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अपार्टमेंट के बाहर बच्चे का शव रखकर हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Sat, 28 Mar 2015 11:56 PM IST
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सिविल लाइंस में तुलसियानी अपार्टमेंट के बाहर शनिवार को फिर से हंगामा हुआ। मनीष यादव उर्फ छोटू (12) का शव अपार्टमेंट के बाहर रखकर सागरपेशा बस्ती के लोगों ने हो-हल्ला शुरू कर दिया। शोरशराबा सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बस्ती वालों को समझा बुझाकर शांत करवाया। शव को छोटू के घर ले जाया गया। शाम को उसका अंतिम संस्कार किया गया।
लाल बहादुर शास्त्री मार्ग पर छोटू नवरात्र पर भोज के लिए शुक्रवार को तुलसियानी अपार्टमेंट में गया था। वह दूसरी मंजिल से लिफ्ट पर चढ़ने के चक्कर में धोखे से नीचे गिर पड़ा। छोटू ने लिफ्ट के फ्लोर का दरवाजा खुद खोला था। उसने कदम बढ़ाया लेकिन फ्लोर पर लिफ्ट नहीं थी। वह 40 फिट नीचे लिफ्ट के तल पर जा गिरा। पुलिस और विशेषज्ञ भी इस बात से हैरत में हैं कि लिफ्ट के फ्लोर का दरवाजा खुल कैसे गया। फ्लोर और लिफ्ट का दरवाजा एक साथ खुलता है। बिना लिफ्ट के ही दरवाजे के खुलने का मतलब है कि कोई बड़ी गड़बड़ी थी।
छोटू के शव का शनिवार को पोस्टमार्टम हुआ। शुक्रवार को पंचनामा भरने में देरी की वजह से पोस्टमार्टम नहीं हो सका। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह सिर की चोट को बताया गया है। शरीर के कई अन्य हिस्सों पर भी चोटें आई हैं। बच्चा दूसरी मंजिल से लिफ्ट के तल में गिर गया था और करीब आधे घंटे तक वहीं पर पड़ा रहा था।
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अपार्टमेंट की लिफ्ट में बच्चे की मौत के मामले में सामाजिक संगठनों ने भी आवाज उठानी शुरू कर दी है। सामाजिक एकता परिषद ने शनिवार को बैठक कर बच्चे के परिजनों को मुआवजा दिलाने की मांग की है। कहा गया कि लिफ्ट की खराबी के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। बैठक में ऋतंधरा मिश्रा, माता प्रसाद, आनंद स्वरूप, नितिन दुबे, अरुण यादव, रवि त्रिपाठी, अखिलानंद, शिवसेवक सिंह आदि मौजूद रहे।
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लाल बहादुर शास्त्री मार्ग पर छोटू नवरात्र पर भोज के लिए शुक्रवार को तुलसियानी अपार्टमेंट में गया था। वह दूसरी मंजिल से लिफ्ट पर चढ़ने के चक्कर में धोखे से नीचे गिर पड़ा। छोटू ने लिफ्ट के फ्लोर का दरवाजा खुद खोला था। उसने कदम बढ़ाया लेकिन फ्लोर पर लिफ्ट नहीं थी। वह 40 फिट नीचे लिफ्ट के तल पर जा गिरा। पुलिस और विशेषज्ञ भी इस बात से हैरत में हैं कि लिफ्ट के फ्लोर का दरवाजा खुल कैसे गया। फ्लोर और लिफ्ट का दरवाजा एक साथ खुलता है। बिना लिफ्ट के ही दरवाजे के खुलने का मतलब है कि कोई बड़ी गड़बड़ी थी।
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छोटू के शव का शनिवार को पोस्टमार्टम हुआ। शुक्रवार को पंचनामा भरने में देरी की वजह से पोस्टमार्टम नहीं हो सका। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह सिर की चोट को बताया गया है। शरीर के कई अन्य हिस्सों पर भी चोटें आई हैं। बच्चा दूसरी मंजिल से लिफ्ट के तल में गिर गया था और करीब आधे घंटे तक वहीं पर पड़ा रहा था।
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अपार्टमेंट की लिफ्ट में बच्चे की मौत के मामले में सामाजिक संगठनों ने भी आवाज उठानी शुरू कर दी है। सामाजिक एकता परिषद ने शनिवार को बैठक कर बच्चे के परिजनों को मुआवजा दिलाने की मांग की है। कहा गया कि लिफ्ट की खराबी के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। बैठक में ऋतंधरा मिश्रा, माता प्रसाद, आनंद स्वरूप, नितिन दुबे, अरुण यादव, रवि त्रिपाठी, अखिलानंद, शिवसेवक सिंह आदि मौजूद रहे।