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मेजा रेलवे क्रासिंग,ओवरब्रिज और महानगरी बम प्लांट का एक ही मास्टरमाइंड
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
Updated Sat, 06 Feb 2016 01:22 AM IST
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मेजा रेलवे क्रासिंग, महानगरी एक्सप्रेस और मेजा रेल ओवर ब्रिज पर बम प्लांट का आरोपी बेहद शातिर है। पुलिस भले ही इस शरारती तत्व की करतूत बता रही हो। लेकिन एक के बाद एक तीन बम प्लांट का मास्टरमाइंड एक ही है।
चूंकि जगह रखे गए बमों में काफी कुछ समानता है। रेलवे क्रासिंग, ओवरब्रिज और महानगरी एक्सप्रेस में रखे गए बम में काफी कुछ समानता है। तीनों बमों के साथ ही धमकी भरा पत्र भी मिला। पत्र अंग्रेजी में ही लिखा गया है। डिवाइस में भी लाल पीले रंग का इस्तेमाल किया गया है। इससे जाहिर है कि एक शातिर है जो बम रखकर पुलिस और जांच एजेंसियों को गुमराह कर रहा है। बम की तकनीक भी काफी कु छ मिल रही है।
हरबार आईईडी तकनीक का मिलता-जुलता रूप मिला है। जिस तरीके का वह इस्तेमाल कर रहा है। यह आम आदमी के बस की बात नहीं है। साथ मास्टरमाइंड के नक्सलियों और लाल सलाम से संबंध होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। चूंकि नक्सली अक्सर धमाकों में आईईडी तकनीक से ही विस्फोट करते है। पुलिस अफसरों का भी मानना है कि तीनों घटनाओं में एक ही शख्स का हाथ होने से इंकार नहीं कर रहे हैं। पुलिस तीनों पत्रों के लिखावट की जांच के लिए भेजा है। जांच के बाद मामला स्पष्ट होगा। बम प्लांट करने वाले शातिर का उद्देश्य बम विस्फोट का नहीं है बल्कि केवल दहशत फैलाना और पुलिस प्रशासन को चुनौती देना है। चूंकि तीनो ही जगह मिले बम के पास ही पत्र मिला है। ऐसे में मास्टरमाइंड का इरादा धमाके का होता तो पत्र दूसरी जगह रखता।
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चूंकि जगह रखे गए बमों में काफी कुछ समानता है। रेलवे क्रासिंग, ओवरब्रिज और महानगरी एक्सप्रेस में रखे गए बम में काफी कुछ समानता है। तीनों बमों के साथ ही धमकी भरा पत्र भी मिला। पत्र अंग्रेजी में ही लिखा गया है। डिवाइस में भी लाल पीले रंग का इस्तेमाल किया गया है। इससे जाहिर है कि एक शातिर है जो बम रखकर पुलिस और जांच एजेंसियों को गुमराह कर रहा है। बम की तकनीक भी काफी कु छ मिल रही है।
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हरबार आईईडी तकनीक का मिलता-जुलता रूप मिला है। जिस तरीके का वह इस्तेमाल कर रहा है। यह आम आदमी के बस की बात नहीं है। साथ मास्टरमाइंड के नक्सलियों और लाल सलाम से संबंध होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। चूंकि नक्सली अक्सर धमाकों में आईईडी तकनीक से ही विस्फोट करते है। पुलिस अफसरों का भी मानना है कि तीनों घटनाओं में एक ही शख्स का हाथ होने से इंकार नहीं कर रहे हैं। पुलिस तीनों पत्रों के लिखावट की जांच के लिए भेजा है। जांच के बाद मामला स्पष्ट होगा। बम प्लांट करने वाले शातिर का उद्देश्य बम विस्फोट का नहीं है बल्कि केवल दहशत फैलाना और पुलिस प्रशासन को चुनौती देना है। चूंकि तीनो ही जगह मिले बम के पास ही पत्र मिला है। ऐसे में मास्टरमाइंड का इरादा धमाके का होता तो पत्र दूसरी जगह रखता।
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