटनास्थल पर छानबीन शुरू की। मारे गए मोहर्रम के परिजनों, रिश्तेदारों और पड़ोसियों से बात की गई। उधर, हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बाद एसआरएन अस्पताल में भर्ती मोहर्रम की पत्नी दिदिया का मजिस्ट्रेट के समक्ष  बयान कराया गया तो उसने अपने देवर राजन का नाम लिया। कुछ ही देर बाद क्राइम ब्रांच ने राजन को पकड़ लिया। उसे शिवकुटी थाने ले जाकर पूछताछ की गई तो कुछ देर तक गुमराह करने के बाद उसने कुबूला कि यह कारनामा उसने ही किया है।
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घटना में उसका चचेरा भाई सूरज सपेरा पुत्र हैदर भी शामिल था। उसे भी पकड़ लिया गया। पुलिस ने राजन की आपे गाड़ी (छोटा हाथी) बरामद की जिसमें मोहर्रम की पत्नी दिदिया के सोने-चांदी के आभूषण थे। राजन ने कत्ल के बाद भागने के इरादे से अपनी पत्नी सुमन के भी गहने और कुछ सामान गाड़ी में रखे थे। बड़े भाई के घर से लूटे गए 32 हजार रुपये उसकी जेब में मिले। राजन और सूरज की निशानदेही पर क्राइम ब्रांच ने करीब तीन किलोमीटर दूर शिवपुरी कॉलोनी जाकर नाले में कपड़े में बांधकर फेंका गया चापड़, पेचकस, रॉड, दस्ताने तथा उन दोनों के खून सने कपड़े बरामद कर लिए। दोपहर एक बजे सामूहिक हत्याकांड के मुख्य आरोपी राजन सपेरा को चचेरे भाई सूरज सपेरा समेत पुलिस लाइन में मीडिया के सामने पेश किया गया।
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आईजी डॉ.केएस प्रताप कुमार ने बताया कि तीन भाइयों में छोटे राजन के भीतर खुद से 20 साल बड़े भाई मोहर्रम के खिलाफ पिछले दो साल के भीतर गुस्सा भरता गया था। उनके पिता भग्गूलाल की तकरीबन दो साल पहले ट्रेन से गिरकर मौत हो गई थी। राजन को शक है कि बड़े भाई मोहर्रम ने पिता को जानबूझकर ट्रेन से धकेलकर मार डाला था। मगर पुलिस को जानकारी दिए बिना मोहर्रम ने शव की अंत्येष्टि कर दी। पिता की मौत से पहले मोहर्रम ने चौफटका स्थित मकान दबाव डालकर अपने नाम लिखा लिया था। राजन का कहना है कि उसने विरोध किया लेकिन उसकी नहीं सुनी गई। चौफटका का मकान अपने नाम करने के बाद भी मोहर्रम ने शिवकुटी थाने के करीब पूरा गड़ेरिया मुहल्ले वाले घर से कब्जा नहीं छोड़ा। इस मनमानी से नाराज राजन को बड़े भाई और भतीजे-भतीजियों से लगातार अपमानित भी होना पड़ रहा था। रोज-रोज की जलालत और झगडे़ से परेशान होकर वह घर छोड़कर पत्नी सुमन और चार साल केबेटे राज के साथ फाफामऊ की शांतिपुरम कॉलोनी में किराए के कमरे में रहने लगा था।


एसएसपी जोगेंद्र कुमार के मुताबिक, राजन के दिल में क्रोध की चिंगारी सुलगती रही। उसने अपमान और पिता के कत्ल का बदला लेने की ठान ली। इसी इरादे से वह दो महीने पहले पत्नी और बेटे के साथ वापस शिवकुटी थाने के निकट पैतृक मकान में आकर रहने लगा। गुजारे के लिए वह आपे खरीदकर चलाने लगा था। इधर एक महीने से वह बड़े भाई मोहर्रम को परिवार सहित खत्म करने की साजिश का ताना-बाना बुनने लगा था। इसकी खातिर उसने चचेरे भाई सूरज सपेरा को भी साथ देेने के लिए राजी कर लिया। पूरी तैयारी के बाद शनिवार रात उन दोनों ने हत्याकांड अंजाम देने का मंसूबा बनाया। आधी रात करीब एक बजे राजन और सूरज चापड़ और पेचकस लेकर मकान के पिछले हिस्से से पहले तल पर मोहर्रम के कमरे पर पहुंचे। मोहर्रम टीन शेड के नीचे पलंग पर बेटे विशाल उर्फ शुभम के साथ सोया था। पत्नी दिदिया चार बच्चों के साथ बगल के कमरे में थी। कमरे का दरवाजे में बाहर से सिटकनी लगा दी। सूरज ने मोहर्रम के पैर पकड़े तो राजन ने उसके गले पर चापड़ से वार कर दिए। इसी तरह विशाल को भी मार डाला। फिर दरवाजा खोला तो मोहर्रम की पत्नी दिदिया जग चुकी थी। उसने विरोध करते हुए राजन के हाथ पर चाकू मार दिया। घायल राजन ने भाभी दिदिया के गले पर पीछे से चापड़ से वार किए तो वह लहूलुहान होकर गिर गई। फिर उन दोनों ने बादल उर्फ छोटू को भी चापड़ से मार डाला।16 वर्षीय रानी के हाथ उसके ही सलवार के नाडे़ से बांधने के बाद चापड़ और पेचकस से वारकर मौत की नींद सुला दिया। दस साल की बबिता उर्फ बिल्लो दहशत में चुपचाप एक कोने में खड़ी थी। उसे भी खींचकर हाथ कसने के बाद आंखों पर पट्टी बांधी, फिर उसकी भी गर्दन काट दी।



एसएसपी के अनुसार, राजन ने बताया कि भाई-भाभी और उनके चार बच्चों पर हमले के बाद उन दोनों ने घर में रखे सोने-चांदी के गहने बटोरे, 32 हजार रुपये नगद भी हथिया लिए। फिर पिछले रास्ते से उतरकर उन दोनों ने अपने खून सने कपड़े बदले। हाथ-पैर धुले। रक्तरंजित कपड़े, चापड़, पेचकस, रॉड को काले गमछे में बांधकर वे दोनों आपे गाड़ी से शिवपुरी पहुंचे। वहां पोटली को नाले में डालकर वे घर लौटकर सो गए। सुबह कबाड़ी रोजन के आने पर जब काफी देर तक खटखटाने पर भी दरवाजा नहीं खुला तो हल्ला मचा। कातिल राजन और सूरज भी आ गए। उन दोनोें ने सबके साथ धक्का देकर दरवाजा तोड़ा। हमले में जीवित बची भाभी दिदिया को हमलावर राजन ही अपनी गाड़ी से एसआरएन अस्पताल ले गया। वह बयान देने लगी तो उसे इमरजेंसी वार्ड में छोड़कर राजन भाग आया। एसएसपी ने बताया कि क्राइम ब्रांच प्रभारी जेपी राय ने टीम के साथ घेरकर राजन और सूरज को तेलियरगंज चुंगी पर गाड़ी समेत पकड़ा। वे दोनों भागने की फिराक में थे। उनकी निशानदेही पर नाले से औजार, कपड़े की पोटली बरामद की गई।
 
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